बुढ़वा मंगल पर निकली हनुमान जी की भव्य झांकी
भक्ति में सराबोर हुआ नगर पंचायत राजेसुल्तानपुर, गूंजे जयकारे, श्रद्धालुओं की उमड़ी भीड़।
कड़ी सुरक्षा में निकली हनुमान जी शोभायात्रा, पुलिस रही मुस्तैद।
अंबेडकर नगर।(आशा भारती नेटवर्क) आलापुर तहसील के पूर्वी छोर पर स्थित नगर पंचायत राजेसुल्तानपुर में मंगलवार को बुढ़वा मंगल का पर्व भव्यता श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया।
इस अवसर पर भगवान हनुमान जी की आकर्षक झांकियों के साथ भव्य शोभायात्रा निकाली गई, जिसने पूरे क्षेत्र को भक्तिमय माहौल में सराबोर कर दिया। जगह-जगह श्रद्धालुओं ने पुष्प वर्षा कर शोभायात्रा का स्वागत किया, वहीं जयकारों की गूंज से पूरा बाजार क्षेत्र गुंजायमान हो उठा।सुबह से ही नगर में उत्सव का माहौल बना रहा। श्रद्धालु पारंपरिक वेशभूषा में सज-धजकर हनुमान जी की झांकी के साथ शोभायात्रा में शामिल हुए। शोभायात्रा नगर पंचायत राजेसुल्तानपुर बाजार हनुमानगढ़ जी से लेकर के प्रमुख मार्गों बाजार चौराहों और गलियों से होकर गुजरी जहां स्थानीय लोगों ने स्वागत के लिए विशेष व्यवस्थाएं की थीं। कई स्थानों पर भंडारे और प्रसाद वितरण का भी आयोजन किया गया।जिससे श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिला।इस दौरान जय श्री राम और बजरंगबली की जय के उद्घोष से वातावरण पूरी तरह भक्तिमय बना रहा। झांकियों में भगवान हनुमान के विभिन्न रूपों का सजीव चित्रण किया गया जो श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बना रहा। बच्चों, युवाओं और महिलाओं ने भी बढ़-चढ़कर भागीदारी निभाई।कार्यक्रम में नगर पंचायत राजेसुल्तानपुर के अध्यक्ष विनोद प्रजापति, सभासदगण सहित थाना राजेसुल्तानपुर के थाना प्रभारी अक्षय कुमार पटेल मयफोर्स मौजूद रहे। सुरक्षा व्यवस्था के दृष्टिगत पुलिस बल पूरे समय सक्रिय रहा और संवेदनशील स्थानों पर विशेष निगरानी रखी गई, जिससे शोभायात्रा शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सकी। कार्यक्रम के आयोजक पूर्व प्रधान रामकरन मोदनवाल, शिवकुमार सोनी, रवि वर्मा राजन सोनी, बबलू सोनी, चीनी, सोनू सोनी, देवेंद्र प्रकाश सोनी, भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता कुलदीप पटवा अभय सिंह उर्फ मोनू अनेक गणमान्य लोग मौजूद रहे। आयोजन समिति द्वारा व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए स्वयंसेवकों की तैनाती की गई थी। जिन्होंने भीड़ नियंत्रण और मार्ग संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी बुढ़वा मंगल उत्सव को लेकर लोगों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक बना, बल्कि सामाजिक समरसता और एकता का संदेश भी देता नजर आया।










