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एडीओ पंचायत ने एक आरोपी को थाने में किया सुपुर्द
टांडा अंबेडकर नगर। (आशा भारती नेटवर्क) सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं को जन-जन तक पहुंचने में जहां एड़ी से लेकर चोटी तक पसीना बहाना पड़ता है तो वहीं बिहार से आकर के उत्तर प्रदेश में स्लोगन लगाने के नाम पर ₹50 की ठगी की जा रही है एक ही नहीं दर्जनों नहीं सैकड़ो की संख्या में ठगी का काम किया जा रहा है जिलाधिकारी अंबेडकर नगर के जनता दर्शन में बाकायदा एक पत्र पेश होने के बाद वहीं से डीपीआरओ के यहां पत्र भेजा जाता है फिर सहायक पंचायत अधिकारी के पास बाकायदा डाक बनाकर भिजवा दिया जाता है इसके बाद एडीओ पंचायत का हस्ताक्षर मोहर के आधार पर टांडा कोतवाल के मोहर के साथ अन्य लोगों को प्रतिलिपि भेज कर गांव-गांव में जमकर वसूली की जा रही स्लोगन लगाने के नाम पर हो रही ठगी के मामले में अवसानपुर ग्राम प्रधान गप्पू यादव द्वारा जब उच्चाधिकारियों से वार्ता की गई तो जानकारी प्राप्त हुई कि यह तो फ्राड हैं शासन से कोई दिशा निर्देश ही नहीं है यह तो जिलाधिकारी के जनता दर्शन में दिए गए प्रार्थना पत्र को शासन का निर्देश माना जा रहा है,
तो क्या सरकार को बदनाम करने के लिए कोई साजिश तो नहीं रची जा रही हैं ग्राम प्रधान गप्पू यादव के सूझबूझ के चलते कई ग्राम सभा के लोग ठगी होने से बच गए वहीं गप्पू प्रधान के द्वारा अन्य लोगों को जागरूक करने का काम किया तो महेशपुर ग्राम प्रधान व ग्रामीणों ने एक और ठग को पुलिस के हवाले किया
क्या है मामला
ग्राम पंचायत अवसानपुर, जियापुर, महेशपुर नैपुरा डांडी महमूदपुर सहित कई अन्य गांव में बिहार से आए हुए कुछ युवकों द्वारा पहले तो जिलाधिकारी को जनता दर्शन के नाम पर प्रार्थना पत्र दिया जाता है जिसमें स्लोगन लगाने के नाम पर 50-50 रुपए की वसूली करने का हवाला देकर एक लेटर एडीओ पंचायत के पास भेजकर अप्रूवल कर दिया गया अब एडियो पंचायत के नाम पर क्षेत्र में जमकर धनवाही की गई ग्रामीणों की शिकायत पर एडियो पंचायत के द्वारा 31 जुलाई को आदेश को निरस्त कर दिया जाता है,
उक्त मामले में एडियो पंचायत अखिलेश गोंड के द्वारा बताया जाता है कि हमारे द्वारा आदेश जारी किया गया है जब इस संबंध में उच्च अधिकारियों से वार्ता की जाती है तो उच्च अधिकारियों ने साफ मना कर दिया कहा कि ऐसा कोई सरकार का दिशा निर्देश ही नहीं है,अबे फंसे एडीओ पंचायत द्वारा बताया गया कि हमने आदेश निरस्त कर दिया था जो वसूली हो रही गलत है,
आरोपी पप्पू सिंह को बीडीओ टांडा के सुपुर्द
क्या कहा बीडीओ टांडा राघवेंद्र प्रताप सिंह ने
बीडीओ टांडा ने बताया कि घर घर पर स्लोगन नेमप्लेट आवास नम्बर जो लगाए जा रहे है वह फर्जी है सम्बन्धित एडीओ पंचायत के विरुद्ध स्पस्टीकरण मांगा गया है 50 -50 रुपये की वसूली करने का जो काम कर रहे है वह गलत है सम्बन्धित के विरुद्ध कानूनी कार्यवाही की जाएगी
क्या कहा डीपीआरओ ने
डीपीआरओ/पीडी ने बताया कि ऐसा मामला मेरे जानकारी में आया था मेरे द्वारा कोई आदेश जारी नही किया गया है जो भी यह कर रहे हैं उनके विरुद्ध मुकदमा पंजीकृत करवाने के लिए बीडीओ टांडा को निर्देशित किया गया है।
क्या कहा एडीओ पंचायत अखिलेश गौंड ने
एडीओ पंचायत ने बताया कि मेरे पास बिहार से आए लोगों द्वारा एक डीपीआओ द्वारा आदेश दिया गया कि हर गांव में घर का नम्बर दर्ज करवाने के लिए 50/50रुपये वसूली कर नेमप्लेट लगवाना हैं तो मेरे द्वारा दूसरा पत्र संख्या 162 जारी कर दिया गया जिसको लेकर क्षेत्र में कई लोगों द्वारा वसूली की जा रही थी बाद में जानकारी प्राप्त हुआ कि यह फ्राड हैं तो मेरे द्वारा आदेश 31जुलाई को ही निरस्त कर दिया गया फिर भी क्षेत्र में वसूली जारी रहा ग्रामीणों की शिकायत पर एक आरोपी को पकड़कर थाने में सुपुर्द कर दिया गया है तहरीर थानाध्यक्ष को दिया गया है मुकदमा पंजीकृत कर जेल भेजने का काम होगा
वहीं आदेश लेकिन मोहर गायब
एडीओ पंचायत द्वारा फर्जी तरीके से वसूली करने वाले पप्पू सिंह पुत्र जगदीश सिंह निवासी केवड़ी जनपद केवरही बिहार व ठेकेदार कृष्णा सिंह निवासी उपरोक्त के विरुद्ध शिकायत पत्र थाने में दिया
क्या कहा ग्राम प्रधान ने
ग्राम प्रधान प्रतिनिधि गप्पू यादव उर्फ विद्यासागर ने बताया कि पप्पू सिंह पुत्र जगदीश सिंह मेरे घर पर आकर मेरा गेट कूदकर घर में आए कहा पत्र पर मोहर लगा दो थानाध्यक्ष व एडीओ पंचायत का आदेश हैं जब मुझे शक हुआ तो अधिकारियों से बात करने पर बताया कि यह फ्राड हैं पहले भी इन्हें डाँटकर भगा दिया था लेकिन यह वसूली कर रहे है तो बीडीओ टांडा को निर्देशित किया गया है मुकदमा पंजीकृत कराए जिसके बाद उक्त को एडीओ पंचायत के यहाँ लेकर गए जहां से एडीओ पंचायत द्वारा थाने में पुलिस को सुपुर्द कर दिया है
क्या कहा थानाध्यक्ष ने
थानाध्यक्ष रितेश पाण्डेय ने बताया कि मामले की जानकारी प्राप्त है शिकायत की जांच कर उच्चाधिकारियों के निर्देश पर सम्बन्धित के विरुद्ध कार्यवाही की जाएगी
••••••• तो क्या बगैर आदेश के ही आम जनता के बीच फर्जी एडीओ पंचायत का आदेश लेकर वसूली हो रही थी अपनी बचाने के लिए एडीओ पंचायत ने आरोपी को बचाने के लिए भरकस प्रयास किया कई जगहों पर मैनेज करने का प्रयास किया लेकिन मीडियाकर्मियों के आने के पंचायत को तहरीर देनी ही पड़ी।