(आशा भारती नेटवर्क)
अंबेडकर नगर। जिला पंचायत राज विभाग से जुड़ा एक मामला इन दिनों जनपद में चर्चा का विषय बना हुआ है। आरोप है कि जिला पंचायत राज अधिकारी द्वारा ऐसे व्यक्ति को अपने वाहन चालक के रूप में तैनात किया गया है, जिसे अकबरपुर कोतवाली क्षेत्र का हिस्ट्रीशीटर बताया जा रहा है।
सोशल मीडिया पर प्रसारित विभिन्न पोस्टों एवं चर्चाओं में दावा किया जा रहा है कि उक्त चालक के माध्यम से ग्राम प्रधानों और पंचायत सचिवों से अवैध वसूली कराई जा रही है। हालांकि इन आरोपों की अभी तक किसी सक्षम प्रशासनिक अथवा पुलिस अधिकारी द्वारा आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है और न ही इस संबंध में कोई जांच रिपोर्ट सार्वजनिक हुई है।
स्थानीय स्तर पर चर्चा है कि संबंधित चालक दिनेश कुमार को अकबरपुर कोतवाली द्वारा 87A श्रेणी का हिस्ट्रीशीटर घोषित किया गया है तथा उसका फोटो थाने के हिस्ट्रीशीटर एवं अपराधी अभिलेख बोर्ड पर भी प्रदर्शित है। यदि यह तथ्य सही है तो किसी हिस्ट्रीशीटर को सरकारी अधिकारी के वाहन चालक के रूप में तैनात किया जाना कई सवाल खड़े करता है।
जनपद में यह भी चर्चा है कि जिस व्यक्ति के आपराधिक पृष्ठभूमि से जुड़े होने की बातें सामने आ रही हों, उसके माध्यम से विभागीय कार्यों के संचालन अथवा अधिकारियों से निकटता को लेकर पारदर्शिता और प्रशासनिक जवाबदेही पर प्रश्नचिह्न लगना स्वाभाविक है।
फिलहाल मामले में न तो जिला पंचायत राज अधिकारी की ओर से कहा गया कि ड्राइवर के अवैदिक पृष्ठि भूमि की जानकारी उनको नहीं थी।
ऐसे में जनहित एवं पारदर्शिता की दृष्टि से मामले की निष्पक्ष जांच कराए जाने की मांग उठने लगी है, ताकि वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सके।











