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गिरजा शंकर विद्यार्थी ब्यूरों चीफ
अंबेडकरनगर किडनी के मरीजों के लिए बड़ी खबर है। जिला अस्पताल में आठ नई डायलिसिस मशीनें पहुंच गई हैं। यहां अभी 10 मशीनें स्थापित हैं। अब एक साथ आठ नई मशीनों के आ जाने से प्रतिदिन कुल 54 मरीजों को डायलिसिस की सुविधा मिल सकेगी। नई मशीनों को पखवाड़े भर में शुरू कर दिए जाने की तैयारी है। किडनी के मरीजों को निजी सेंटरों या फिर लखनऊ तक की दौड़ से बचाने के लिए जिला अस्पताल में डायलिसिस की सुविधा बढ़ाने की बड़ी पहल हुई है। अभी तक यहां 10 मशीनों से डायलिसिस होती है। इसके बाद भी मरीजों को भटकना पड़ता है। ऐसा इसलिए क्योंकि मरीजों की आमद को देखते हुए मशीनें कम हैं। कई मरीजों को निजी केंद्रों पर डायलिसिस कराने की मजबूरी बनी रहती है। इसे देखते हुए मशीनों की संख्या बढ़ाए जाने की मांग की जा रही थी। स्वास्थ्य विभाग की तरफ से शासन को प्रस्ताव भेजे गए थे। इसी क्रम में अब सोमवार को लखनऊ मुख्यालय से डायलिसिस की आठ नई मशीनें जिला अस्पताल को उपलब्ध हो गईं। मशीनों की संख्या बढ़ने से अब एक साथ प्रतिदिन 54 मरीजों की डायलिसिस की जा सकेगी। गौरतलब है कि जिला अस्पताल में 22 जुलाई 2021 को सबसे पहले डायलिसिस की सुविधा शुरू हुई थी। उस समय छह मशीनें स्थापित की गई थीं। ऐसे में एक दिन में 18 मरीजों की डायलिसिस होने लगी। इससे न सिर्फ अंबेडकरनगर जनपद बल्कि ईदगिर्द के जनपदों के मरीजों को लखनऊ तक दौड़ लगाने से राहत मिली थी। मरीजों की संख्या बढ़ने पर लगभग छह माह बाद ही और चार नई मशीनें जिला अस्पताल को उपलब्ध हो गईं। ऐसे में 10 मशीनों से प्रतिदिन औसतन 30 मरीजों की डायलिसिस होने लगी। अब इस सुविधा में वृद्धि करते हुए आठ नई मशीनें सोमवार को उपलब्ध हो गईं। जिला अस्पताल में मरीजों की डायलिसिस पूरी तरह से निशुल्क होती है। मशीन को संचालित करने वाली संस्था बीसीडीसी किडनी केयर नई दिल्ली से जुड़े राहुल कुमार ने बताया कि निशुल्क डायलिसिस सुविधा मिलने से मरीजों को बिना भागदौड़ के लाभ मिल रहा है। इन्हें इसके लिए दूरस्थ जनपदों की दौड़ लगाने से राहत मिल रही है। इससे न सिर्फ समय बचता है बल्कि आर्थिक राहत भी मिलती है। जिला अस्पताल को डायलिसिसके लिए आठ नई मशीनें उपलब्ध कराई गई हैं। अब प्रतिदिन औसतन 54 मरीजों की डायलिसिस की जा सकेगी। पखवाड़े भर के अंदर इन मशीनों से डायलिसिस की जाने लगेगी। – शुभम गिरि, रीजनल मैनेजर, बीसीडीसी केयर सेंटर न ई दिल्ली