
- बैकयार्ड कुक्कुट पालन योजना से ग्रामीण महिलाओं को मिला आत्मनिर्भरता का नया आधार
- कुक्कुट पालन से सशक्त हो रहीं महिलाएं, आय बढ़ाने का बना सशक्त माध्यम
- पशुपालन विभाग की बैकयार्ड कुक्कुट पालन योजना से महिलाओं को मिला नया सहारा
- मुख्यमंत्री जी की प्रेरणा से संचालित बैकयार्ड कुक्कुट पालन योजना सरकार की “आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश” की परिकल्पना को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम
अंबेडकर नगर 11 अप्रैल 2026। जनपद में पशुपालन विभाग द्वारा संचालित बैकयार्ड कुक्कुट पालन योजना के तहत अनुसूचित जाति की महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में सराहनीय पहल की गई है। इस योजना के अंतर्गत जिले के समस्त विकासखंडों में कुल 200 लाभार्थियों को 50-50 चूजे, एक बोरी राशन तथा आवश्यक दवाएं निशुल्क वितरित की गईं।
इस पहल का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को स्वरोजगार के अवसर प्रदान करना और उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है। मुर्गी पालन के माध्यम से महिलाएं अंडों का उत्पादन कर उन्हें बाजार में बेचकर अपनी आय बढ़ा सकती हैं। साथ ही आवश्यकता पड़ने पर मुर्गियों को बेचकर तत्काल नकद आय भी प्राप्त कर सकती हैं।
पशुपालन विभाग द्वारा सभी लाभार्थियों को प्रशिक्षण भी दिया गया है, जिससे वे भविष्य में इस कार्य को बड़े स्तर पर अपनाकर व्यावसायिक रूप से मुर्गी पालन और अंडा उत्पादन कर सकें। इससे उनकी आमदनी में वृद्धि होने के साथ-साथ स्थायी रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे।
जिलाधिकारी श्री अनुपम शुक्ला व मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. अरविंद कुमार सिंह ने जनपद वासियों से अपील की है कि वे उत्तर प्रदेश कुकुट विकास नीति 2022के तहत कुकुट पालन को अपनाएं। उन्होंने बताया कि इच्छुक व्यक्ति 10,000, 20,000 या 30,000 पक्षियों की क्षमता वाले कमर्शियल लेयर फार्म स्थापित कर सकते हैं।
इसके लिए आवेदक के पास कम से कम एक एकड़ जमीन होना आवश्यक है। योजना के अंतर्गत कुल लागत का 30 प्रतिशत मार्जिन मनी के रूप में स्वयं लगाना होगा, जबकि शेष 70 प्रतिशत राशि बैंक ऋण के रूप में उपलब्ध होगी। साथ ही, विभाग द्वारा 5 वर्षों तक 7 प्रतिशत ब्याज प्रतिपूर्ति की सुविधा दी जाएगी।
इसके अतिरिक्त, बिजली बिल में अधिभार पर छूट तथा भूमि रजिस्ट्री पर स्टांप ड्यूटी में पूर्ण छूट भी प्रदान की जाएगी। इच्छुक व्यक्ति कार्यालय समय में किसी भी दिन पशुपालन विभाग के कार्यालय में संपर्क कर इस योजना का लाभ उठा सकते हैं।
जिलाधिकारी ने कहा कि माननीय मुख्यमंत्री जी के प्रेरणा से सरकार द्वारा संचालित यह योजना न केवल ग्रामीण महिलाओं के लिए रोजगार का नया द्वार खोल रही है, बल्कि जिले में कुक्कुट पालन को भी बढ़ावा दे रही है, जो सरकार की “आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश” की परिकल्पना को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।











