
अंबेडकर नगर 29 जुलाई 2026। (आशा भारती नेटवर्क) विधान परिषद सदस्य हरिओम पांडे, जिला पंचायत अध्यक्ष श्याम सुंदर वर्मा उर्फ साधु वर्मा की उपस्थिति में जिलाधिकारी श्रीमती ईशा प्रिया की अध्यक्षता तथा मुख्य विकास अधिकारी आनंद कुमार शुक्ला एवं अन्य जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में कलेक्ट्रेट सभागार में “पंच सम्मेलन” का आयोजन किया गया।
सम्मेलन में “विकसित भारत–जी-राम-जी (VB-G RAM G) अधिनियम, 2025” की अवधारणा, उद्देश्य, प्रमुख प्रावधानों, विशेषताओं एवं क्रियान्वयन प्रक्रिया की विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई। 
इस अवसर पर माननीय जिला पंचायत अध्यक्ष श्री श्याम सुंदर वर्मा ने कहा कि इतिहास में पहली बार ग्राम प्रधानों को प्रशासक के रूप में महत्वपूर्ण दायित्व प्रदान किया गया है, जिसके लिए उन्होंने सरकार का आभार व्यक्त किया। उन्होंने सभी प्रशासकों से अपील की कि वे योजना की जानकारी जन-जन तक पहुंचाकर अधिकाधिक पात्र लाभार्थियों को इसका लाभ दिलाएं। उन्होंने बताया कि योजना में किसानों के हितों का विशेष ध्यान रखा गया है तथा कृषि कार्यों के प्रमुख समय को ध्यान में रखते हुए 60 दिनों का कृषि अवकाश निर्धारित किया गया है, जिससे खेती और रोजगार दोनों के बीच संतुलन बना रहेगा। उन्होंने सभी से प्रधानमंत्री के वर्ष 2047 तक विकसित भारत के संकल्प को साकार करने हेतु योजना के प्रभावी क्रियान्वयन में सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया।
जिलाधिकारी श्रीमती ईशा प्रिया ने योजना के उद्देश्य एवं प्रावधानों की जानकारी देते हुए निर्देशित किया कि विकास खंड स्तर पर भी कार्यशालाओं का आयोजन कर जनप्रतिनिधियों एवं आमजन को योजना की विशेषताओं से अवगत कराया जाए। उन्होंने कहा कि योजना से संबंधित सभी जिज्ञासाओं एवं समस्याओं का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जाए।
मुख्य विकास अधिकारी ने योजना की प्रमुख विशेषताओं पर प्रकाश डालते हुए बताया कि यह अधिनियम 1 जुलाई, 2026 से पूरे देश में लागू किया गया है। योजना के अंतर्गत अब ग्रामीण परिवारों को 100 दिनों के स्थान पर 125 दिनों के अकुशल रोजगार की गारंटी तथा ₹300 प्रतिदिन मजदूरी का प्रावधान किया गया है। इसके अतिरिक्त पूर्व की 266 प्रकार की अनुमन्य परियोजनाओं के स्थान पर अब 318 प्रकार के कार्य शामिल किए गए हैं, जिन्हें जल सुरक्षा, ग्रामीण आधारभूत ढांचा, ग्रामीण आजीविका तथा आपदा आधारित कार्यों की चार श्रेणियों में विभाजित किया गया है।
उन्होंने बताया कि योजना के अंतर्गत ग्राम पंचायतों का श्रेणीवार वर्गीकरण, पूर्व से धन आवंटन की व्यवस्था, कंटीजेंसी व्यय को 6 प्रतिशत से बढ़ाकर 9 प्रतिशत करना, योजना को पीएम गति शक्ति से जोड़ना तथा जॉब कार्ड के स्थान पर जनता कार्ड की व्यवस्था जैसे महत्वपूर्ण सुधार किए गए हैं। इससे योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता, गुणवत्ता और गति सुनिश्चित होगी। 
इस अवसर पर जनप्रतिनिधियों से आह्वान किया गया कि वे योजना की जानकारी प्रत्येक ग्राम तक पहुंचाकर ग्रामीणों को इसके लाभों से जोड़ने में सक्रिय भूमिका निभाएं, और विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में ग्राम पंचायतों की सहभागिता और अधिक सुदृढ़ बनाएं।
बैठक में अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व श्रीमती ज्योत्स्ना बंधु, ब्लॉक प्रमुख/प्रशासकगण, ग्राम प्रशासकगण, ग्राम पंचायत सचिव, डीसी विकसित भारत–जी-राम-जी सहित अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।













