
ज्ञान भारतम मिशन के तहत सरकारी, गैर सरकारी संगठन की मदद से होगी दुर्लभ ग्रंथों और पांडुलिपियों का संग्रह
अंबेडकर नगर, 03 अप्रैल 2026। (आशा भारती नेटवर्क)जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला ने बताया कि शासन के निर्देश पर ज्ञान भारतम मिशन के अंतर्गत प्रदेश के विभिन्न सरकारी एवं गैर सरकारी संस्थाओं, मठों,मंदिरों, शैक्षणिक संस्थानों, निजी एवं सार्वजनिक पुस्तकालयों व व्यक्तियों आदि के पास उपलब्ध पांडुलिपियों , हस्तलिखित ग्रंथों, ताड़पत्रों, भोजपत्रों एवं अन्य दस्तावेजों की पहचान , सर्वेक्षण, कैटलॉगिंग , संरक्षण एवं डिजिटलीकरण का कार्य प्राथमिकता पर किया जाना है।
जिलाधिकारी ने बताया कि जिला स्तर पर ऐसी सरकारी एवं गैर सरकारी समस्त संस्थाओं में उनके द्वारा संग्रहित पांडुलिपियों व दुर्लभ ग्रंथों चिन्हीकरण कराते हुए सूची तैयार की जायेगी। उन्होंने बताया कि पांडुलिपियों का तात्पर्य कागज, भोजपत्र, ताड़पत्र, कपड़ा धातु आदि हाथ से लिखे गए ग्रन्थ जो न्यूनतम 75 वर्ष प्राचीन हो। जिला स्तर पर तैयार की जाने वाली सूची में संस्था व व्यक्ति का नाम, संस्था के प्रभारी का नाम ईमेल एवं मोबाइल नंबर तथा पांडुलिपियों, ग्रंथों अन्य अभिलेखों की अनुमानित संख्या का स्पष्ट उल्लेख किया जाएगा। प्रत्येक केंद्र तथा व्यक्तियों के पास उपलब्ध पांडुलिपियों की सूची भी संकलित की जाएगी। जिलाधिकारी ने बताया कि जिला स्तर पर तैयार की गई सूची संस्कृति विभाग उत्तर प्रदेश के अंतर्गत कार्यरत उत्तर प्रदेश राजकीय अभिलेखागार को प्रेषित की जाएगी।
जिलाधिकारी ने बताया कि ज्ञान भारतम् मिशन के अंतर्गत राष्ट्रव्यापी ” राष्ट्रीय पांडुलिपि सर्वेक्षण अभियान जनपद में प्रारंभ किया गया है। उन्होंने बताया कि जनपद में सर्वेक्षण कार्य Gyan Bhartam App मोबाइल एप्लिकेशन जो गूगल प्ले स्टोर पर निः शुल्क उपलब्ध है, पांडुलिपियों का स्वामित्व संग्रहकर्ता के पास ही रहेगा।
जिलाधिकारी ने बताया कि पांडुलिपियों के संग्रह के ससमय सफल क्रियान्वयन हेतु ग्रामीण क्षेत्रों हेतु विकास खंड अधिकारियों एवं नगरीय क्षेत्रों हेतु संबंधित अधिशाषी अधिकारियों को नोडल नामित किया गया है। जिलाधिकारी ने संबंधित नामित अधिकारियों को अविलंब सूची तैयार कर जिला विकास अधिकारी को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।










