वायरल फोटो और सोशल मीडिया दावों पर स्कूल ने दी सफाई, घटना को बताया तोड़-मरोड़ कर किया गया पेश*
अंबेडकर नगर। (आशा भारती नेटवर्क)अकबरपुर के सेंट पीटर्स स्कूल में कक्षा तीन के एक बीमार छात्र को कथित रूप से शिक्षक द्वारा पिटाई किए जाने की खबर ने सोशल मीडिया और स्थानीय समुदाय में हलचल पैदा कर दी। वायरल फोटो और खबरों के अनुसार छात्र के चेहरे पर चोट और सूजन आई थी।
छात्र के पिता ने स्कूल प्राचार्य से शिकायत करते हुए कहा कि उनके बीमार बच्चे के साथ अनुचित व्यवहार किया गया। पिता ने स्पष्ट किया कि उन्होंने पहले से ही शिक्षक को बच्चे की तबियत खराब होने की जानकारी दी थी। उन्होंने कहा कि यदि कार्रवाई नहीं हुई, तो वह एफआईआर दर्ज कराएंगे। खबरों में यह भी उल्लेख था कि छात्र बीजेपी नेता के बेटे से जुड़ा है, जिससे मामले की संवेदनशीलता और बढ़ गई।
सेंट पीटर्स स्कूल के प्रबंध तंत्र ने पूरे मामले को खारिज कर दिया है। उन्होंने बताया कि वायरल फोटो 10 फरवरी का है, जब बच्चे की तबियत खराब होने के कारण अभिभावक ने उसे स्कूल ग्रुप में अवकाश के लिए अपलोड किया था। प्रबंध तंत्र ने स्पष्ट किया कि 18 फरवरी को छात्र स्कूल आया और उस दिन कोई पिटाई की घटना नहीं हुई। प्रबंध समिति ने कहा कि घटना को सोशल मीडिया पर तोड़-मरोड़ कर पेश किया गया और वायरल दावे वास्तविकता के अनुरूप नहीं हैं। स्कूल ने यह भी बताया कि बच्चों की सुरक्षा, स्वास्थ्य और अनुशासन सर्वोपरि हैं और किसी भी प्रकार की अनुचित कार्रवाई को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
सोशल मीडिया पर वायरल खबर ने छात्रों के माता-पिता और स्थानीय समुदाय में चिंता पैदा की। कई अभिभावक ने प्रबंध तंत्र पर संदेह जताया, जबकि कुछ ने प्रबंध समिति के खंडन को सही मानते हुए मामले को अफवाह करार दिया।
विशेषज्ञों का कहना है कि स्कूल में छात्रों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। किसी भी पिटाई या अनुचित व्यवहार के दावे की पुष्टि जांच के बाद ही होनी चाहिए। अभी तक पुलिस या शिक्षा विभाग ने इस मामले में कोई आधिकारिक जांच नहीं शुरू की है। हालांकि यदि अभिभावक एफआईआर दर्ज कराते हैं, तो मामला जांच के दायरे में आएगा। प्रबंध तंत्र ने कहा कि स्कूल में बच्चों की सुरक्षा, स्वास्थ्य और अनुशासन सुनिश्चित करने के लिए सख्त नियम अपनाए गए हैं।










