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सुल्तानपुर। (आशा भारती नेटवर्क) माता-पिता की मौत के बाद मंगरू घर छोड़कर चला गया। तलाश के बाद भी उसका पता नहीं चला। इसी बीच दूसरे मंगरू नामक व्यक्ति ने लापता मंगरू की जमीन का बैनामा कर दिया। मामले की जानकारी जब मंगरू के चचेरे भाई को हुई तो उसने पुलिस से न्याय की गुहार लगाई। पुलिस से न्याय नहीं मिलने पर कोर्ट की शरण ली। कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कर लिया है।
जयसिंहपुर कोतवाली क्षेत्र के जगतपुर गांव निवासी सूबेदार ने अपर सिविल जज के यहां वाद दायर किया । सूबेदार ने बताया कि गाटा संख्या 94 में वह सह खातेदार है। अन्य खातेदार मंगरू पुत्र अच्छेलाल व रामलाल पुत्र रामदीन हैं। खातेदार रामलाल करीब 20 साल से लापता है। उनका विवाह भी नहीं हुआ था, जिसके चलते उनका कोई विधिक वारिस नहीं है। वहीं मंगरू उनके चाचा का लड़का है। चाचा-चाची की मौत के बाद मंगरू घर छोड़कर चला गया। किसी की जमानत लेने के लिए जब उसने तहसील से खतौनी ली तो देखा मंगरू की जगह पुनीता अंकित था। सब रजिस्ट्रार जयसिंहपुर के यहां पता चला कि किसी ने फर्जी मंगरू बन पुनीता पत्नी रामचेत निवासी अन्नपूर्णा नगर के नाम रजिस्टर्ड बैनामा 25 अप्रैल 2024 को किया गया है।
फर्जी आधार कार्ड नंबर पड़ताल करने पर पता चला कि जयसिंहपुर के रामपुर साटा गांव निवासी मंगरू पुत्र बबलू ही मंगरू पुत्र अच्छेलाल बनकर अपने साथी नारायनपुर निवासी गंगादीन व अन्नपूर्णानगर निवासी सुभाषचंद्र के साथ मिलकर पुनीता पत्नी राम चेत के नाम बैनामा कर दिया। जिसकी शिकायत कोतवाली जयसिंहपुर में की।
जयसिंहपुर कोतवाल अनिरुद्ध कुमार सिंह ने बताया कि न्यायालय के आदेश पर तीन लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।