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अंबेडकरनगर बोर्ड रिजल्ट 2026: हाईस्कूल-इंटर में बेटियों का दबदबा, श्रेया और अमूल्या टॉपर

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Asha Bharti News

 

  • अंबेडकरनगर में यूपी बोर्ड रिजल्ट 2026 में बेटियों ने शानदार प्रदर्शन किया। हाईस्कूल में श्रेया ने टॉप किया, जबकि इंटरमीडिएट में अमूल्या रही अव्वल।

 

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अंबेडकरनगर। (आशा भारती नेटवर्क) जिले में इस बार यूपी बोर्ड परीक्षा परिणामों में बेटियों ने एक बार फिर शानदार प्रदर्शन करते हुए सफलता का परचम लहराया है। “पढ़े बेटियां-बढ़े बेटियां” का सपना साकार होता नजर आया, जहां हाईस्कूल और इंटरमीडिएट दोनों ही परीक्षाओं में बेटियों का दबदबा रहा।

हाईस्कूल में बेटियों का जलवा

हाईस्कूल के प्रदेश टॉप-10 में शामिल 18 मेधावियों में 15 बेटियां हैं, जबकि केवल तीन बेटे शामिल हो सके। जिले के पांच छात्र-छात्राओं ने प्रदेश स्तर पर स्थान बनाया, जिनमें चार बेटियां शामिल हैं।

श्रेया ने 97.17% अंक प्राप्त कर प्रदेश में चौथा स्थान हासिल किया और जिले की टॉपर बनीं। वहीं प्रेम प्रजापति ने 97% अंक के साथ पांचवां स्थान प्राप्त किया।

इसके अलावा श्रुति पांडेय, खुशी और रेचल वर्मा ने संयुक्त रूप से आठवां स्थान प्राप्त कर जिले का गौरव बढ़ाया।

इंटरमीडिएट में भी बेटियों का परचम

इंटरमीडिएट में भी बेटियों ने शानदार प्रदर्शन किया। अमूल्या वर्मा ने 94.20% अंक के साथ जिले में पहला स्थान हासिल किया।

दूसरे स्थान पर विकास कुमार और तीसरे स्थान पर वंदना वर्मा रहीं। इसके अलावा टॉप-10 सूची में रोली यादव, भूमि पटेल, आनंद कुमार मौर्य, उत्कर्ष, शिवानी मौर्या, ध्रुवी सिंह, रोहित कुमार, करिश्मा पांडेय और अभिनव वर्मा शामिल रहे।

शिक्षा के क्षेत्र में बेटियों की बढ़ती भागीदारी

इस वर्ष के परिणामों ने यह साबित कर दिया है कि बेटियां शिक्षा के क्षेत्र में लगातार आगे बढ़ रही हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि अभिभावकों की जागरूकता और शिक्षा के प्रति बढ़ती रुचि के कारण यह सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहा है।

 

श्रेया बोलीं- अभ्यास और रिवीजन रोज करती थी

श्रेया के अनुसार सामाजिक विज्ञान विषय सबसे कठिन लगा। लेकिन नियमित अभ्यास और रिवीजन से इसे भी संभाल लिया गया। लगातार तैयारी और समय पर सिलेबस पूरा करना उनकी सफलता का बड़ा कारण रहा।

पढ़ाई में अनुशासन बनाए रखना सबसे अहम रहा। श्रेया की बड़ी बहन वैष्णवी पांडेय बीएसए की छात्रा हैं और एसएससी की तैयारी कर रही हैं। उनसे पढ़ाई का माहौल और आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलती रही। घर में पढ़ाई का माहौल लगातार बना रहा, जिससे फोकस बनाए रखने में मदद मिली। ऑफलाइन पढ़ाई को उन्होंने ज्यादा महत्व दिया।

श्रेया ने बताया कि इंटर में गणित वर्ग चुनने का कारण विषय की समझ और सवाल हल करने में रुचि है। गणित उन्हें आसान और रोचक लगता है। उनका लक्ष्य सिविल सर्विस में जाना है। यह विचार उन्होंने बचपन से ही अपने मन में तय कर रखा है। अब आगे इसी दिशा में तैयारी करने की योजना है।

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