
प्रिन्स शर्मा पत्रकार
आशाभारती आलापुर
नेशनल हाईवे के रूप में दर्ज सड़क पर उगी झाड़ियाँ और पेड़-पौधे बन रहे हादसों की आशंका का कारण, जिम्मेदार विभाग की अनदेखी पर उठ रहे सवाल
न्योरी, अंबेडकर नगर।
न्योरी से रामनगर को जोड़ने वाला मार्ग, जो नेशनल हाईवे के रूप में दर्ज है, इन दिनों सड़क किनारे उगी झाड़ियों और पेड़-पौधों के कारण राहगीरों के लिए चिंता का विषय बना हुआ है। सड़क के किनारे बेतरतीब ढंग से उगी झाड़ियाँ न केवल आवागमन में परेशानी पैदा कर रही हैं, बल्कि दुर्घटनाओं की आशंका को भी बढ़ा रही हैं। इस मार्ग से प्रतिदिन गुजरने वाले वाहन चालकों, दोपहिया सवारों और अन्य राहगीरों को संभावित खतरे के बीच सफर करना पड़ रहा है। सड़क पर चलते समय राहगीरों को कभी अचानक सामने आ जाने वाले छुट्टा पशुओं का सामना करना पड़ता है, तो कभी तेज रफ्तार से गुजरने वाले वाहनों के कारण दुर्घटना का भय बना रहता है। ऐसे में सड़क के दोनों ओर उगी घनी झाड़ियाँ स्थिति को और गंभीर बना सकती हैं। इनके कारण मोड़ या सड़क के किनारे खड़े पशु समय रहते दिखाई नहीं देते, जिससे वाहन चालकों को अचानक ब्रेक लगाना पड़ सकता है। तेज रफ्तार वाहनों की आवाजाही के बीच ऐसी स्थिति किसी बड़े हादसे का कारण बन सकती है।
झाड़ियों के कारण दृश्यता प्रभावित होने की आशंका सड़क किनारे उगे पेड़-पौधों और झाड़ियों की नियमित कटाई-छंटाई नहीं होने से कई स्थानों पर दृश्यता प्रभावित होने की आशंका है। विशेष रूप से दोपहिया वाहन चालकों, साइकिल सवारों और पैदल चलने वाले लोगों के लिए यह स्थिति अधिक जोखिमपूर्ण हो सकती है। यदि सामने से तेज रफ्तार वाहन आ रहा हो और उसी दौरान कोई पशु सड़क पर पहुंच जाए, तो वाहन चालक के लिए समय रहते संभलना मुश्किल हो सकता है।
नेशनल हाईवे होने के बावजूद रखरखाव पर सवाल जब किसी मार्ग को राष्ट्रीय राजमार्ग के रूप में दर्ज किया गया है, तो उसकी सुरक्षा, साफ-सफाई और नियमित रखरखाव भी प्राथमिकता में होना चाहिए। ऐसे में न्योरी–रामनगर मार्ग पर झाड़ियों की बढ़ती समस्या को लेकर संबंधित विभाग की जिम्मेदारी पर सवाल उठना स्वाभाविक है। सड़क किनारे उगी झाड़ियों की समय-समय पर कटाई, दुर्घटना संभावित स्थानों की पहचान और छुट्टा पशुओं की समस्या पर प्रभावी कदम उठाना आवश्यक है। समय रहते कार्रवाई की मांग स्थानीय राहगीरों और क्षेत्रवासियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए संबंधित विभाग को इस मार्ग का निरीक्षण कराना चाहिए। सड़क के दोनों ओर उगी झाड़ियों और पेड़-पौधों की व्यवस्थित कटाई-छंटाई कराई जाए, ताकि वाहन चालकों को सामने से आने वाले वाहनों और सड़क पर मौजूद पशुओं को देखने में परेशानी न हो। इसके साथ ही तेज रफ्तार वाहनों पर नियंत्रण, आवश्यक चेतावनी संकेतों की व्यवस्था और छुट्टा पशुओं की समस्या के समाधान के लिए भी ठोस कदम उठाए जाने चाहिए। अब सवाल यह है कि क्या संबंधित विभाग किसी बड़ी दुर्घटना का इंतजार कर रहा है, या समय रहते न्योरी–रामनगर मार्ग पर सुरक्षा और रखरखाव की व्यवस्था दुरुस्त की जाएगी? राहगीरों की सुरक्षा को देखते हुए इस समस्या का जल्द समाधान किया जाना जरूरी है, ताकि लोगों का सफर भयमुक्त और सुरक्षित हो सके।










