लखनऊ।(आशा भारती नेटवर्क) उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने राज्य के विकास और आम जनता को सहूलियत देने के लिए एक बार फिर बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में बुधवार को उनके सरकारी आवास पर हुई हाई-लेवल कैबिनेट बैठक में एक-दो नहीं, बल्कि पूरे 24 बड़े प्रस्तावों को हरी झंडी दे दी गई है।
इस बैठक में लिए गए फैसलों से जहां सरकारी वकीलों की जेब भरेगी, वहीं किसानों के लिए मक्के का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) तय कर दिया गया है। इसके अलावा, टैक्स के बोझ तले दबे प्रदेश के लाखों वाहन स्वामियों को सरकार ने अब तक की सबसे बड़ी राहत दे दी है।
योगी कैबिनेट ने इस बैठक में खाद्य एवं रसद विभाग की मक्का क्रय नीति के साथ-साथ कारागार, सिंचाई, आबकारी, नमामि गंगे एवं ग्रामीण जलापूर्ति, कृषि और स्टांप एवं रजिस्ट्रेशन विभाग के कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी है। सरकार ने मक्के का न्यूनतम समर्थन मूल्य ₹2400 प्रति कुंतल तय किया है। इसके लिए सरकारी खरीद की अवधि 5 जून से 31 जुलाई तक रहेगी और राज्य के कई प्रमुख जिलों में इसके लिए बकायदा पुख्ता व्यवस्था लागू की जाएगी।
सरकारी वकीलों की चांदी, फीस और भत्तों में 50% तक की भारी बढ़ोतरी
इस कैबिनेट बैठक का एक सबसे अहम और बड़ा प्रस्ताव सरकारी वकीलों की फीस बढ़ाने से जुड़ा था। जिला अदालतों से लेकर हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में उत्तर प्रदेश सरकार का पक्ष रखने वाले सरकारी अधिवक्ताओं की फीस और भत्तों में सीधे 50 प्रतिशत तक की बंपर बढ़ोतरी की गई है। आपको बता दें कि महाधिवक्ता की फीस में साल 2012 और बाकी सरकारी वकीलों की फीस में साल 2016 के बाद से कोई बदलाव नहीं हुआ था।
अब नए फैसले के बाद, जिला न्यायालयों में तैनात सरकारी वकीलों की मासिक रिटेनरशिप ₹9,000 से बढ़ाकर सीधे ₹14,000 तक की जा सकती है। वहीं, उनकी प्रति हियरिंग (सुनवाई) फीस को भी ₹1650 से बढ़ाकर ₹2500 किया जा सकता है। इसी तरह, एडिशनल डिस्ट्रिक्ट गवर्नमेंट एडवोकेट्स की रिटेनरशिप ₹7,200 से बढ़ाकर ₹11,000 और प्रति सुनवाई फीस ₹1,500 से बढ़ाकर ₹2,300 की जा सकती है। इसके अलावा, एडवोकेट जनरल (महाधिवक्ता) को मिलने वाली ₹75,000 की मासिक रिटेनरशिप को बढ़ाकर ₹1.25 लाख करने का प्रस्ताव है, जबकि उनकी प्रति हियरिंग फीस को ₹40,000 से बढ़ाकर ₹60,000 किया जा सकता है।
गाड़ी मालिकों की लग गई लॉटरी, पेनाल्टी 100% माफ और टैक्स में भी भारी छूट
परिवहन विभाग की तरफ से गाड़ी मालिकों के लिए जो वन-टाइम सेटलमेंट (ओटीएस) योजना प्रस्तावित की गई है, उसने इस बार इतिहास रच दिया है। इस योजना के तहत पहली बार न सिर्फ पेनाल्टी को 100% पूरी तरह माफ किया जा रहा है, बल्कि गाड़ी मालिकों को मूल टैक्स में भी करीब 35 प्रतिशत तक की बंपर छूट मिलने जा रही है। सरकार के इस कदम से प्रदेश के 8.48 लाख से अधिक बकायेदार वाहन मालिकों को सीधा और बड़ा फायदा मिलेगा। वहीं, सरकार के पास भी वर्षों से फंसी हुई टैक्स वसूली का रास्ता साफ हो जाएगा। गौरतलब है कि प्रदेश में 30 जनवरी 2026 से 7.5 टन तक के हल्के व्यावसायिक वाहनों पर वन-टाइम टैक्स व्यवस्था लागू की जा चुकी है।
आंकड़ों की बात करें तो 30 जनवरी 2026 तक इस कैटेगरी में लगभग 29.15 लाख वाहन रजिस्टर्ड हैं, जिनमें से करीब 8.50 लाख वाहनों पर टैक्स और पेनाल्टी मिलाकर कुल ₹1,853 करोड़ रुपये का भारी बकाया है। इस बकाये में ₹1,073 करोड़ रुपये मूल टैक्स है और ₹780 करोड़ रुपये पेनाल्टी के हैं। विभाग का मानना है कि मूल टैक्स में छूट मिलने से लोग खुद आगे आकर अपना बकाया जमा करेंगे। इस प्रस्ताव को तैयार करते समय पिछले साल 13 नवंबर को बिजली विभाग द्वारा लाई गई राहत योजना और साल 2024 में आबकारी व स्टांप विभाग की योजनाओं का भी हवाला दिया गया है, ताकि बरसों से लटके मामलों का निपटारा बिजली की रफ्तार से हो सके।
18 शहरों में दौड़ेंगी AC इलेक्ट्रिक बसें और जेलों को लेकर नई नीति
योगी कैबिनेट ने आम जनता के सफर को आरामदायक और प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए एक और बड़ा फैसला लिया है। अब राज्य के 18 प्रमुख शहरों में जीसीसी (GCC) मॉडल पर चमचमाती वातानुकूलित (AC) इलेक्ट्रिक बसें चलाई जाएंगी। इसके अलावा, कानून व्यवस्था और मानवाधिकारों को ध्यान में रखते हुए कैबिनेट ने जेल में बंदियों की मृत्यु होने पर दिए जाने वाले मुआवजे की एक नई नीति को भी मंजूरी दे दी है। साथ ही, प्रदेश के पांच अलग-अलग जिलों में नई और आधुनिक जेलों के निर्माण के प्रस्ताव को भी हरी झंडी दिखा दी गई है, जबकि मोहनलालगंज में नए रजिस्ट्री दफ्तर के लिए जमीन आवंटित करने के प्रस्ताव को भी पास कर दिया गया है।










