
मुख्यमंत्री जी के द्वारा UPCOS शुभारंभ कार्यक्रम का किया गया सजीव प्रसारण, आउटसोर्स कार्मिकों को मिली नई सेवा सुरक्षा की सौगात
महेश चंद्र गुप्ता ब्यूरो चीफ
अंबेडकरनगर 02 सितंबर 2026।(आशा भारती नेटवर्क) मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी द्वारा संपूर्ण आउटसोर्स मानव संसाधन प्रबंधन के डिजिटल एकीकरण हेतु लोक भवन सभागार लखनऊ से उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम (UPCOS) का शुभारंभ, UPCOS के पोर्टल एवं वेबसाइट की लॉन्चिंग तथा UPCOS के “लोगो” के अनावरण कार्यक्रम का कलेक्ट्रेट सभागार में विधान परिषद सदस्य हरिओम पांडे, माननीय कटेहरी विधायक धर्मराज निषाद, नगरपालिका अध्यक्ष अकबरपुर चंद्र प्रकाश वर्मा, जिलाधिकारी श्रीमती ईशा प्रिया, मुख्य विकास अधिकारी आनंद कुमार शुक्ला सहित बड़ी संख्या में उपस्थित विभिन्न विभागों के आउटसोर्स कार्मिकों एवं अन्य संबंधित विभागों के अधिकारियों की उपस्थिति में सजीव प्रसारण किया गया। इस अवसर पर माननीय मुख्यमंत्री सहित अन्य जनप्रतिनिधियों के उद्बोधन को सुना गया।
इस सजीव प्रसारण के दौरान माननीय मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश श्री योगी आदित्यनाथ जी ने अपने संबोधन में कहा कि आउटसोर्स कर्मचारियों के मानव संसाधन की बेहतर प्लानिंग की जा सके, इसके लिए भर्ती प्रक्रिया को ऑनलाइन और पारदर्शी बनाया जाएगा। भर्ती योग्यता और मेरिट के आधार पर होगी तथा राज्य सरकार की आरक्षण नीति के अनुरूप की जाएगी। रिक्रूटमेंट, पोस्टिंग, अटेंडेंस, सैलरी, ग्रेच्युटी, इंश्योरेंस और अन्य सेवा लाभों का डिजिटल मैनेजमेंट एवं डिजिटल मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाएगी।
उन्होंने कहा कि अब कर्मचारी अपनी सर्विस डिटेल, बैंक अकाउंट, अटेंडेंस, पेमेंट और वेतन से होने वाली कटौती आदि की जानकारी एक ही स्थान पर देख सकेगा। इसी व्यवस्था के माध्यम से वह अपना ग्रीवांस या शिकायत भी दर्ज करा सकेगा, शिकायत का स्टेटस देख सकेगा और निर्धारित समय-सीमा के भीतर उसका समाधान भी प्राप्त कर सकेगा।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि कर्मचारी का वेतन सीधे उसके बैंक खाते में जाएगा। EPF और ESI का योगदान भी नियमित रूप से जमा किया जाएगा। कोई आउटसोर्सिंग कंपनी या एजेंसी कर्मचारी के वेतन से अनावश्यक कटौती नहीं कर सकेगी। आउटसोर्सिंग कंपनी को सरकार अलग से उसका सेवा शुल्क देगी और कर्मचारी के वेतन से किसी प्रकार की सर्विस चार्ज की कटौती नहीं की जाएगी।
उन्होंने कहा कि EPF यानी कर्मचारी की भविष्य निधि का पैसा उसके नाम पर सुरक्षित रहेगा। सेवा से सेवानिवृत्ति के बाद यह राशि उसके भविष्य की आर्थिक सुरक्षा और पूंजी के रूप में उपयोगी होगी। इसी प्रकार ESI के माध्यम से कर्मचारियों को स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। यदि ESI अस्पताल में आवश्यक सुविधा उपलब्ध नहीं हो पाती है तो कर्मचारियों को कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने के लिए इसे आयुष्मान भारत जैसी स्वास्थ्य योजनाओं से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा, जिससे कर्मचारी और उसके परिवार को स्वास्थ्य बीमा का लाभ मिल सके।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि मातृत्व अवकाश सहित सभी वैधानिक सेवा लाभ कर्मचारियों को उपलब्ध कराए जाएंगे। किसी भी कर्मचारी के साथ किसी भी प्रकार का शोषण नहीं होने दिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि किसी आउटसोर्सिंग कंपनी को किसी कर्मचारी को मनमाने ढंग से हटाने की अनुमति नहीं होगी। यदि किसी कर्मचारी को हटाने की आवश्यकता होती है तो पहले सरकार को इसकी जानकारी देनी होगी। सरकार मामले की जांच करेगी और यदि कर्मचारी के विरुद्ध की गई शिकायत या रिपोर्ट गलत पाई जाती है तो उसके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी। किसी कर्मचारी का अनावश्यक उत्पीड़न या शोषण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि आउटसोर्स सेवा निगम द्वारा स्टेट बैंक के साथ किए गए एमओयू के माध्यम से कर्मचारियों को विभिन्न वित्तीय एवं सामाजिक सुरक्षा सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी। कर्मचारी का वेतन सीधे उसके बैंक खाते में जाएगा। निर्धारित वेतनमान के अनुसार कर्मचारियों को मिलने वाले वेतन के आधार पर दुर्घटना बीमा का कवर भी उपलब्ध कराया जाएगा। किसी दुर्घटना या आपदा की स्थिति में कर्मचारी के परिवार को 20 लाख रुपये से लेकर 40-50 लाख रुपये तक का दुर्घटना बीमा कवर उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाएगी।
