|
इस न्यूज को सुनें
Getting your Trinity Audio player ready...
|

- जिला मजिस्ट्रेट ने मैच का किया उद्घाटन, मानसिक स्वास्थ्य और शारीरिक गतिविधियों पर जोर
अंबेडकर नगर। (आशा भारती नेटवर्क) जिला कारागार में जेल प्रीमियर लीग (जेपीएल) का भव्य शुभारंभ किया गया। 28 दिसंबर 2025 को जिला मजिस्ट्रेट अनुपम शुक्ला ने कारागार के मध्य सर्किल में प्रतियोगिता का उद्घाटन किया। इस आयोजन का उद्देश्य कारागार में निरुद्ध बंदियों के लिए मनोरंजन, शारीरिक सक्रियता और मानसिक संतुलन को बढ़ावा देना है। जेल प्रशासन के अनुसार यह पहल कारागार के भीतर सकारात्मक और अनुशासित वातावरण तैयार करने की दिशा में उठाया गया कदम है।
जेल प्रीमियर लीग का आयोजन जिला मजिस्ट्रेट द्वारा पूर्व निरीक्षण के दौरान दिए गए निर्देशों के अनुपालन में किया गया है। प्रशासन ने बताया कि खेल गतिविधियों के माध्यम से बंदियों में तनाव कम करने, अनुशासन विकसित करने और समय के सकारात्मक उपयोग को बढ़ावा देने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इसी क्रम में क्रिकेट प्रतियोगिता को चरणबद्ध तरीके से आयोजित किया जा रहा है।
जेपीएल में कुल 10 टीमें बनाई गई हैं, जिनमें बंदियों के साथ-साथ जेल कर्मचारियों को भी शामिल किया गया है। टीमों के गठन का उद्देश्य आपसी सौहार्द, सहयोग और टीम भावना को मजबूत करना है। जेल प्रशासन का मानना है कि इस प्रकार की संयुक्त गतिविधियों से कारागार के भीतर स्वस्थ प्रतिस्पर्धा का माहौल बनता है और कार्य संस्कृति में सुधार होता है। प्रतियोगिता का उद्घाटन मैच बैरक नंबर-02 और बैरक नंबर-03 के बीच खेला गया। टॉस बैरक नंबर-02 ने जीता और पहले फील्डिंग करने का निर्णय लिया। बल्लेबाजी करते हुए बैरक नंबर-03 की टीम ने निर्धारित 10 ओवर में 82 रन बनाए। लक्ष्य का पीछा करने उतरी बैरक नंबर-02 की टीम ने 9.2 ओवर में 6 विकेट खोकर जीत दर्ज की। मुकाबला अंत तक रोमांचक बना रहा।

उद्घाटन मैच के दौरान कारागार परिसर में उत्साहपूर्ण माहौल देखने को मिला। दर्शक दीर्घा में मौजूद बंदियों ने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया। खेल के हर ओवर और रन पर तालियों की गूंज सुनाई दी। प्रशासन के अनुसार इस तरह की गतिविधियों से बंदियों में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और दैनिक दिनचर्या में बदलाव आता है। जेल प्रशासन ने बताया कि जेपीएल का मुख्य फोकस बंदियों के मानसिक स्वास्थ्य पर है। नियमित खेल गतिविधियों से तनाव, चिड़चिड़ापन और एकरसता में कमी आती है। साथ ही शारीरिक फिटनेस में सुधार होता है। प्रतियोगिता के दौरान सुरक्षा और अनुशासन के सभी मानकों का पालन किया जा रहा है।
इस अवसर पर कारापाल आलोक सिंह, चिकित्साधिकारी दिग्विजय प्रताप सिंह, उप कारापाल तेजवीर सिंह, सूर्यभान सरोज, शीतल जायसवाल, फार्मासिस्ट मुस्ताक अहमद, कनिष्ठ सहायक विपिन कुमार और अनूप कुमार, हेड जेल वार्डर रामकिशुन सहित अन्य जेल कर्मचारी मौजूद रहे। सभी ने आयोजन की सराहना की और इसे कारागार सुधार की दिशा में उपयोगी बताया हैं।





