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मुसाफिर खाना,अमेठी। (आशा भारती नेटवर्क) मुसाफिर खाना तहसील क्षेत्र के अंतर्गत लखनीपुर गांव में उच्च न्यायालय के आदेश पर प्रशासन द्वारा सड़क से अतिक्रमण हटवाया गया। शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए 15 लोगों का धारा 151 में चालान किया गया। विवाद उत्पन्न कर रहे 8 पुरुष तीन महिलाओं को 14 दिन की रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। घटनास्थल पर पुलिस एवं पीएसी के जवान सुरक्षा के लिए तैनात किए गए हैं।
एसडीएम मुसाफिरखाना सविता यादव ने कहा कि अतिक्रमणकारियों के आबादी क्षेत्र में पक्के मकान हैं। उनके द्वारा कब्जा करने की नियत से छत पर रखे गए थे उनकी व्यक्तिगत भूमि पर पैमाइश कर चिन्हांकन करा दिया गया है। मौके पर शांति व्यवस्था कायम है।
अतिक्रमण हटाने के बाद राजनीति गर्माई
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने अमेठी में अतिक्रमण हटवाने का एक वीडियो ट्वीट करते हुए सत्ताधारी पार्टी पर तंज कसा है और लिखा…
*गरीबों के छप्परों को गिराकर… वो कहते हैं हमने लोगों को घर दिए। जनता पूछ रही है : लखनऊ, बनारस और गोरखपुर में भाजपाइयों के अवैध घर-मकानों, दुकानों पर बुलडोज़र कब चलेगा?*
*निंदनीय!*
जिला अधिकारी अमेठी राकेश मिश्रा ने उत्तर दिया और जानकारी दी
प्रकरण ग्राम लखनीपुर जनपद अमेठी से संबंधित हैं । माननीय उच्च न्यायालय के आदेश तथा तत्संबंधी अवमानना प्रकरण के क्रम में सड़क के नाम दर्ज भूमि से अवैध कब्जा शांतिपूर्ण तरीके से हटवाया गया है।प्रभावित परिवारों के पास रहने के लिए पक्के मकान गांव में मौजूद हैं।
पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के ट्वीट पर 2लाख से अधिक लोगों ने प्रतिक्रिया दी और हजारों लोगों ने कमेंट कर अपने विचार व्यक्त किए।उपरोक्त प्रकरण पर प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा जिला उपाध्यक्ष अमेठी गिरीश चंद्र शुक्ला ने उच्च न्यायालय का सम्मान करते हुए अतिक्रमण हटाए जाने के इस प्रकरण को अन्याय पर न्याय की जीत बताया है। और सभी अतिक्रमणकारियों से यह निवेदन किया है कि वे स्वेच्छा से सरकारी भूमि से अतिक्रमण हटा लें।