उन्होंने कहा कि अग्निकांड की स्थिति में बैंक के माध्यम से 10 लाख रुपये तक की सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। आकस्मिक चिकित्सा आवश्यकताओं के लिए 5 लाख रुपये तक की व्यवस्था तथा आपात स्थिति में एयर एंबुलेंस की आवश्यकता होने पर 10 लाख रुपये तक की सहायता उपलब्ध कराने का प्रावधान किया गया है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि जीवन में किसी बड़ी अनहोनी की स्थिति में भी सरकार और यह व्यवस्था कर्मचारी के परिवार के साथ खड़ी रहेगी। पुत्र की शिक्षा के लिए 8 लाख रुपये तक, पुत्री की शिक्षा के लिए 10 लाख रुपये तक तथा दो पुत्रियों के विवाह के लिए 8 से 10 लाख रुपये तक की सहायता उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जा रही है। दुर्भाग्यवश किसी कर्मचारी की मृत्यु होने पर उसके परिवार को बैंक के माध्यम से 50 हजार रुपये की तत्काल सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
उन्होंने कहा कि जीरो बैलेंस पर खाता खोलने की सुविधा तथा बैंक खाते के माध्यम से परिवार के अधिकतम चार सदस्यों को विशेष योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराने की व्यवस्था भी की जा रही है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि आउटसोर्स सेवा निगम के माध्यम से आउटसोर्स वर्कफोर्स को एक संगठित, कुशल, सुरक्षित और सम्मानजनक वर्कफोर्स में बदलने का कार्य किया जा रहा है। इसका उद्देश्य आउटसोर्स कर्मचारियों को बेहतर सेवा सुरक्षा, सामाजिक सुरक्षा और सम्मानजनक कार्य वातावरण उपलब्ध कराना है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि हमने आउटसोर्स कर्मचारियों को बोझ नहीं माना, बल्कि प्रदेश के मानव संसाधन के रूप में उन्हें प्रदेश की संपत्ति माना है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ऑटोमेशन और नई अर्थव्यवस्था के दौर में कार्य की प्रकृति बदल रही है, लेकिन एक चीज हमारे लिए कभी नहीं बदलेगी और वह है मानव श्रम का सम्मान।
उन्होंने कहा कि याद रखना होगा कि टेक्नोलॉजी जितनी आगे जाएगी, गवर्नेंस को उतना ही अधिक मानवीय होना पड़ेगा। केवल टेक्नोलॉजी पर आधारित व्यवस्था पर्याप्त नहीं हो सकती। हम मशीन नहीं हैं। हमारी संवेदना ही हमारी पहचान बननी चाहिए।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि पिछले नौ वर्षों में डबल इंजन की सरकार ने प्रदेश में बिना किसी भेदभाव के भय से मुक्ति, भ्रष्टाचार और पक्षपात से मुक्ति तथा पारदर्शिता के साथ एक नई कार्यसंस्कृति को आगे बढ़ाने का काम किया है। कानून-व्यवस्था में सुधार हुआ है, जिससे सामान्य परिवारों का विश्वास बढ़ा है। बिजली और पानी घरों तक पहुंचा तो लोगों के जीवन में बदलाव आया है। सड़कें बनीं तो गांव और बाजार के बीच की दूरी कम हुई है। डीबीटी के माध्यम से गरीबों का हक सीधे उनके बैंक खातों में पहुंचाया गया है। अब बिचौलियों के हाथ में नकद पैसा नहीं जाएगा, बल्कि लाभार्थी के खाते में सीधे पैसा पहुंचेगा।
कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित सजीव प्रसारण कार्यक्रम में माननीय सदस्य विधान परिषद श्री हरिओम पांडे ने मुख्यमंत्री जी द्वारा UPCOS के शुभारंभ के अवसर पर जनपद के विभिन्न विभागों में तैनात आउटसोर्स कार्मिकों को बधाई देते हुए माननीय मुख्यमंत्री जी एवं प्रधानमंत्री जी का धन्यवाद ज्ञापित किया। उन्होंने कहा कि आप किसी भी कर्मचारी का शोषण नहीं होगा प्रत्येक आउटसोर्स कार्मिक का प्रत्येक माह 02 से 03 तारीख तक उनका मानदेय प्राप्त होगा।
कार्यक्रम के अंत में माननीय जनप्रतिनिधियों एवं जिलाधिकारी द्वारा लाभार्थियों का प्रमाण पत्र प्रदान किया गया।









