
‘स्वस्थ भविष्य के लिए आयुर्वेद’ विषय पर आयुर्वेद की उपयोगिता एवं स्वस्थ जीवनशैली के प्रति किया गया जागरूक
(आशा भारती नेटवर्क)
अंबेडकर नगर 23 सितम्बर 2026। मुख्य सचिव, उत्तर प्रदेश शासन द्वारा दिए गए निर्देशों के क्रम में 11वें आयुर्वेद दिवस के अवसर पर जनपद में विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इस वर्ष आयुर्वेद दिवस की थीम ‘स्वस्थ भविष्य के लिए आयुर्वेद’ (Ayurveda for a Healthier Tomorrow) रही।
कार्यक्रमों की श्रृंखला में प्रातः 08:00 बजे क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी, अम्बेडकरनगर के नेतृत्व में जनजागरूकता रैली निकाली गई। रैली में विभागीय चिकित्सकों, योग प्रशिक्षकों, कर्मचारियों एवं स्थानीय नागरिकों ने प्रतिभाग कर आयुर्वेद एवं स्वस्थ जीवनशैली के प्रति जनजागरूकता का संदेश दिया।
11वें आयुर्वेद दिवस का मुख्य कार्यक्रम महामाया राजकीय एलोपैथिक मेडिकल कॉलेज, अम्बेडकरनगर के ऑडिटोरियम हॉल में आयोजित किया गया। कार्यक्रम का शुभारम्भ मुख्य अतिथि श्याम सुन्दर वर्मा (साधू वर्मा), माननीय प्रशासक जिला पंचायत एवं दिलीप देव पटेल, जिलाध्यक्ष भाजपा एवं द्वारा भगवान धन्वंतरि की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित एवं माल्यार्पण कर किया गया।
कार्यक्रम में चिकित्सकों द्वारा वर्तमान परिवेश में आयुर्वेद की महत्ता, जनमानस के लिए इसकी उपयोगिता तथा स्वस्थ जीवनशैली में आयुर्वेद की भूमिका पर व्याख्यान प्रस्तुत किए गए। डाॅ. एकता गुप्ता, डाॅ. साक्षी शुक्ला एवं डाॅ. ललिता ने आयुर्वेद की उपयोगिता एवं स्वास्थ्य संवर्धन से संबंधित जानकारी दी। डाॅ. उत्कर्ष आर्या ने स्वर्णप्राशन के महत्व पर प्रकाश डाला, जबकि डाॅ. इन्द्रेश भास्कर ने दिनचर्या, ऋतुचर्या, आहार, योग एवं रोग निवारक जीवनशैली के संबंध में जनजागरूक किया।
इस अवसर पर डाॅ. अजय गुप्ता, जिला अध्यक्ष आयुर्वेद एवं यूनानी चिकित्सा संघ ने आयुर्वेद को दैनिक जीवन में अपनाने तथा स्वास्थ्य संरक्षण के महत्व पर विचार व्यक्त किए। मुख्य अतिथि श्री दिलीप देव पटेल ने कहा कि आयुर्वेद दिवस का उद्देश्य आयुर्वेद को बढ़ावा देना, इसके प्रति जनजागरूकता बढ़ाना तथा समग्र स्वास्थ्य एवं आरोग्यता में इसकी भूमिका से जनसामान्य को परिचित कराना है।
कार्यक्रम के दौरान जनपद के आयुर्वेदिक औषधि निर्माताओं/फार्मेसियों द्वारा स्टॉल लगाकर विभिन्न आयुर्वेदिक औषधियों एवं उनके उपयोग के संबंध में उपस्थित लोगों को जानकारी दी गई।
कार्यक्रम में जिला उद्यान अधिकारी, प्रधानाचार्य राजकीय इंटर कॉलेज, जीजीआईसी टांडा, डाॅ. स्नेहलता जीजीआईसी डेहवा, विभिन्न विद्यालयों के शिक्षकगण, आशा बहुएं तथा आयुर्वेद विभाग के चिकित्साधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। इनमें डाॅ. सुमन वर्मा, डाॅ. गोमती वर्मा, डाॅ. अवनीन्द्र कुमार, डाॅ. सुनील कुमार, डाॅ. शैलेन्द्र कुमार, डाॅ. कृष्ण गोपाल, डाॅ. शुभ्रांशु श्रीवास्तव आदि शामिल रहे।
कार्यक्रम के अंत में क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी डाॅ. रणजीत कुमार ने ‘स्वस्थ भविष्य के लिए आयुर्वेद’ की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया तथा कार्यक्रम के समापन की घोषणा की।










