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गोविंदापुर गाटा संख्या 426 पर अमृत सरोवर सौंदर्यीकरण कार्य अधूरा, फिर भी मत्स्य पालन के लिए टेंडर जारी
गाटा संख्या 305 पर सरकारी स्कूल, सरकारी नलकूप और आबादी से अच्छंदित फिर भी निकली नीलामी प्रक्रिया
भीटी अंबेडकर नगर। (आशा भारती नेटवर्क) भीटी तहसील क्षेत्र के गोविंदापुर ग्राम सभा में अमृत सरोवर कार्य योजना के तहत गाटा संख्या 426 स्थित तालाब ‘पानाफूफू’ नाम से प्रसिद्ध का सौंदर्यीकरण कार्य अभी अधूरा है। तालाब की खुदाई व शेष कार्य पूरे न होने के बावजूद प्रशासन ने मत्स्य पालन के लिए नीलामी हेतु टेंडर जारी कर दिया है। इस पर ग्राम प्रधान सहित ग्रामीणों ने कड़ा एतराज जताया है। ग्रामीणों का कहना है कि उक्त तालाब धार्मिक महत्व का भी है, जहाँ समय-समय पर अनुष्ठान होते हैं। ऐसे में अधूरे कार्य और धार्मिक महत्व को देखते हुए नीलामी को रोकना न्यायसंगत है।
ग्राम प्रधान ने इस संबंध में लिखित शिकायत नायब तहसीलदार भीटी को सौंपी है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि इस समय नीलामी कर दी गई तो अमृत सरोवर योजना का उद्देश्य ही विफल हो जाएगा और तालाब अपने मूल स्वरूप में विकसित नहीं हो पाएगा।
इसी प्रकार गाटा संख्या 305 को लेकर भी विवाद सामने आया है। इस गाटा पर प्राथमिक विद्यालय, जूनियर विद्यालय, सरकारी नलकूप व आबादी का हिस्सा मौजूद है। ग्रामीणों का आरोप है कि इस स्थिति में तालाब के रकबा के बराबर भूमि पर स्कूल और नलकूप स्थापित है, शेष तालाब की कोई जमीन नहीं बचता, फिर भी मत्स्य पालन नीलामी के लिए टेंडर निकाल दिया गया है। बताया गया कि संबंधित लेखपाल ने अपनी रिपोर्ट में भी स्पष्ट किया है कि यहाँ नीलामी उचित नहीं है, लेकिन इसके बावजूद प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।
ग्रामीणों का कहना है कि जिम्मेदार अधिकारी नियमों की अनदेखी कर तालाब की नीलामी कर रहे हैं। स्थिति यहाँ तक बिगड़ गई कि बीते दिनों भीटी तहसील परिसर में तालाब नीलामी को लेकर तीखी झड़प और मारपीट तक हो गई।
ग्रामीणों का आरोप है कि भ्रष्टाचार और दबाव के चलते नीलामी प्रक्रिया चलाई जा रही है, जबकि अमृत सरोवर योजना का मकसद जल संरक्षण, तालाबों का संरक्षण और जनहित को बढ़ावा देना है। दूसरी तरफ बिना तालाब का रकबा पूरा हुए उस तालाब को मत्स्य पालन के लिए नीलामी में शामिल नहीं किया जा सकता है। इसके बावजूद भी तालाबों का नीलामी के लिए टेंडर निकाला गया है। अब देखना होगा कि प्रशासन इन दोनों विवादित तालाबों की नीलामी पर रोक लगाता है या नहीं।