
👉07 से 21 जुलाई तक जनपद में चलेंगे व्यापक जनजागरूकता एवं प्रवर्तन कार्यक्रम
👉प्रत्येक थाने से 10-10 युवाओं का सड़क “सुरक्षा मित्र” के रूप में होगा चयन,किए जायेंगे प्रशिक्षित
👉आई0आई0टी0 मद्रास के साथ सड़क सुरक्षा को नारी शक्ति के नेतृत्व में जन आंदोलन का स्वरूप देगा शून्य दुर्घटना दिवस अभियान’’
अंबेडकर नगर 30 जून 2026।(आशा भारती नेटवर्क) जनपद में सड़क दुर्घटनाओं में प्रभावी कमी लाने तथा प्रत्येक नागरिक में सुरक्षित यातायात के प्रति उत्तरदायित्व की भावना विकसित करने के उद्देश्य से आगामी “शून्य दुर्घटना दिवस अभियान” (07 जुलाई से 21 जुलाई, 2026) के सफल संचालन हेतु प्रस्तावित कार्ययोजना की समीक्षा बैठक जिलाधिकारी श्रीमती ईशा प्रिया की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित की गई। बैठक में जिलाधिकारी ने अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन, विभागीय समन्वय तथा जनसहभागिता सुनिश्चित किए जाने के संबंध में संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए गए।
इस अवसर पर सेंटर ऑफ एक्सीलेन्स फॉर रोड सेेफ्टी, आई0आई0टी0 मद्रास के श्री हेमेन्द्र शर्मा के द्वारा ‘‘नारी शक्ति द्वारा सुरक्षित अम्बेडकरनगर’’ की थीम पर आगामी शून्य दुर्घटना दिवस अभियान पर सहभागी लोकतंत्र की अवधारणा पर आधारित एवं विस्तृत कार्ययोजना प्रस्तुतीकरण किया गया।
इस अवसर पर जिलाधिकारी ने कहा कि सड़क सुरक्षा केवल प्रशासन अथवा किसी एक विभाग का विषय नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक नागरिक की साझा जिम्मेदारी है। सड़क दुर्घटनाओं में प्रभावी कमी लाने के लिए आवश्यक है कि जनसामान्य स्वयं यातायात नियमों के पालन के प्रति जागरूक एवं उत्तरदायी बने। इसी उद्देश्य से पुलिस, परिवहन, स्वास्थ्य, शिक्षा, लोक निर्माण विभाग तथा अन्य संबंधित विभागों के समन्वित प्रयासों से *जनपद में 21 जुलाई, 2026 को “शून्य दुर्घटना दिवस (Zero Accident Day-ZAD)” के रूप में मनाया जाएगा।* इसके अंतर्गत 07 जुलाई से 21 जुलाई, 2026 तक जनपदभर में व्यापक जनजागरूकता, प्रवर्तन एवं सहभागिता आधारित कार्यक्रम संचालित किए जाएंगे।
अभियान के सफल क्रियान्वयन हेतु जिलाधिकारी ने अपर पुलिस अधीक्षक (पश्चिमी) को निर्देशित किया कि आगामी 05 जुलाई, 2026 तक जनपद के प्रत्येक थाने से 10-10 युवाओं का चयन कर उन्हें “सड़क सुरक्षा मित्र” के रूप में प्रशिक्षित किया जाए, ताकि वे अपने-अपने क्षेत्रों में सड़क सुरक्षा के संदेश के प्रभावी संवाहक बन सकें तथा लोगों को यातायात नियमों के पालन हेतु प्रेरित करें।
उन्होंने जिला मिशन प्रबंधक, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) को निर्देश दिए कि ‘‘नारी शक्ति द्वारा सुरक्षित अम्बेडकरनगर’’ थीम पर स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को सड़क सुरक्षा संबंधी ब्रीफिंग, प्रचार सामग्री एवं पंपलेट उपलब्ध कराकर अभियान से सक्रिय रूप से जोड़ा जाए, उन्हें प्रेरित करें कि वे स्वयं रोड सेफ्टी के नियमों का पालन करें तथा अपने परिवार के सभी सदस्यों एवं आस पास के लोगों को सड़क सुरक्षा के उपायों के प्रति जागरूक करे। जिससे ग्रामीण क्षेत्रों तक सड़क सुरक्षा का संदेश प्रभावी ढंग से पहुँचाया जा सके।
बैठक में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी एवं जिला विद्यालय निरीक्षक को निर्देशित किया गया कि विद्यालयों में “घर सुरक्षित लौटें” विषय पर पेंटिंग, निबंध, वाद-विवाद, स्लोगन लेखन तथा अन्य रचनात्मक प्रतियोगिताओं का आयोजन कराया जाए। इन प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को जनपद स्तर पर सम्मानित एवं पुरस्कृत किया जाएगा, जिससे विद्यार्थियों में सड़क सुरक्षा के प्रति व्यवहारिक जागरूकता विकसित हो सके।
जिलाधिकारी ने युवा मंगल दलों, स्वयंसेवी संस्थाओं एवं सामाजिक संगठनों की सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए कहा कि अभियान के दौरान हेलमेट एवं सीट बेल्ट के अनिवार्य प्रयोग, निर्धारित गति सीमा का पालन, नशे की अवस्था में वाहन न चलाने, मोबाइल फोन का प्रयोग करते हुए वाहन न चलाने तथा अन्य यातायात नियमों के अनुपालन के प्रति व्यापक जनजागरूकता अभियान संचालित किया जाए।
उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनपद के चिन्हित दुर्घटना बाहुल्य स्थलों (ब्लैक स्पॉट्स) का पुनः स्थलीय निरीक्षण कर वहाँ आवश्यक सुधारात्मक कार्य, चेतावनी संकेतक, रिफ्लेक्टिव साइन बोर्ड, रोड मार्किंग, स्पीड कैल्मिंग उपाय, प्रकाश व्यवस्था तथा अन्य सड़क सुरक्षा संबंधी आधारभूत सुविधाएँ प्राथमिकता के आधार पर विकसित कराई जाएँ, जिससे दुर्घटनाओं की संभावना को न्यूनतम किया जा सके।
जिलाधिकारी ने कहा कि अभियान का उद्देश्य केवल नियमों का अनुपालन सुनिश्चित कराना नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक में सुरक्षित यातायात की संस्कृति विकसित करना है। अतः सभी विभाग समन्वित रूप से कार्य करते हुए जनभागीदारी को बढ़ावा दें, और जनपद में सड़क दुर्घटनाओं में उल्लेखनीय कमी लाने हेतु “शून्य दुर्घटना दिवस अभियान” के उद्देश्य को पूर्ण करें।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी श्री आनंद कुमार शुक्ला, अपर पुलिस अधीक्षक (पश्चिमी), अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग (प्रांतीय खंड एवं निर्माण खंड), जिला मिशन प्रबंधक (एनआरएलएम), जिला विद्यालय निरीक्षक, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी, समस्त खंड विकास अधिकारी, राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।


सड़क सुरक्षा को जन आंदोलन









