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अंबेडकर नगर।(आशा भारती नेटवर्क) उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ द्वारा प्रेषित एक्शन प्लान 2025-2026 के क्रियान्वयन के क्रम में तथा श्रीमती रीता कौशिक, माननीय जनपद न्यायाधीश / अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार आज दिनांक 26.08.2025 महिला समानता दिवस के अवसर पर महिलाओं के अधिकार, महिलाओं के हितार्थ कानून, महिला सशक्तीकरण एवं मिशन शक्ति पॉश एक्ट, पी०सी०पी०एन०डी०टी० एक्ट एवं शासन द्वारा महिलाओं के कल्याणार्थ संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी प्रदान किये जाने के सम्बन्ध में विधिक साक्षरता / जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन ड्वाकरा हाल, विकासखण्ड-जलालपुर, अम्बेडकरनगर में किया गया। उक्त विधिक साक्षरता / जागरुकता शिविर में श्री भारतेन्दु प्रकाश गुप्ता, अपर जिला जज / सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, अम्बेडकरनगर, श्री राजेश कुमार तिवारी, डिप्टी चीफ, लीगल एड डिफेन्स काउन्सिल, श्री दिनेश राम् खण्ड विकास अधिकारी, विकासखण्ड-जलालपुर, श्री हीरालाल यादव, निरीक्षक, जलालपुर, श्रीमती ममता यादव, महिला उपनिरीक्षक, जलालपुर, श्रीमती पुष्पा पाल, सचिव, जन शिक्षण केन्द्र, जि०वि० से० प्रा० के कर्मचारीगण, पी०एल०वी० प्रतिभागी महिलायें उपस्थित रहे।
विधिक साक्षरता / जागरूकता शिविर का शुभारम्भ मुख्य अतिथि श्री भारतेन्दु प्रकाश गुप्ता अपर जिला जज / सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, अम्बेडकरनगर द्वारा मां सरस्वती के चित्र पर माल्यापर्ण करते हुये किया गया। विधिक साक्षरता / जागरूकता शिविर का संचालन श्रीमती पुष्पा पाल, सचिव, जन शिक्षण केन्द्र द्वारा किया गया। श्री राजेश कुमार तिवारी, डिप्टी चीफ, लीगल एड डिफेन्स काउन्सिल द्वारा महिलाओं के विरूद्ध अपराध जैसे, एसिड हमला, बलात्कार, अपहरण, आई०पी०सी० के तहत किसी भी प्रकार का यौन हमला, मानव तस्कारी, कूरता, और आई०पी०सी० तथा दहेज अधिनियम के तहत दहेज उत्पीड़न के विषय में बताया गया। श्रीमती ममता यादव, महिला उपनिरीक्षक, जलालपुर, द्वारा मिशन शक्ति मिशन मोड एवं महिलाओं की सहायता हेतु संचालित हेल्पलाईन न० 112, 1090 एवं 1076 के बारे में भी बताया गया तथा श्रीमती पुष्पा पाल द्वारा महिलाओं के हितार्थ संचालित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी गई।
विधिक जागरूकता / साक्षरता शिविर में श्री भारतेन्दु प्रकाश गुप्ता, अपर जिला जज / सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण अम्बेडकरनगर द्वारा कार्य स्थल पर महिलाओं का यौन उत्पीड़न रोकने के लिये 2013 में बनाये गये कानून जिसे पाश एक्ट यानी प्रिवेंशन आफ सेक्सुअल हैरेसमेंट कहा जाता है पर जानकारी देते हुये बताया कि किसी भी प्राईवेट सेक्टर, सरकारी या गैर सरकारी जिनमें महिलायें कार्य करती हैं। उसमें महिलाओं के कार्य स्थल पर लैंगिंक उत्पीड़न से सरंक्षण और लैगिंक उत्पीडन के परिवादों के निवारण के लिये प्राईवेट सेक्टर, सरकारी या गैर सरकारी संस्थानों में समिति बनाया गया है उन समितियों के तहत जो भी पीड़ित महिलायें होगी अपनी सूचना समिति को देगी और समिति उस पर कार्यवाही करेगी। कार्यस्थल पर महिलाओं को लैंगिक उत्पीठन से बचाने के लिये आंतरिक परिवाद समिति व क्षेत्रीय परिवाद समिति का गठन किया गया है। समिति दो प्रकार की होगी आंतरिक एवं बाह्य। पी०सी०पी०एन०टी० एक्ट पर जानकारी देते हुये बताया कि लिंग चयन प्रतिषेध अधिनियम, 1994 एक ऐसा अधिनियम है जो कन्या भ्रूण हत्या को रोकने के लिये लागू किया गया है। इस अधिनियम ने प्रसव पूर्व लिंग निर्धारण पर प्रतिबन्ध लगा दिया है। कोई भी व्यक्ति जो प्रसव पूर्व गर्भाधान लिंग निर्धारण का विज्ञापन करता है या ऐसे किसी भी कार्य में संलग्न होता है तो उसे तीन साल तक की कैद की सजा का प्रावधान है। लैंगिक समानता महिलाओं और लड़कियों के खिलाफ हिंसा को रोकती है। आर्थिक समृद्धि के लिये यह आवश्यक है। जो समाज महिलाओं और पुरुषों को समान मानते हैं वे अधिक सुरक्षित और स्वस्थ हैं। लैंगिक समानता एक मानव अधिकार है।
इसके अतिरिक्त अपर जिला जज/सचिव, जि०वि० से० प्रा०, अ०नगर द्वारा राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली एवं उ०प्र० राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के निर्देशानुसार दिनांक 01 जुलाई से दिनांक 30 सितम्बर तक चल रहे राष्ट्रीय मध्यस्थता अभियान एवं दिनांक 13.09.2025 को जनपद अम्बेडकरनगर में आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत व दिनांक 10 सितम्बर से 12 सितम्बर 2025 तक चलने वाली पेट्टी आफेन्स वादों की विशेष लोक अदालत एवं साथी अभियान के अंतर्गत निराश्रित बच्चों के आधार बनवाते हुये उन्हे शासन की कल्याणकारी योजनाओं के लाभ दिलवाये जाने के सम्बन्ध में भी जानकारी प्रदान की गई।