Responsive Menu

Download App from

Download App

Follow us on

Donate Us

राजेश पांडेय के नाम की चल रही थी चर्चा, फिर जितेंद्र मिश्रा कैसे बन गए राम मंदिर के पहले सीईओ?

Author Image
Written by
Asha Bharti News

 

अयोध्या: श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने रिटायर्ड विंग कमांडर जितेंद्र मिश्रा को राम मंदिर का पहला मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) नियुक्त किया है।

Advertisement Box

जितेंद्र मिश्रा के नाम ऐलान होने से पहले एनकाउंटर स्पेशलिस्ट पूर्व आईपीएस राजेश पांडेय के नाम की सीईओ बनने की खूब चर्चा हो रही थी. इनके साथ-साथ पूर्व आईपीएस परेश सक्सेना और पूर्व आईएएस दिनेश चंद्र का नाम भी चल रहा था. लेकिन, बाजी मार ले गए जितेंद्र मिश्रा. क्या जितेंद्र मिश्रा ने इस पद के लिए आवेदन दिया था? क्या था चयन का पैमाना और कैसे एक सैन्य बैकग्राउंड का अफसर आईएएस और आईपीएस अधिकारियों पर भारी पड़ गया? भारतीय वायुसेना के पूर्व विंग कमांडर जितेन्द्र मिश्रा के हाथों में अब राम मंदिर की कमान होगी. लेकिन, इस नियुक्ति के सामने आते ही सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं. क्या जितेंद्र मिश्रा ने इस पद के लिए खुद आवेदन किया था? क्या राम मंदिर ट्रस्ट की इस प्रतिष्ठित भूमिका के लिए सेवानिवृत्त IAS और IPS अधिकारियों की दावेदारी पर एक सैन्य बैकग्राउंड का अफसर भारी पड़ गया? आइए, जानते हैं इस पूरी नियुक्ति और प्रक्रिया के बारे में.

क्या जितेंद्र मिश्रा ने CEO पद के लिए आवेदन किया था?

मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो जितेंद्र मिश्रा ने इस पद के लिए कोई व्यक्तिगत आवेदन नहीं दिया था. श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने राम मंदिर परिसर के प्रबंधन, श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा व्यवस्था और दैनिक संचालन के लिए एक पेशेवर और मजबूत प्रशासनिक ढांचे की आवश्यकता महसूस की थी. इसके लिए ट्रस्ट ने खुद योग्य और अनुभवी प्रशासनिक व सैन्य पृष्ठभूमि वाले अधिकारियों की प्रोफाइल को शॉर्टलिस्ट किया था. ट्रस्ट की निर्माण समिति और वरिष्ठ पदाधिकारियों जिसमें नृपेंद्र मिश्र जैसे वरिष्ठ पूर्व आईएएस अधिकारी शामिल हैं, ने जितेंद्र मिश्रा के अनुभव और पृष्ठभूमि को देखते हुए स्वयं उनसे संपर्क किया और उन्हें इस जिम्मेदारी को संभालने का प्रस्ताव दिया।


राम मंदिर के सीईओ की नियुक्ति को लेकर प्रक्रिया काफी दिनों से चल रही थी.

कौन हैं जितेंद्र मिश्रा और क्या है उनका बैकग्राउंड?

जितेद्र मिश्रा भारतीय वायुसेना से विंग कमांडर के पद से सेवानिवृत्त हुए हैं. यूपी के देवरिया जिले के रहने वाले हैं और पिछले साल ऑपरेशन सिंदूर के वक्त वह चर्चा में आए थे. वायुसेना में अपने सेवाकाल के दौरान उन्होंने जटिल लॉजिस्टिक्स, बड़े बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के क्रियान्वयन और उच्च स्तर की सुरक्षा व अनुशासन प्रणालियों का संचालन किया है. वायुसेना से सेवानिवृत्ति के बाद उन्होंने नागरिक उड्डयन, इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट और बड़े परिसरों के प्रबंधन में भी निजी और सार्वजनिक क्षेत्रों में महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाई हैं.

क्या एयरफोर्स का बैकग्राउंड रिटायर्ड IAS और IPS पर भारी पड़ा?

यह चर्चा जोरों पर है कि राम मंदिर जैसे महत्वपूर्ण ट्रस्ट के प्रबंधन के लिए आमतौर पर किसी सेवानिवृत्त IAS या IPS अधिकारी को प्राथमिकता दी जाती है, तो फिर एक पूर्व सैन्य अधिकारी का चयन क्यों हुआ? जितेंद्र मिश्रा को सीईओ बनाने के पीछे मुख्य वजहें.

पहला, भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा रणनीति: राम मंदिर में रोजाना लाखों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं. त्योहारों और विशेष अवसरों पर यह संख्या कई गुना बढ़ जाती है. सैन्य अधिकारियों को संकट प्रबंधन, त्वरित निर्णय क्षमता और अनुशासित भीड़ नियंत्रण का गहन अनुभव होता है.

