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आज अम्बेडकरनगर में हर तरफ निशा की काबिलियत की चर्चा

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Bureau Report

 

कर्मा जगदीशपुर गांव की निशा ने छोटे स्तर से शुरू किया था व्यवसाय

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आर्थिक तंगी से जूझते परिवार को मेहनत से दी नई पहचान

एसवीईपी योजना के सहयोग से सपनों को मिला साकार रूप

साधारण ब्यूटी सेवाओं से शुरू हुआ सफर, आज आधुनिक सेवाओं तक पहुँचा कारवां

मुख्यमंत्री की जनकल्याणकारी योजनाओं ने निशा को आत्मनिर्भरता का मजबूत मुकाम दिलाया

 

{महेश चंद्र गुप्ता ब्यूरो चीफ}
अंबेडकर नगर, 1 मार्च 2026।(आशा भारती नेटवर्क) जिले के कर्मा जगदीशपुर गांव में रहने वाली निशा ने अपनी मेहनत और दृढ़ संकल्प से न केवल अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत किया है, बल्कि कई अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बन गई हैं। आर्थिक तंगी से जूझते हुए परिवार में पली-बढ़ी निशा ने छोटे स्तर से शुरू किए गए ब्यूटी पार्लर व्यवसाय को आज एक सफल उद्यम में बदल दिया है। यह सफलता मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की जनकल्याणकारी योजनाओं, खासकर स्टार्ट-अप विलेज एंटरप्रेन्योरशिप प्रोग्राम के सहयोग से संभव हुई है।
निशा का जन्म और पालन-पोषण एक साधारण परिवार में हुआ, जहां आर्थिक स्थिति इतनी कमजोर थी कि घर की बुनियादी जरूरतें भी मुश्किल से पूरी हो पाती थीं। बच्चों की पढ़ाई, घरेलू खर्च और छोटी-मोटी आवश्यकताओं के लिए अक्सर उधार लेना पड़ता था। निशा के मन में हमेशा यह ख्याल रहता था कि अगर उन्हें सही मौका मिले तो वे अपनी मेहनत से परिवार को आत्मनिर्भर बना सकती हैं, लेकिन संसाधनों की कमी के कारण सपने अधूरे रह जाते थे।
फिर आया बदलाव का दौर। निशा जय भीम स्वयं सहायता समूह की सदस्य बनीं। समूह की नियमित बैठकों में उन्हें एसवीईपी योजना के बारे में जानकारी मिली, जो ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं को उद्यमिता के लिए प्रोत्साहित करती है। इस योजना के तहत उन्हें 10,000 रुपये का ऋण मिला। निशा ने अपनी बचत से 30,000 रुपये जोड़े और कुल 40,000 रुपये के निवेश से नवंबर 2021 में निशा ब्यूटी पार्लर की शुरुआत की।

पूरे हो रहे घरेलू खर्च, उधार की नौबत ही नहीं आती
शुरुआत में निशा के पार्लर में केवल बेसिक सेवाएं जैसे हेयर कट, फेशियल, मेहंदी और बेसिक ब्यूटी ट्रीटमेंट उपलब्ध थीं। निशा ने महिलाओं की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए सेवा शुरू की। उनकी विनम्रता, उचित मूल्य और बेहतरीन काम की वजह से जल्द ही पार्लर गांव और आसपास के क्षेत्रों में लोकप्रिय हो गया।धीरे-धीरे उन्होंने आधुनिक सेवाएं भी जोड़ीं, जिससे ग्राहकों की संख्या बढ़ती गई। व्यवसाय से होने वाली कमाई का सही उपयोग करते हुए निशा ने समय पर ऋण चुकता कर दिया। आज उनकी शेष बकाया राशि नगण्य है। इस ईमानदारी और जिम्मेदारी ने न केवल बैंक और समूह का विश्वास जीता, बल्कि समूह की अन्य महिलाओं को भी प्रेरित किया। परिवार की आर्थिक स्थिति अब पहले से कहीं मजबूत हो गई है। बच्चों की पढ़ाई सुचारु रूप से चल रही है, घरेलू खर्च आसानी से पूरे हो रहे हैं और जरूरतों के लिए उधार लेने की नौबत नहीं आती।

निशा की सफलता बनी प्रेरणादायी
निशा का पार्लर अब सिर्फ व्यवसाय नहीं रहा, बल्कि एक सामाजिक बदलाव का माध्यम बन गया है। गांव की महिलाओं को ब्यूटी सेवाओं के लिए दूर शहर जाने की जरूरत नहीं पड़ती। इससे उनका समय और पैसा दोनों बचता है। निशा ने अपने पार्लर में अन्य महिलाओं को भी रोजगार दिया है, जिससे कई परिवारों को सहारा मिला है।उनकी सफलता देखकर ग्रामीण महिलाएं अब स्वयं उद्यमिता की ओर कदम बढ़ा रही हैं।

पार्लर को और विस्तार देना चाहती हैं निशा

भविष्य में निशा अपने पार्लर को और विस्तार देना चाहती हैं। वे नए उपकरण खरीदकर हेयर कलरिंग, ब्राइडल मेकअप, स्पा ट्रीटमेंट और नेल आर्ट जैसी आधुनिक सेवाएं शुरू करना चाहती हैं। उनका सपना है कि निशा ब्यूटी पार्लर एक मॉडर्न ब्यूटी स्टूडियो बने, जहां न केवल स्थानीय महिलाएं बल्कि आसपास के शहरों से भी ग्राहक आएं।

एसवीईपी योजना महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही
उपायुक्त स्वत: रोजगार सुरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि एसवीईपी योजना उत्तर प्रदेश में ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। ऐसी कई सफल कहानियां हैं जहां छोटे ऋण और प्रशिक्षण ने महिलाओं के जीवन बदल दिए। निशा की कहानी इसी योजना की एक जीती-जागती मिसाल है, जो मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश के विजन को साकार करती है।

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रविवार, 01 मार्च 2026

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