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प्रेस क्लब अम्बेडकर नगर: महिला संपादक से सदस्यता शुल्क के नाम पर 500 रूपए जमा कराने के 7 साल बाद भी नहीं जोड़ा नाम

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Asha Bharti News

महिला सशक्तीकरण के नाम पर प्रेस क्लब अम्बेडकर नगर बना छलावा

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निराला साहित्य हि. सा. की संपादक विभावती मौर्या ने मनमानी पूर्ण प्रेस क्लब की चुनाव प्रक्रिया को लेकर मुख्यमंत्री व जिलाधिकारी से शीघ्र शिकायत करने की दी चेतावनी

 

 

(आशा भारती नेटवर्क)
अंबेडकर नगर। प्रेस क्लब अम्बेडकर नगर महिला सशक्तीकरण के नाम पर पूरी तरह से छलावा व फिसड्डी साबित हुआ है। जहां उत्तर प्रदेश की लोकप्रिय सरकार द्वारा महिला सशक्तीकरण के नारे लगाए जा रहे हैं। वहीं प्रेस क्लब अम्बेडकर नगर द्वारा महिला संपादकों से सदस्यता शुल्क के नाम पर 500 रूपये जमा कराने के सात बर्ष बाद भी प्रेस क्लब अम्बेडकर नगर के सदस्यता सूची में नाम शामिल न करके चुनाव प्रक्रिया में शामिल होने से वंचित रखा गया जो अम्बेडकर नगर में 2019 से हुए प्रेस क्लब के समस्त चुनाव प्रक्रिया पर सवालिया निशान खड़ा करता है। अम्बेडकर नगर से प्रकाशित निराला साहित्य हिन्दी साप्ताहिक समाचार पत्र की संपादक विभावती मौर्या ने बताया कि प्रेस क्लब अम्बेडकर नगर के खाते में 500 रूपए सदस्यता शुल्क के नाम पर 2019 में जमा कराने के बाद अभी तक नाम प्रेस क्लब की सदस्यता सूची में शामिल नहीं किया गया जबकि संपादक विभावती मौर्या द्वारा तत्कालीन प्रबंध कार्यकारिणी को नाम शामिल करने हेतु पत्र भी दिया गया था। महिला संपादक से सदस्यता शुल्क 500 जमा कराकर प्रेस क्लब कमेटी व अध्यक्ष की मनमानी व तानाशाही पूर्ण रवैया व द्वेष भावना के चलते महिला संपादक का नाम सदस्यता सूची में शामिल नहीं किया गया बल्कि पहले से शामिल निराला साहित्य समाचार पत्र के संस्थापक का नाम बिना कारण व बिना नोटिस प्रेस क्लब की सदस्यता सूची से बाहर कर दिया गया जो 2019 के प्रेस क्लब अम्बेडकर नगर के चुनाव में उपाध्यक्ष पद के प्रत्याशी रहे। प्रेस क्लब अम्बेडकर नगर के अन्याय, मनमानी व तानाशाही की पराकाष्ठा तो देखिए 20 वर्षों से नियमित रूप से प्रकाशित सम्मानित समाचार पत्र निराला साहित्य से कोई भी नाम सदस्यता सूची में शामिल नहीं किया गया है। जो चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता पर बड़ा सवाल खड़ा करता है। जहां एक तरफ प्रेस क्लब अम्बेडकर नगर की चुनावी सरगर्मी बढ़ी हुई है। वहीं निराला साहित्य हिन्दी साप्ताहिक समाचार पत्र की संपादक विभावती मौर्या ने चुनाव प्रक्रिया पर रोक लगाने व 2019 से हुए सभी चुनावों की निष्पक्षता पर सवाल को लेकर जिलाधिकारी महोदया व मुख्यमंत्री महोदय को पत्र भेज कर शिकायत करेंगी। सबसे बड़ा हास्यास्पद तो यह लगता जो प्रेस क्लब के चुनाव मैदान में बड़े-बड़े पोस्टर बैनर लगाकर चुनाव मैदान में खड़े हैं जनपद के पत्रकारों के सबसे बड़े हितैषी होने का दावा कर रहे हैं। क्या उन प्रत्याशियों को प्रेस क्लब का यह अन्याय, मनमानी, तानाशाही पूर्ण रवैया, चुनाव प्रक्रिया पर प्रश्नचिन्ह, जैसी समस्या नहीं दिखाई दी यह अपने आपमें बड़ा ही सोचनीय विषय है।

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