
जनपद में तीव्र गति से संचालित हो रहा विभिन्न मार्गों के गड्ढा मुक्ति का कार्य
प्रमुख मार्गों एवं दुर्गा प्रतिमा विसर्जन से संबंधित मार्गों की मरम्मत 10 अक्टूबर तक पूर्ण कराने के निर्देश
विद्यालयों में बेहतर शैक्षणिक वातावरण एवं छात्र-छात्राओं की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने पर दिया जोर
(आशा भारती नेटवर्क)
अंबेडकर नगर 01 अक्टूबर 2026।जिलाधिकारी श्रीमती ईशा प्रिया ने लोक निर्माण विभाग द्वारा जनपद में कराए जा रहे मार्गों के गड्ढामुक्ति एवं मरम्मत कार्यों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने अकबरपुर–जलालपुर–नेवरी मार्ग के किलोमीटर 12 से अमरतल संपर्क मार्ग पर कराए जा रहे पैच मरम्मत कार्य का स्थलीय निरीक्षण कर कार्य की प्रगति का जायजा लिया। इस दौरान पैच मरम्मत का कार्य प्रगति पर पाया गया।
निरीक्षण के दौरान अधिशासी अभियंता, लोक निर्माण विभाग, प्रांतीय खंड द्वारा जिलाधिकारी को अवगत कराया गया कि जनपद में मार्गों के गड्ढामुक्ति एवं मरम्मत का कार्य तेजी से कराया जा रहा है। संबंधित मार्ग पर निरीक्षण के दौरान गड्ढामुक्ति एवं पैच मरम्मत का कार्य प्रगति पर पाया गया।
जिलाधिकारी ने अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग को निर्देशित किया कि गड्ढामुक्ति एवं मरम्मत कार्यों में और तेजी लाई जाए तथा कार्यों की गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जाए। उन्होंने जनपद के समस्त प्रमुख मार्गों के साथ-साथ दुर्गा प्रतिमा विसर्जन से संबंधित मार्गों की आवश्यक मरम्मत का कार्य आगामी 10 अक्टूबर तक अनिवार्य रूप से पूर्ण कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मार्गों की स्थिति बेहतर रखने में किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरती जाए तथा निर्धारित समयसीमा में सभी आवश्यक कार्य पूर्ण कराए जाएं।
*जिलाधिकारी ने विभिन्न विद्यालयों का किया औचक निरीक्षण*
इसके उपरांत जिलाधिकारी ने राजकीय बालिका इण्टर कॉलेज, जलालपुर एवं प्राथमिक विद्यालय कन्नूपुर का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने विद्यालयों में शैक्षणिक गतिविधियों, शिक्षकों की उपस्थिति तथा उपलब्ध मूलभूत सुविधाओं का जायजा लिया। जिलाधिकारी ने विद्यालयों में सभी आवश्यक व्यवस्थाओं को निरंतर व्यवस्थित एवं सुचारु बनाए रखने के निर्देश दिए।
प्राथमिक विद्यालय कन्नूपुर के निरीक्षण के दौरान सभी शिक्षक उपस्थित पाए गए तथा विद्यालय में शैक्षणिक गतिविधियां बेहतर स्थिति में पाई गईं। छात्र-छात्राओं की उपस्थिति में कुछ कमी पाए जाने पर जिलाधिकारी ने शिक्षकों को निर्देशित किया कि बच्चों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए उनके अभिभावकों से निरंतर संपर्क एवं समन्वय स्थापित किया जाए।
जिलाधिकारी ने शिक्षकों से कहा कि बच्चों को उनकी रुचि एवं सीखने की क्षमता के अनुरूप और अधिक रुचिकर एवं प्रभावी ढंग से शिक्षण कराया जाए, जिससे विद्यालय में बेहतर शैक्षणिक वातावरण विकसित हो तथा बच्चों की विद्यालय के प्रति रुचि एवं नियमित उपस्थिति में वृद्धि हो।