दूसरा, सख्त लॉजिस्टिक्स और ऑपरेशनल मैनेजमेंट: राम मंदिर परिसर केवल एक मंदिर नहीं, बल्कि एक विशाल इंफ्रास्ट्रक्चर हब है, जिसमें सुरक्षा, कतार प्रबंधन, वीआईपी मूवमेंट, बिजली-पानी की व्यवस्था, और आपदा प्रबंधन शामिल हैं. एयरफोर्स में लॉजिस्टिक्स और ऑपरेशनल प्लानिंग का उनका अनुभव इस काम के लिए सबसे सटीक माना गया।

तीसरा, गैर-राजनीतिक और तटस्थ छवि: ट्रस्ट एक ऐसी पेशेवर कार्यशैली चाहता था जो बिना किसी प्रशासनिक लालफीताशाही के त्वरित गति से निर्णय ले सके. रक्षा पृष्ठभूमि के अधिकारियों की त्वरित निर्णय क्षमता इस मामले में नौकरशाही के ढर्रे पर भारी पड़ी।

राम मंदिर CEO की क्या होंगी मुख्य जिम्मेदारियां?

पहला सीईओ बनने के बाद जितेंद्र मिश्रा के कंधे पर राम जन्मभूमि परिसर की कई बड़ी जिम्मेदारियां होंगी. दर्शन व्यवस्था को और अधिक सुगम और सरल बनाना. मंदिर परिसर में आधुनिक तकनीक AI कैमरे, बायोमेट्रिक पास, स्मार्ट क्राउड मैनेजमेंट का बेहतर इस्तेमाल शुरू करना, राम पथ और परिसर के भीतर सुरक्षा एजेंसियों के साथ समन्वय स्थापित करना, श्रद्धालुओं के लिए पेयजल, चिकित्सा सहायता और व्हीलचेयर जैसी बुनियादी सुविधाओं की निगरानी के साथ-साथ श्रद्धालुओं के चंदा का ठीक से संचालन और प्रबंधन करना, जिससे चंदा चोरी जैसा विवाद दोबारा से न हो.

जानकारों की मानें तो जितेंद्र मिश्रा की राम मंदिर के पहले सीईओ के रूप में नियुक्ति किसी सिफारिश या सीधी अर्जी का नतीजा नहीं, बल्कि ट्रस्ट द्वारा एक विशेषज्ञ सैन्य अधिकारी की क्षमताओं पर जताया गया भरोसा है. उनके आने से यह साफ है कि राम मंदिर ट्रस्ट अब परिसर के प्रबंधन को अंतरराष्ट्रीय स्तर के अनुशासित और हाई-टेक मॉडल पर ले जाने के लिए पूरी तरह तैयार है।

चिकित्सा सेवा केवल पेशा ही नहीं, बल्कि मानवता की सेवा है- डॉ.प्रिया सिंह
आज फोकस में

चिकित्सा सेवा केवल पेशा ही नहीं, बल्कि मानवता की सेवा है- डॉ.प्रिया सिंह

40 हजार रुपये का वादा सुनते ही मची हलचल! चुनाव से पहले अखिलेश ने खोल दिया ऐसा पत्ता, महिलाओं से लेकर छात्राओं तक सबके लिए बड़ा ऐलान
आज फोकस में

40 हजार रुपये का वादा सुनते ही मची हलचल! चुनाव से पहले अखिलेश ने खोल दिया ऐसा पत्ता, महिलाओं से लेकर छात्राओं तक सबके लिए बड़ा ऐलान

यूपी की पचास हजार ग्रेजुएट बेटियों को मिलेंगी स्कूटी, प्रदेश की आधी आबादी को सुरक्षा-सम्मान देना प्राथमिकता : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
आज फोकस में

यूपी की पचास हजार ग्रेजुएट बेटियों को मिलेंगी स्कूटी, प्रदेश की आधी आबादी को सुरक्षा-सम्मान देना प्राथमिकता : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

मंडल स्तरीय खेल प्रतियोगिता में बालिकाओं का हुआ चयन
आज फोकस में

मंडल स्तरीय खेल प्रतियोगिता में बालिकाओं का हुआ चयन

राज्यपाल महोदया ने जिला प्रशासन अंबेडकरनगर को किया सम्मानित
आज फोकस में

राज्यपाल महोदया ने जिला प्रशासन अंबेडकरनगर को किया सम्मानित

सीएम योगी ने अंबेडकरनगर में किया 706 करोड़ से अधिक की 194 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण/शिलान्यास
आज फोकस में

सीएम योगी ने अंबेडकरनगर में किया 706 करोड़ से अधिक की 194 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण/शिलान्यास

आज का राशिफल

वोट करें

आमिर की अगली फिल्म 'सितारे जमीन पर' का ट्रेलर हाल ही में रिलीज हुआ। क्या यह फिल्म आमिर को बॉक्स ऑफिस पर सफलता दिला पाएगी?

Advertisement Box

गुरुवार, 03 सितंबर 2026

आज का सुविचार

परिवर्तन ही सृष्टि का नियम है। जो व्यक्ति समय के साथ खुद को बदलने के लिए तैयार रहता है, वही प्रगति कर सकता है। बदलाव से डरें नहीं, बल्कि उसे एक नए अवसर के रूप में स्वीकार करें।

Advertisement Box

और भी पढ़ें

[news_reels]
WhatsApp