अंबेडकर नगर। (आशा भारती नेटवर्क) टीचर फेडरेशन ऑफ इंडिया के बैनर तले सभी शिक्षक संगठनों ने जोरदार धरना प्रदर्शन किया।1 सितंबर 2025 को माननीय सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले ने देश के समस्त कार्यरत शिक्षकों के लिए टेट अनिवार्य कर दिया है। जिससे देश के समस्त शिक्षकों में निराशा उत्पन्न हो गयी है । इस फैसला से देश भर में 2010 के पहले से नियुक्त शिक्षकों को अपनी नौकरी जाने का डर सताने लगा है ।इसी के चलते जब । शिक्षकों का कहना है कि 20 से 30तक नौकरी कर चुके शिक्षकों को फिर से टेट पास करने को कहना। शिक्षकों के साथ अन्याय है।अब हम 50 से 55 साल की उम्र में टेट परीक्षा पास कर पाने में असमर्थ हैं। क्या किसी भी फोर्स में कार्यरत 50 से 55 वर्ष का जवान फिर से 8 से 10 किलोमीटर की दौड़ निकाल सकता है। क्या किसी भी विभाग में कार्यरत कर्मचारी 50 से 55 साल की उम्र में अपनी पात्रता परीक्षा फिर से पास कर पाएगा। क्या सुप्रीम कोर्ट के माननीय न्यायाधीश गण फिर से क्लेट परीक्षा उत्तीर्ण कर पाएंगे।अगर ऐसा नहीं है तो फिर यह परीक्षा सिर्फ शिक्षक ही क्यों दे। जब से सुप्रीम कोर्ट का फैसला आया है पूरे देश में लगभग 50 शिक्षकों ने आत्महत्या कर लिया। आरटीई एक्ट लागू होने के पूर्व से नियुक्त शिक्षकों को टेट परीक्षा से मुक्त कराने हेतु विभिन्न संगठनों के पदाधिकारी ,सांसद ,विधायकों आदि ने माननीय प्रधानमंत्री माननीय केंद्रीय शिक्षा मंत्री को पत्र के माध्यम से तथा व्यक्तिगत रूप से मिलकर शिक्षकों की पीड़ा से अवगत कराया सत्ता पक्ष एवं विपक्ष के सांसदों ने शीतकालीन सत्र में शिक्षकों को टीईटी से मुक्ति दिलाने हेतु संसद में इस मुद्दे को जोरदार तरीके से उठाया अंबेडकर नगर के सांसद माननीय लाल जी वर्मा द्वारा पूछे गए प्रश्न के उत्तर में केंद्रीय शिक्षा राज्य मंत्री जयंत चौधरी द्वारा दिए गए लिखित जवाब से देश के शिक्षकों में घोर निराशा व्याप्त हो गई शिक्षकों की पीड़ा को देखते हुए उत्तर प्रदेश के समस्त मान्यता प्राप्त संगठन टीचर फेडरेशन ऑफ इंडिया के बैनर तले एक बार फिर आंदोलन करने को मजबूर हो गए हैं।आंदोलन की शुरुआत में केंद्रीय शिक्षा राज्य मंत्री श्री जयंत चौधरी जी का पुतला फूंका गया तथा 22 फरवरी को सोशल मीडिया के एक्स प्लेटफार्म पर जस्टिस फॉर टीचर नामक हैश टैग को नंबर एक पर ट्रेंड कराया तथा 23 फरवरी से 25 फरवरी तक पूरे देश के शिक्षक बांह पर काली पट्टी बांधकर कार्य करते हुए अपना विरोध दर्ज कराया इसी क्रम में आज दिनांक 26 फरवरी को उत्तर प्रदेश के सभी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय पर एक दिवसीय धरना प्रदर्शन का आयोजन किया ।अंबेडकर नगर जिले में लगभग सभी तैयारियां पूर्ण कर ली गई है । उत्तर प्रदेश प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ ने सभी ब्लॉकों का दौरा करते हुए छोटे-छोटे सम्मेलन करके 26 फरवरी के धरने को सफल बनाने के लिए रणनीति बनाई थी।इसमें जूनियर हाई स्कूल शिक्षक, संघ राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ, तथा महिला शिक्षक संघ का भी जोरदार समर्थन मिला ।धरने के उपरांत 4:00 बजे से पद मार्च करते हुए शिक्षक जिला अधिकारी कार्यालय तक गये ।जहां पर श्रीमान जिला अधिकारी के माध्यम से देश के माननीय प्रधानमंत्री जी को संबोधित ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में शिक्षकों ने केन्द्रीय सरकार से आर टी ई एक्ट में संशोधन करके शिक्षकों को टेट से छूट प्रदान करने की मांग की है। धरने को बृजेश कुमार मिश्र, जिलाध्यक्ष उ प्र प्रा शि संघ,राघवेन्द्र शुक्ल, अध्यक्ष उ प्र जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ, राजेश कुमार यादव, जिला मंत्री अनिल कुमार वर्मा, जिला मंत्री सतन कुमार जिला कोषाध्यक्ष, श्याम बाबू चौहान, योगेंद्र प्रसाद यादव मो हसन, रामसुंदर वर्मा,अजय पाण्डेय रामकेवल यादव, संतोष सिंह आद्या प्रसाद चौधरी अनूप शुक्ल, अशोक यादव, अरविंद कुमार, फूलचंद वर्मा ,नीरज सिंह, हरकेश तिवारी, निशाउद्दीन बेग,
अरुण कुमार तिवारी, जगन्नाथ मौर्य, अनिल यादव अरुण यादव सत्यनारायण यादव तन राणा इंद्रजीत शैलेंद्र यादव राकेश रमन यादव संजय उपाध्याय रंजीत हिंदुस्तानी अनवर खान सत्येंद्र पांडे प्रेमचंद यादव ,गोकुल तिवारी रामविलास यादव रजनीश पासवान कैलाश कुमार डॉ ब्रृजेन्द्र राजभर सुधीर श्रीवास्तव फूलचंद वर्मा शाहिद अनवर श्याम सिंगार यादव रामसागर वर्मा नीलम सिंह आदि ने संबोधित किया।


बीएसए कार्यालय पर शिक्षकों का






