Responsive Menu

Download App from

Download App

Follow us on

Donate Us

अजय सिपाही और अन्य आरोपियों पर दोष तय

Author Image
Written by
Bureau Report

 

न्यायालय में अगली सुनवाई 24 फरवरी को

Advertisement Box

अंबेडकर नगर। (आशा भारती नेटवर्क) जनपद न्यायालय में हत्या के बाद शव को दूसरे स्थान पर फेंकने के मामले में तीन आरोपियों पर दोष तय कर दिया गया। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (प्रथम) रामविलास सिंह ने कटेहरी के पूर्व ब्लॉक प्रमुख माफिया अजय प्रताप सिंह उर्फ अजय सिपाही, मुलायम यादव और अजय यादव को हत्या समेत अन्य आरोपों में दोषी करार दिया। सजा के बिंदु पर सुनवाई 24 फरवरी को होगी।

सत्र परीक्षण के दौरान सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी सुभाष चंद्र यादव ने गवाहों को न्यायालय में परीक्षित कराते हुए दोष सिद्धि का तर्क प्रस्तुत किया। सुनवाई के बाद न्यायाधीश ने तीनों आरोपियों को दोषी ठहराते हुए जेल भेज दिया। गिरेंद्र कुमार पांडेय को दोषमुक्त कर दिया गया।

मामला सुलतानपुर जिले के दोस्तपुर थाना क्षेत्र के किशनागरपुर गांव का है। 23 मार्च 2016 को मंशाराम यादव के घर मुलायम यादव और अजय कुमार यादव पहुंचे। उन्होंने महरुआ दुकान चलने की बात कहकर मंशाराम को अपने साथ ले लिया।

कई घंटों तक घर न लौटने पर स्वजन ने खोजबीन की तो पता चला कि आरोपी उसे लोकनाथपुर गांव के दावत में ले गए थे। वहां गोली चलने की आवाज सुनाई दी। घायल अवस्था में मंशाराम को किसी ने अस्पताल पहुंचाया, लेकिन स्थिति स्पष्ट नहीं हुई। अगले दिन जयसिंहपुर थाना क्षेत्र के भेवापर माइनर के पास शव मिलने की सूचना मिली।

स्वजन के पहुंचने पर मृतक की पहचान मंशाराम के रूप में हुई। मृतक की चाची चंद्रावती ने जयसिंहपुर थाने में मुलायम यादव और अजय यादव के खिलाफ तहरीर दी।

एक अन्य तहरीर में ओमप्रकाश यादव ने पुलिस उपमहानिरीक्षक फैजाबाद को बताया कि बहन के लड़के मंशाराम यादव को आरोपी अजय प्रताप सिंह के घर पर दावत पर ले जाया गया और वहां उसकी हत्या कर दी गई। शव को कपड़े में लपेटकर गाड़ी की डिग्गी में रखकर सुलतानपुर में फेंका गया।

विवेचना में पाया गया कि मुलायम यादव, अजय यादव और अजय प्रताप सिंह के साथ-साथ विजय प्रताप सिंह, रवींद्र पांडेय और अन्य ने साजिश के तहत मंशाराम यादव की हत्या की।

मामला महरुआ थाना क्षेत्र का होने के कारण इसे सुलतानपुर जिले के महरुआ थाना में स्थानांतरित किया गया। पुलिस ने आरोपितों के विरुद्ध हत्या समेत अन्य आरोपों में आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया।न्यायालय ने सत्र परीक्षण के दौरान गवाहों की तस्दीक के बाद दोष सिद्धि करते हुए तीनों को जेल भेजा। आरोपितों के विरुद्ध सजा की सुनवाई 24 फरवरी को होगी। इस मामले में दोष सिद्ध होने से क्षेत्र में कानून की जवाबदेही पर जोर देने वाली कार्रवाई को महत्व मिला है।

इस निर्णय के बाद जिले में हत्या जैसे संगीन मामलों में न्यायिक प्रक्रिया की प्रभावशीलता पर ध्यान देने की दिशा में संदेश गया। घटना और दोष सिद्धि की जानकारी मिलने के बाद क्षेत्रवासियों ने पुलिस और न्यायालय की कार्रवाई की सराहना की है। अगली सुनवाई में न्यायालय सजा के बिंदु पर निर्णय लेगा। इससे पूर्व न्यायिक प्रक्रिया और गवाहों की तस्दीक के आधार पर आरोपियों की जिम्मेदारी तय हो चुकी है। इससे इलाके में कानून व्यवस्था और न्यायपालिका की सक्रियता पर भी भरोसा बढ़ा है।

आज का राशिफल

वोट करें

'ऑपरेशन सिंदूर' के बाद दुनिया के सामने रोज बेनकाब हो रहे पाकिस्तान को दी गई एक अरब डॉलर की मदद पर क्या अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष को फिर से विचार करना चाहिए?

Advertisement Box

रविवार, 22 फ़रवरी 2026

आज का सुविचार

पुस्तकें, अच्छे मित्र और साफ अंतःकरण: यही एक आदर्श जीवन है। ज्ञान में किया गया निवेश आपको वह प्रतिफल देता है जिसे कोई आपसे छीन नहीं सकता।

Advertisement Box
[news_reels]
WhatsApp