सुल्तानपुर।(आशा भारती नेटवर्क) थाना बंधुआँकला क्षेत्र के खोखीपुर ग्राम सभा स्थित कंधई के पुरवा में जमीन के विवाद को लेकर दो पक्षों के बीच जमकर मारपीट का मामला सामने आया है। आरोप है कि राजस्व विभाग की नाप के बाद पीड़ित पक्ष अपनी जमीन पर पिलर निर्माण का काम करा रहा था। इसी दौरान दूसरे पक्ष के लोगों ने लाठी-डंडे और कुल्हाड़ी से हमला कर दिया।
आरोप है कि अचानक हुए हमले में एक बुजुर्ग महिला भी घायल हो गईं। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। घायल महिला को उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उनकी हालत को देखते हुए जिला मेडिकल कॉलेज के लिए रेफर कर दिया।
पीड़ित पक्ष के मुताबिक, जमीन को लेकर दोनों पक्षों के बीच पहले से विवाद चल रहा था। आरोप है कि राजस्व विभाग द्वारा जमीन की नाप किए जाने के बाद वह अपनी भूमि पर पिलर निर्माण करा रहा था। इसी दौरान दूसरे पक्ष के लोगों ने मौके पर पहुंचकर विवाद शुरू कर दिया और देखते ही देखते लाठी-डंडे व कुल्हाड़ी से हमला कर दिया।
*CCTV में कैद हुई पूरी घटना*
इस मामले में सबसे अहम बात यह सामने आई है कि मारपीट की पूरी घटना CCTV कैमरे में रिकॉर्ड होने की बात कही जा रही है। ऐसे में CCTV फुटेज पुलिस की जांच में महत्वपूर्ण साक्ष्य साबित हो सकता है। फुटेज से यह स्पष्ट होने में मदद मिल सकती है कि विवाद की शुरुआत कैसे हुई और किस व्यक्ति की क्या भूमिका रही।
*पांच लोगों पर FIR, मुख्य आरोपी को मुचलके पर छोड़ा*
मामले में पीड़ित पक्ष की तहरीर के आधार पर पुलिस ने पांच लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। हालांकि, पीड़ित पक्ष का आरोप है कि नामजद मुख्य आरोपी को पुलिस ने थाने बुलाकर मुचलके पर छोड़ दिया।
*यहीं से पुलिस की कार्रवाई पर सवाल खड़े हो रहे हैं।*
जब एक बुजुर्ग महिला घायल हुई हैं, उन्हें जिला मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है और घटना का CCTV फुटेज भी मौजूद होने की बात सामने आ रही है, तो मुख्य आरोपी को मुचलके पर छोड़ने की जरूरत क्यों पड़ी?
क्या पुलिस ने CCTV फुटेज की जांच कर ली है?
क्या घायल महिला की मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर धाराओं की समीक्षा की गई?
क्या सभी नामजद आरोपियों की भूमिका की निष्पक्ष जांच हुई?
और यदि जांच में मुख्य आरोपी की भूमिका सामने आती है, तो क्या मुचलके पर छोड़े जाने के बाद भी उसके खिलाफ कानून के मुताबिक कार्रवाई होगी?
फिलहाल मामले की जांच पुलिस के हाथ में है। अब देखना यह है कि CCTV फुटेज, मेडिकल रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर पुलिस आगे क्या कार्रवाई करती है। पीड़ित पक्ष भी पुलिस की अगली कार्रवाई का इंतजार कर रहा है।








