योजना के तहत 785.61 लाख रुपये की धनराशि वितरित
बालिकाओं के सशक्तिकरण की दिशा में बड़ा कदम
आर्थिक सहायता से बेटियों के भविष्य को मिला सहारा
जनपद में हजारों परिवारों को योजना का लाभ
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पहल से बेटियों को मिल रहा संबल
कन्या सुमंगला योजना से शिक्षा और सुरक्षा को बढ़ावा
अंबेडकर नगर 22 मार्च 2026।(आशा भारती नेटवर्क) योगी सरकार के नौ वर्ष पूरे होने पर महिला सशक्तिकरण और बालिकाओं के कल्याण में अभूतपूर्व प्रगति दर्ज की गई है। जिले में मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना ने बेटियों के सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर स्थापित किया है। इस योजना के तहत जिले की 33,718 बेटियों को लाभ प्रदान किया गया है, जिसके अंतर्गत कुल 785.61 लाख रुपये की धनराशि वितरित की गई। यह आंकड़ा जिले में बालिकाओं के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है और हजारों परिवारों के लिए आर्थिक सहारा बनकर उभरा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पहल से शुरू की गई मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना (एमएसकेवाई) उत्तर प्रदेश सरकार की एक प्रमुख कल्याणकारी योजना है, जिसका मुख्य उद्देश्य बेटियों के जन्म से लेकर उच्च शिक्षा तक हर चरण में आर्थिक सहायता प्रदान कर परिवारों को बेटी के पालन-पोषण, शिक्षा और स्वास्थ्य के बोझ से मुक्त करना है। योजना के तहत कुल 25,000 रुपये की सहायता विभिन्न चरणों में दी जाती है, जो बेटी के जीवन के महत्वपूर्ण पड़ावों से जुड़ी हुई है।
योजना से बालिकाओं में आत्मविश्वास बढ़ा
अंबेडकरनगर जिले में इस योजना का क्रियान्वयन महिला कल्याण विभाग और संबंधित अधिकारियों द्वारा कुशलतापूर्वक किया जा रहा है। जिले के ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के गरीब परिवारों की बेटियां इस योजना से जुड़कर अपनी शिक्षा जारी रख पा रही हैं, जिससे ड्रॉपआउट दर में कमी आई है और बालिकाओं में आत्मविश्वास बढ़ा है। यह योजना न केवल आर्थिक सहायता प्रदान करती है, बल्कि समाज में बेटी के जन्म को उत्सव के रूप में मनाने, उनकी सुरक्षा, शिक्षा और स्वास्थ्य को प्राथमिकता देने का संदेश भी देती है।
बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ के संकल्प को मिली मजबूती
डीएम अनुपम शुक्ला ने बताया कि पात्रता के अनुसार उत्तर प्रदेश का निवासी होना, परिवार की वार्षिक आय 3 लाख रुपये से कम होना, और अधिकतम दो बेटियों को लाभ मिलना सुनिश्चित किया जाता है।अंबेडकरनगर में अब तक 33,718 बेटियों को लाभ मिलने से हजारों परिवारों का आर्थिक बोझ कम हुआ है और बेटियों का भविष्य उज्ज्वल हुआ है। यह कदम सरकार के बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ के संकल्प को मजबूती प्रदान करता है। भविष्य में भी इस योजना के तहत और अधिक बेटियों को लाभान्वित करने का लक्ष्य है, ताकि उत्तर प्रदेश की हर बेटी सशक्त और आत्मनिर्भर बन सके।
जानिए, क्या है योजना की विभिन्न श्रेणियां
प्रथम श्रेणी (जन्म पर): 5,000 रुपये
द्वितीय श्रेणी (एक वर्ष तक पूर्ण टीकाकरण पर): 2,000 रुपये
तृतीय श्रेणी (कक्षा 1 में प्रवेश पर): 3,000 रुपये
चतुर्थ श्रेणी (कक्षा 6 में प्रवेश पर): 3,000 रुपये
पंचम श्रेणी (कक्षा 9 में प्रवेश पर): 5,000 रुपये
षष्ठम श्रेणी (स्नातक/दो वर्षीय डिप्लोमा में प्रवेश पर): 7,000 रुपये
नोट : यह राशि सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में डीबीटी के माध्यम से हस्तांतरित की जाती है।


नव निर्माण के 9 वर्ष:









