
उर्वरक वितरण व्यवस्था पर प्रशासन की कड़ी निगरानी, कालाबाजारी व टैगिंग पर सख्ती; किसानों के लिए कंट्रोल रूम भी सक्रिय
(आशा भारती नेटवर्क)
अंबेडकर नगर 01 अगस्त 2026। जिला कृषि अधिकारी ने बताया कि जनपद में यूरिया व फास्फेटिक उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता है। उन्होंने बताया कि माह जुलाई तक यूरिया के क्रमिक लक्ष्य 25115 मी०टन के सापेक्ष 40614 मी०टन, डी०ए०पी० के लक्ष्य 4914 मी०टन के सापेक्ष 7351 मी०टन, एन०पी०के० के लक्ष्य 1146 मी०टन के सापेक्ष 3926 मी०टन, एस०एस०पी० के लक्ष्य 10325 मी०टन के सापेक्ष 22139 मी०टन एवं एम०ओ०पी० के लक्ष्य 484 मी०टन के सापेक्ष 163 मी०टन की उपलब्धता हुई है, जिसमें से वितरण के उपरान्त वर्तमान में सहकारिता एवं निजी क्षेत्र में संयुक्त रूप से यूरिया 15637 मी०टन, डी०ए०पी० 2619 मी०टन, एन०पी०के० 3019 मी०टन, एस०एस०पी० 7731 मी०टन एवं एम०ओ०पी० 124 मी०टन उपलब्ध है। उर्वरक प्राप्त करने के लिये फार्मर रजिस्ट्री अनिवार्य है।
उन्होंने बताया कि उर्वरक से सम्बन्धित किसी भी प्रकार के समस्या के लिये जनपद में कार्यालय जिला कृषि अधिकारी, अम्बेडकरनगर में उर्वरक कंट्रोल रूम स्थापित है जिसका नम्बर 9455485475 है। जनपद के कृषक उर्वरकों के सम्बन्ध में उक्त हेल्प लाइन नम्बर पर सम्पर्क कर उर्वरकों के सम्बन्ध में अपनी शिकायत दर्ज कराकर समाधान प्राप्त कर सकते है।
इसी क्रम में जनपद में उर्वरक की उपलब्धता एवं वितरण व्यवस्था का स्थलीय सत्यापन भी कराया गया। निरीक्षण के दौरान रोशन, निवासी ग्राम बहरामपुर द्वारा इफको बाजार रामनगर से कृषक से कृषक संतराम निवासी बड़ागांव द्वारा सहकारी संघ जलालपुर से तथा कृषक मनीष दुबे निवासी ग्राम सुरजूपुर द्वारा जय हिंद खाद भंडार, कटेहरी से निर्धारित सरकारी दर पर यूरिया उर्वरक सुगमता से प्राप्त किया गया। सभी किसानों ने बताया कि उन्हें निर्धारित मूल्य पर पर्याप्त मात्रा में यूरिया उपलब्ध हुई तथा वितरण के दौरान किसी प्रकार की कोई असुविधा या अतिरिक्त धनराशि की मांग नहीं की गई।
शासन के निर्देशानुसार प्रशासन द्वारा जनपद के सभी उर्वरक विक्रेताओं को कड़े निर्देश दिए गए हैं कि उर्वरकों का विक्रय केवल शासन द्वारा निर्धारित दरों पर ही किया जाए तथा किसी भी प्रकार की अनियमितता, कालाबाजारी अथवा अनावश्यक टैगिंग कदापि न होने पाए। किसानों को समयबद्ध, पारदर्शी एवं सुगम ढंग से उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित कराने के लिए कृषि विभाग पूर्णतः प्रतिबद्ध है तथा वितरण व्यवस्था पर सतत निगरानी रखी जा रही है।














