जनपद के जहांगीरगंज सीएचसी समेत कई केंद्रों से जारी हुए संदिग्ध प्रमाण पत्र
स्वास्थ्य विभाग ने शुरू किया जांच
एएनएम निलंबित, कंप्यूटर ऑपरेटर को सेवा समाप्ति का नोटिस
(आशा भारती नेटवर्क)
अंबेडकर नगर। फर्जी जन्म प्रमाण पत्र जारी करने का बड़ा मामला सामने आया है। जांच में पता चला है कि जहांगीरगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र समेत अन्य स्वास्थ्य इकाइयों से एक हजार से अधिक संदिग्ध प्रमाण पत्र जारी किए गए। इस खुलासे के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है।
प्रारंभिक जांच में 28 प्रमाण पत्रों की जांच की गई। इनमें से 21 प्रमाण पत्र फर्जी पाए गए। कई मामलों में केवल गांव का नाम सही पाया गया, जबकि बाकी विवरण गलत भरे गए थे।
इन प्रमाण पत्रों के आधार पर फर्जी आधार कार्ड बनने की भी आशंका जताई जा रही है। विभाग अब इससे जुड़े सभी रिकॉर्ड की जांच कर रहा है।
मामले में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र नरियांव के संविदा कंप्यूटर ऑपरेटर अंजनी कुमार और एएनएम रामरती देवी पर आरोप लगे हैं। ग्राम पंचायत अधिकारी प्रशांत पटेल की तहरीर पर कटका थाने में मामला दर्ज कराया गया है।
कार्रवाई के तहत एएनएम रामरती देवी को निलंबित कर दिया गया है। वहीं कंप्यूटर ऑपरेटर अंजनी कुमार को सेवा समाप्त करने का नोटिस दिया गया है।
स्वास्थ्य विभाग अब उन आधार कार्डों की भी जांच कर रहा है, जो इन प्रमाण पत्रों के आधार पर आधार कार्ड बने हो सकते हैं। अधिकारियों के अनुसार, दो से तीन दिन में जांच रिपोर्ट आने की संभावना है।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी संजय कुमार शैवाल ने बताया कि पूरे मामले की गहन जांच की जा रही है। इसमें शामिल अन्य लोगों की पहचान करने का प्रयास हो रहा है। दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की बात कही गई है।
यह मामला रायबरेली जिले में सामने आए फर्जी प्रमाण पत्र प्रकरण की तरह बताया जा रहा है। हालांकि यहां यह गड़बड़ी स्वास्थ्य विभाग से जुड़ी पाई गई है।









