
3.55 करोड़ रुपये की बने उपनिबंधन कार्यालय का हुआ लोकार्पण
आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर के जरिए ई-पंजीकरण दस्तावेजी काम का निपटारा अधिक तेजी और पारदर्शिता से होगा- जगदम्बा शुक्ला डीआईजी
*राजेश प्रताप सिंह*
अंबेडकरनगर।(आशा भारती नेटवर्क) जिला मुख्यालय स्थित अकबरपुर उप निबंधन कार्यालय (सब रजिस्ट्रार ऑफिस) को आखिरकार अपना नया और आधुनिक भवन मिल गया है। इस नवनिर्मित कार्यालय भवन का भव्य और आधिकारिक उद्घाटन स्टाम्प निरीक्षक जगदम्बा शुक्ला द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार और विधि-विधान से पूजन व हवन कर किया गया।
अकबरपुर नई तहसील भवन के ठीक पीछे निर्मित उप निबंधन कार्यालय 3.55 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किया गया है। इससे पहले यह कार्यालय काफी समय से पुराने और सीमित संसाधनों वाले परिसर में चल रहा था, जिससे बैनामा (रजिस्ट्री) कराने आने वाले लोगों, वकीलों और दस्तावेज लेखकों को बैठने और बुनियादी सुविधाओं की काफी किल्लत झेलनी पड़ती थी।
नवीन कार्यालय परिसर में आयोजित उद्घाटन समारोह की शुरुआत डीआईजी जगदम्बा शुक्ला की उपस्थिति में हुई। मुख्य अतिथि के तौर पर पहुंचे डीआईजी जगदंबा शुक्ला एवं विशिष्ट अतिथि एमएलसी ने दीप प्रज्वलित कर और वैदिक ब्राह्मणों के निर्देशन में विधिवत् हवन पूजन व मंत्रोच्चारण के साथ पूर्णाहुति देने के बाद फीता काटकर और शिलापट्ट का अनावरण कर नए भवन को आमजन मानस और विभागीय कर्मचारियों के लिए समर्पित कर दिया गया।
इस नए भवन के संचालन में आ जाने से अकबरपुर की जनता को व्यापक लाभ मिलने की उम्मीद है। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि डीआईजी जगदम्बा शुक्ला ने कहा कि नए और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर के जरिए ई-पंजीकरण और दस्तावेजी काम का निपटारा अधिक तेजी और पारदर्शिता से होगा। क्रेता, विक्रेता एवं गवाहों के बैठने के लिए पर्याप्त जगह, स्वच्छ पेयजल और आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था नए परिसर में शीघ्र सुनिश्चित कराई जाएंगी। क्षेत्र के पंजीकृत दस्तावेज लेखकों और अधिवक्ताओं को भी अब काम करने के लिए एक व्यवस्थित और सुरक्षित वातावरण मिलेगा।इस अवसर पर जिलापंचायत अध्यक्ष साधु वर्मा, भाजपा के पूर्व जिला अध्यक्ष ज्ञानसागर सिंह, पूर्व विधायक जयराम विमल,भाजपा नेता मनोज मिश्रा, दस्तावेज लेखक गिरजा शंकर गुप्ता, विनोद तिवारी, राधेश्याम मिश्रा, बृजेंद्र लाल श्रीवास्तव, घिर्राऊ लाल, मिथलेश वर्मा कमलेश वर्मा, जगदम्बा धुरिया सुनील वर्मा अधिवक्तागण तथा जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।


आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर के जरिए ई-पंजीकरण









