
अंबेडकर नगर। (आशा भारती नेटवर्क) चन्द्रोदय कुमार, जनपद न्यायाधीश / अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, अम्बेडकरनगर द्वारा आज दिनांक 22.04.2026 बुधवार को आगामी राष्ट्रीय लोक अदालत की भव्य सफलता हेतु समी न्यायिक अधिकारियों की बैठक ली गई। माननीय जनपद न्यायाधीश द्वारा सभी न्यायिक अधिकारियों को तत्काल सुलह समझौते के आधार पर निस्तारित हो जाने वाले मामलों 138 एन०आई० एक्ट के मामले एवं अन्य छोटे-मोटे आपराधिक मामले जो जुर्म स्वीकृति के आधार पर निस्तारित हो जाये, उन्हे चिन्हित करते हुये उन मामलों में कम से कम दो बार वादकारियों को नोटिस भेजने हेतु निर्देशित किया गया। सभी अधिकारियों को यह भी निर्देशित किया गया कि वह न्यायालयों में वर्षों से लम्बित मुकदमों का अधिक से अधिक निस्तारण कर इस लोक अदालत को अभी तक की सफलतम लोक अदालत बनाने का प्रयास करें। इस प्रकार न्यायालयों पर न केवल लम्बित मामलों का भार कम होगा बल्कि यादकारी भी अपने मुकदमों से खुशी-खुशी छुटकारा पायेंगे।
इस बैठक में समस्त न्यायिक अधिकारीगण के साथ ही श्री भारतेन्दु प्रकाश गुप्ता, अपर जिला जज (त्वरित) द्वितीय/नोडल अधिकारी, राष्ट्रीय लोक अदालत तथा श्रीमती शिखा यादव, सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण अम्बेडकरनगर भी उपस्थित रहे। श्रीमती शिखा यादव, सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण अम्बेडकरनगर द्वारा बताया गया कि दिनांक 09.05.2026 को होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत माननीय उच्चतम न्यायालय, माननीय उच्च न्यायालय, जनपद न्यायालय, पारिवारिक न्यायालय, ग्राम न्यायालय के साथ ही साथ समस्त तहसीलों व राजस्व न्यायालयों में भी आयोजित होगी।
इस लोक अदालत में दीवानी वाद, भारतीय उत्तराधिकार अधिनियम, वैवाहिक एवं पारिवारिक वाद, सर्विस मैटर्स, मोटर दुर्घटना अधिनियम, मनरेगा वाद, व्यापार कर वाद, वजन व मापतौल अधिनियम्, वन अधिनियम, उपभोक्ता फोरम वाद. आरबीट्रेशन वाद, आपदा राहत वाद, आयकर वाद, यातायात चालानी वाद, चेक बाउंस से सम्बन्धित धारा 138 एन०आई० एक्ट तथा बैंक रिकवरी, बी०एस०एन०एल, भू राजस्व अधिनियम, विद्युत एवं जल बिलों से सम्बन्धित वाद एवं ऐसे अन्य समस्त वादों का निस्तारण किया जायेगा।
सचिव, जि०वि० से० प्रा० ने यह भी बताया गया कि राष्ट्रीय लोक अदालत के कम में दिनांक 06 मई से 08 मई तक आपराधिक (पेटी आफेन्स) मामलों की विशेष लोक अदालत एवं दिनांक 07 मई से 09 मई तक 138 एन०आई० एक्ट एवं कन्टेशियस वादों की विशेष लोक अदालत का भी आयोजन किया जायेगा। सचिव द्वारा यह भी बताया गया कि त्वरित सस्ता सुलभ न्याय प्रत्येक भारतीय नागरिक का नैतिक अधिकार है, लोक अदालत के माध्यम से पक्षों के मध्य आपसी सुलह समझौते के आधार पर विवाद का निस्तारण किया जाता है. पक्षकार व्यक्तिगत स्तर पर स्वंय पहल कर सकता है, लोक अदालत में निस्तारण हेतु किसी प्रकार का शुल्क देय नहीं है, लम्बित मामलों के लोक अदालत में निस्तारण पर न्यायशुल्क की वापसी की व्यवस्था है, लोक अदालत के निर्णय के विरुद्ध कोई अपील नहीं की जा सकती। आम जनमानस से अपील की गई कि राष्ट्रीय लोक अदालत आम जनमानस के लिये आयोजित की जा रही है इसलिये सभी लोग इसका अधिक से अधिक लाभ उठायें और आगामी राष्ट्रीय लोक अदालत को सफल बनायें।








