
(आशा भारती नेटवर्क)
अंबेडकर नगर। रक्तदान को जनआंदोलन का स्वरूप देने वाले जनपद के वरिष्ठ युवा 85 बार रक्तदान कर चुके एवं “रक्तमित्र ” के नाम से विख्यात सूरज गुप्ता के लिए 28 जून का दिन ऐतिहासिक बनने जा रहा है। मानवता की सेवा और रक्तदान जागरूकता के क्षेत्र में डेढ़ दशक से अधिक समय से किए जा रहे उनके उल्लेखनीय कार्यों के लिए उन्हें एक ही दिन में दो प्रतिष्ठित सम्मान प्रदान किए जाएंगे।
लखनऊ में आयोजित होने वाले भव्य “संवेदना-2 सम्मान समारोह” में उन्हें विगत वर्ष 23 मार्च को आयोजित विशाल रक्तदान शिविर एवं रक्तदान जागरूकता अभियान के सफल संचालन हेतु नेशनल इंटीग्रेटेड फोरम ऑफ आर्टिस्ट्स एंड एक्टिविस्ट्स द्वारा प्रतिष्ठित “वल्र्ड बुक ऑफ एक्सीलेंस लंदन”और “इंटरनेशनल लाइफ सेवर अवार्ड” से सम्मानित किया जाएगा।
इतना ही नहीं, रक्तदान के क्षेत्र में पिछले 10 वर्षों से लगातार दी जा रही उत्कृष्ट सेवाओं को देखते हुए वर्ल्ड रिकॉर्ड ऑफ एक्सीलेंस, इंग्लैंड द्वारा भी उन्हें विशेष सम्मान प्रदान किया जाएगा।
जनपद अम्बेडकरनगर ही नहीं, बल्कि प्रदेश और देश के विभिन्न हिस्सों में रक्तदान के प्रति जागरूकता फैलाने वाले रक्तमित्र सूरज गुप्ता अब तक दर्जनों रक्तदान शिविर का आयोजन कर चुके हैं। उनके प्रयासों से हजारों यूनिट रक्त एकत्रित हुआ है तथा अनगिनत जरूरतमंद मरीजों को समय पर रक्त उपलब्ध हो सका है। यही कारण है कि आज वे रक्तदान आंदोलन का एक सशक्त चेहरा बन चुके हैं।
विभिन्न समाजसेवी संस्थाओं में अनेकों पदों पर कई वर्षों से लगातार कार्य करने वाले रक्तमित्र सूरज गुप्ता का मानना है कि रक्तदान केवल एक सामाजिक कार्य नहीं, बल्कि मानवता को जीवित रखने का सबसे पवित्र माध्यम है। उन्होंने अपनी इस उपलब्धि को व्यक्तिगत सम्मान न बताते हुए इसे सभी रक्तदाताओं, ब्लड बैंक के चिकित्सकों, टेक्नीशियनों, काउंसलरों, नर्सिंग स्टाफ और सहयोगियों को समर्पित किया है।
उन्होंने कहा, “यदि रक्तदाता आगे न आएं तो कोई भी अभियान सफल नहीं हो सकता। यह सम्मान उन हजारों अनाम रक्तवीरों का सम्मान है, जो किसी अनजान व्यक्ति को जीवन देने के लिए नि:स्वार्थ भाव से रक्तदान करते हैं।” एक ही दिन में दो-दो प्रतिष्ठित सम्मानों से सम्मानित होने जा रहे रक्तमित्र सूरज गुप्ता की यह उपलब्धि न केवल अम्बेडकरनगर जनपद बल्कि पूरे प्रदेश के लिए गर्व का विषय है।











