Responsive Menu

Download App from

Download App

Follow us on

Donate Us

यूपी की पचास हजार ग्रेजुएट बेटियों को मिलेंगी स्कूटी, प्रदेश की आधी आबादी को सुरक्षा-सम्मान देना प्राथमिकता : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

Author Image
Written by
Asha Bharti News

 

लखनऊ। चुनावी वर्ष में महिलाओं को साधने के साथ ही उन्हें सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन से जोड़ने का संदेश देते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ‘लोकमाता अहिल्याबाई मातृशक्ति यात्रा’ योजना का शुभारंभ किया।

Advertisement Box

इसके तहत 60 वर्ष और इससे अधिक आयु की महिलाओं को परिवहन निगम की बसों में आजीवन निश्शुल्क यात्रा की सुविधा शुरू की गई। रक्षाबंधन के अवसर पर 27 अगस्त सुबह छह बजे से 29 अगस्त की मध्यरात्रि तक सभी महिलाएं एक सहयात्री के साथ रोडवेज और सिटी बसों में निश्शुल्क यात्रा कर करेंगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की स्नातक उत्तीर्ण 50 हजार बेटियों को अक्टूबर-नवंबर में स्कूटी दिए जाएंगे। दोनों घोषणाएं भाजपा के चुनावी संकल्प पत्र में शामिल थीं।

इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में बुधवार को आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की करीब साढ़े 12 करोड़ की आधी आबादी को सुरक्षा, सम्मान, स्वावलंबन और नेतृत्व से जोड़ना सरकार की प्राथमिकता है। महिलाएं चूल्हे से चेक, चेक से कारोबार और कारोबार से टेक्नोलाजी तक पहुंच रही हैं। सरकार का लक्ष्य प्रदेश में महिला कार्यबल की भागीदारी 50 प्रतिशत तक पहुंचाना है।

शादी के खर्च की रहती थी चिंता

वर्ष 2017 में यह करीब 12 प्रतिशत थी, जो अब बढ़कर 36 प्रतिशत हो गई है। 2017 से पहले प्रदेश में महिलाओं के बीच ‘देख सपाई-बिटिया घबराई’ का नारा गूंजता था। माफिया सिंडिकेट समानांतर सत्ता चला रहे थे। आरोप लगाया कि सपा सरकार में 300 रुपये की पेंशन में भी आधा पैसा खा लिया जाता था। वृद्धावस्था और निराश्रित महिला पेंशन, छात्रवृत्ति समेत योजनाओं में कमीशनखोरी होती थी। बेटी के जन्म पर खुशी के बजाय पढ़ाई और शादी के खर्च की चिंता रहती थी।

दंगा, कर्फ्यू, उपद्रव और असुरक्षा का माहौल था। डबल इंजन सरकार आने के बाद उपद्रव उत्सव में बदल गए हैं और बेटियां अब बेफिक्र होकर नाइट शिफ्ट कर रही हैं। बेटी की सुरक्षा में सेंध लगाने वाले के लिए जेल या जहन्नुम ही एकमात्र जगह है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 में प्रदेश में करीब 10 हजार महिला पुलिसकर्मी थीं, जबकि अब यह संख्या 45 हजार हो गई है। पुलिस भर्ती में 20 प्रतिशत बेटियों की भर्ती अनिवार्य की गई है और 32 हजार पदों पर भर्ती प्रक्रिया चल रही है।

इसके बाद महिला पुलिसकर्मियों की संख्या 50 हजार हो जाएगी। उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों ने पीएसी की 54 कंपनियां समाप्त कर दी थीं। सरकार ने इनके पुनर्गठन के साथ लखनऊ में उदा देवी, गोरखपुर में झलकारी बाई और बदायूं में अवंती बाई के नाम से तीन महिला पीएसी बटालियनें स्थापित की हैं। लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर को महिला स्वावलंबन की मिसाल बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि मुगल आक्रांताओं के दौर में उन्होंने सुशासन के साथ आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण का काम किया।

काशी विश्वनाथ और सोमनाथ सहित देश के सैकड़ों मंदिरों का पुनरुद्धार कराया। लखनऊ, कानपुर, आगरा, गाजियाबाद, मुरादाबाद, बरेली, प्रयागराज, अयोध्या, गोरखपुर, वाराणसी और झांसी में उनके नाम पर कामकाजी महिलाओं के लिए छात्रावास बनाए जा रहे हैं। प्रत्येक छात्रावास में 500 कामकाजी महिलाओं के नि:शुल्क रहने की व्यवस्था होगी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना जन्म से स्नातक तक बेटियों की पढ़ाई का प्लेटफार्म है।

कांग्रेस पर विरोध करने का आरोप

सामूहिक विवाह योजना के तहत सरकार बेटी की शादी के लिए एक लाख रुपये उपलब्ध करा रही है। 8,000 न्याय पंचायतों में डिजिटल इंटरप्रेन्योर की आधी संख्या महिलाएं होंगी। स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएं खेती, पशुपालन, फूड प्रोसेसिंग, रिटेल और हैंडीक्राफ्ट जैसे काम कर रही हैं। स्टार्टअप ईकोसिस्टम में महिलाओं की भागीदारी 50 प्रतिशत है। कहा कि आधी आबादी को उसी अनुपात में प्रतिनिधित्व मिलना चाहिए। उन्होंने नारी शक्ति वंदन अधिनियम का उल्लेख करते हुए सपा और कांग्रेस पर इसके विरोध का आरोप लगाया।

उन्होंने बहनों से अपील की कि रक्षाबंधन पर भाइयों के साथ सैनिकों, पूर्व सैनिकों और पुलिस जवानों को भी रक्षासूत्र बांधें और सुरक्षा के ईकोसिस्टम को मजबूत करने में योगदान दें। मुख्यमंत्री ने योजना के तहत 60 वर्ष से अधिक आयु की महिलाओं को प्रतीकात्मक स्मार्ट कार्ड वितरित किए। कुछ महिलाओं को बैग, साड़ी और मिठाई देकर सम्मानित भी किया। विशेष बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। बारिश के बीच मुख्यमंत्री ने बसों में यात्रा कर रहीं महिलाओं के साथ सेल्फी भी ली।

कार्यक्रम में परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह, महापौर सुषमा खर्कवाल, राज्यसभा सांसद ब्रजलाल, विधान परिषद सदस्य लालजी प्रसाद निर्मल, अवनीश सिंह और उमेश द्विवेदी, विधायक नीरज बोरा, अमरेश कुमार और ओपी श्रीवास्तव सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

आज का राशिफल

वोट करें

किसकी ज़िंदगी में ज़्यादा मुश्किलें आती हैं?

Advertisement Box

सोमवार, 14 सितंबर 2026

आज का सुविचार

शिक्षा की जड़ें भले ही कड़वी हों, पर उसका फल हमेशा मीठा होता है। हर दिन कुछ नया सीखने की आदत आपको सफलता की उन ऊंचाइयों तक ले जाएगी जिसका आपने सपना देखा है।

Advertisement Box
[news_reels]
WhatsApp