गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं,गन्ना खेती में पारदर्शिता की नई पहल, परीक्षण के बाद ही मिलेगा कृषि निवेश
अंबेडकर नगर। (आशा भारती नेटवर्क) जिला गन्ना अधिकारी ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी की प्रेरणा एवं शासन के निर्देशों के क्रम में उत्तर प्रदेश चीनी उद्योग एवं गन्ना विकास विभाग द्वारा प्रदेश के गन्ना किसानो के हितो की सुरक्षा, गन्ना उत्पादन एवं उत्पादकता में वृद्धि तथा कृषि निवेशो की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से गन्ना आयुक्त द्वारा प्रदेश के समस्त चीनी मिलों के लिए व्यापक निर्देश जारी किये है अब चीनी मिलों द्वारा गन्ना कृषकों को उर्वरक, जैव उर्वरक, सूक्ष्म पोषक तत्व, फसल सुरक्षा रसायन एवं अन्य कृषि निवेश केवल निर्धारित गुणवत्ता मानकों के पालन करने के बाद ही उपलब्ध कराये जा सकेंगे। इन निर्देशों का उद्देश्य किसानों को गुणवत्तायुक्त कृषि निवेश उपलब्ध कराना, खेती में लागत को नियंत्रित करना, पर्यावरण संरक्षण को बढावा देना, तथा गन्ना उत्पादन को वैज्ञानिक एवं टिकाऊ आधार प्रदान करना है। नई व्यवस्था के अतंर्गत प्रत्येक बैच के उर्वरक, सुक्ष्म पोषक तत्व एवं कीटनाशक का NABL मान्यता प्राप्त प्रयोगशाला से गुणवत्ता परीक्षण कराना अनिवार्य होगा। केवल वही कृषि निवेश किसानों को वितरति किए जायेगे। भारत सरकार द्वारा प्रतिबंधित पेस्टीसाइड्स का वितरण किसी भी दशा में नहीं किया जायेगा। चीनी मिलों को इफको, कृभको, यू.पी.एस.आर आई.आई.एस.आर जैसी प्रतिष्ठित संस्थाओं से गुणवत्तायुक्त कृषि निवेश क्रय करने के लिए प्रोत्साहित किया गया है ताकि किसानों को प्रमाणित एवं किफायती दरों पर कृषि निवेश उपलब्ध हो सके।
बताया गया कि किसी भी किसान को उसकी मांग एवं स्पष्ट सहमति के बिना कोई कृषि निवेश उपलब्ध नहीं कराया जायेगा। व्यवसायिक लाभ प्राप्त करने के उद्देश्य से लक्ष्य निर्धारित कर कृषि निवेश का वितरण करना पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा। कृषि निवेश केवल किसानों की वास्तविक आवश्यकता, गन्ना क्षेत्रफल तथा वैज्ञानिक अनुशंसा के अनुरूप निर्धारित मात्रा तक ही उपलब्ध कराया जायेगा, जिससे अनावश्यक रासायनिक उपयोग पर रोक लगे और किसानों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ न पड़े। दिशा निर्देश में चीनी मिलों की जबाबदेही सुनिश्चित की गई है चाहे कृषि निवेश का वितरण स्वंय चीनी मिल द्वारा किया जाये अथवा एजेंसी के माध्यम से गुणवत्ता एवं वितरण संबंधी सभी उत्तरदायित्व चीनी मिल के होगें उप गन्ना आयुक्त एवं जिला गन्ना अधिकारी द्वारा कृषि निवेश वितरण की नियमित निगरानी एवं निरीक्षण किया जायेगा। यदि किसी चीनी मिल द्वारा किसान की सहमति के बिना, जुबरन अथवा अधोमानक कृषि निवेशों का वितरण किया जाता है तो उसके विरूद्ध कठोर कार्यवाही की जायेगी ऐसी स्थिति में गन्ना मूल्य से कृषि निवेश की धनराशि के समायोजन एवं वसूली की सुविधा तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी जायेगी तथा आवश्कता पड़ने पर सम्बन्धित चीनी मिल द्वारा गन्ना आयुक्त के पक्ष में दी गई बैंक गारन्टी भी जब्त की जायेगी।
गन्ना खेती को अधिक वैज्ञानिक, पारदर्शी किसान केंद्रित एवं पर्यावरण अनुकूल बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। इससे किसानों को प्रमाणित, सुरक्षित एवं गुणवत्तायुक्त कृषि निवेश उचित मूल्य पर उपलब्ध होगें खेती की लागत पर नियंत्रण रहेगा, मृदा एवं पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा तथा गन्ना उत्पादन, उत्पादकता और किसान की आय में वृद्धि के साथ-साथ चीनी उद्योग को भी नई मजबूती प्राप्त होगी।









