- शिक्षा विभाग की गाड़ी पर बड़ा सवाल
सुल्तानपुर।(आशा भारती नेटवर्क) जिले में शिक्षा का पाठ पढ़ाने वाले अफसर खुद नियमों की धज्जियां उड़ाते नजर आ रहे हैं। खण्ड शिक्षा अधिकारी कुड़वार रोजी सिंह जिस वाहन से विभागीय कार्यों के लिए क्षेत्र में भ्रमण कर रही हैं वह सरकारी नहीं बल्कि प्राइवेट वाहन बताया जा रहा है और इसकी पुष्टि किसी व्यक्ति ने नहीं बल्कि परिवहन विभाग की वेबसाइट कर रही है।
अब बड़ा सवाल यही है कि जब शिक्षा विभाग के जिम्मेदार अधिकारी ही नियमों को ताक पर रखकर सड़कों पर दौड़ रहे हैं तो बच्चों को क्या सीख दी जा रही होगी।
सूत्रों के अनुसार सरकारी विभागों में अनुबंधित वाहनों के लिए स्पष्ट नियम हैं कि टैक्सी परमिट और पीले नंबर प्लेट वाली गाड़ियां ही उपयोग में लाई जा सकती हैं। लेकिन यहां तस्वीर उलट दिख रही है। आरोप है कि नियमों को नजरअंदाज कर निजी वाहन का इस्तेमाल किया जा रहा है जो सीधे-सीधे राजस्व हानि की ओर इशारा करता है।
जब इस संबंध में खण्ड शिक्षा अधिकारी रोजी सिंह से सवाल किया गया तो उन्होंने जवाब दिया कि यह वाहन बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय सुल्तानपुर द्वारा उपलब्ध कराया गया है। लेकिन इससे सवाल और गहरे हो जाते हैं क्या विभागीय स्तर पर ही नियमों को दरकिनार करने की खुली छूट दे दी गई है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि कुछ महीने पहले ही स्कूलों में छात्रों को नियमों और अनुशासन का पाठ पढ़ाने की कवायद चल रही थी। अब वही विभाग खुद नियमों का उल्लंघन करता दिखे तो पूरे सिस्टम पर सवाल उठना लाजमी है। जब गुरु ही नियम तोड़ने लगें तो शिष्यों से अनुशासन की उम्मीद कैसी।
अब देखना यह है कि जिम्मेदार अधिकारी इस पर क्या कार्रवाई करते हैं या फिर यह मामला भी फाइलों में दबकर रह जाएगा।










