|
इस न्यूज को सुनें
Getting your Trinity Audio player ready...
|
अंबेडकर नगर। (आशा भारती नेटवर्क) पुलिस लाइन्स स्थित सभागार कक्ष में बुधवार को पुलिस पेंशनरों की एक महत्वपूर्ण गोष्ठी आयोजित की गई। गोष्ठी की अध्यक्षता अपर पुलिस अधीक्षक पश्चिमी एवं अपर पुलिस अधीक्षक पूर्वी ने संयुक्त रूप से की। कार्यक्रम में जनपद के विभिन्न थानों एवं इकाइयों से सेवानिवृत्त पुलिस पेंशनरों ने प्रतिभाग किया और अपनी समस्याएं अधिकारियों के समक्ष रखीं।गोष्ठी का मुख्य उद्देश्य पुलिस पेंशनरों से सीधे संवाद स्थापित करना, उनकी व्यक्तिगत एवं प्रशासनिक समस्याओं को सुनना तथा उनका समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करना रहा। सभागार में बड़ी संख्या में पेंशनर उपस्थित रहे। अधिकारियों ने प्रारंभ में गोष्ठी के उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए कहा कि पेंशनरों की समस्याओं का समाधान पुलिस प्रशासन की प्राथमिकता है।
गोष्ठी के दौरान पेंशनरों ने पेंशन भुगतान में विलंब, पेंशन निर्धारण में त्रुटि, पारिवारिक पेंशन से संबंधित अड़चनें, चिकित्सा प्रतिपूर्ति, पहचान पत्र, बैंक संबंधी कार्यवाही, अभिलेखों के अद्यतन और सत्यापन जैसी समस्याएं सामने रखीं। कुछ पेंशनरों ने लंबित प्रकरणों के लंबे समय से निस्तारण न होने की जानकारी भी दी।अपर पुलिस अधीक्षक पश्चिमी एवं पूर्वी ने एक-एक कर पेंशनरों की समस्याएं सुनीं और संबंधित शाखाओं के अधिकारियों को तत्काल आवश्यक कार्यवाही के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि पेंशनरों को अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें, इसके लिए प्रत्येक समस्या का समाधान निर्धारित समयसीमा में किया जाएगा। गोष्ठी के दौरान पेंशन शाखा, लेखा शाखा, कल्याण शाखा तथा अन्य संबंधित कार्यालयों को निर्देशित किया गया कि सभी लंबित प्रकरणों की समीक्षा कर शीघ्र निस्तारण किया जाए। जिन मामलों में दस्तावेजों की कमी है, उनकी सूची तैयार कर पेंशनरों को स्पष्ट रूप से अवगत कराने के निर्देश दिए गए, ताकि अनावश्यक विलंब न हों।
अधिकारियों ने कहा कि भविष्य में भी इस प्रकार की गोष्ठियों का आयोजन नियमित रूप से किया जाएगा, जिससे पेंशनरों की समस्याएं प्रारंभिक स्तर पर ही सामने आ सकें। उन्होंने यह भी कहा कि पुलिस विभाग में सेवा दे चुके पेंशनरों का अनुभव महत्वपूर्ण है और उनके सम्मान एवं सुविधा का पूरा ध्यान रखा जाएगा।
गोष्ठी के समापन पर अधिकारियों ने पेंशनरों को आश्वस्त किया कि जिन समस्याओं का निस्तारण मौके पर संभव नहीं हो पाया है, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर जल्द सुलझाया जाएगा। इसके साथ ही संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि प्रत्येक पेंशनर से समन्वय बनाकर उनकी समस्या के समाधान की जानकारी उन्हें स्वयं दी जाए।





