
अंबेडकर नगर।(आशा भारती नेटवर्क) डॉ. राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय, अयोध्या द्वारा प्रायोजित एवं बाबा बरुआ दास पी.जी. कॉलेज, परुइया आश्रम, अम्बेडकर नगर द्वारा आयोजित दो दिवसीय अंतरमहाविद्यालयीय वॉलीबॉल (पुरुष) प्रतियोगिता के दूसरे दिन दो सेमीफाइनल और फाइनल मुकाबले संपन्न हुए। पहले दिन लीग मैच खेलकर चार टीमों ने सेमीफाइनल में अपनी जगह सुनिश्चित की थी। दूसरे दिन प्रातःकालीन सत्र में मुख्य अतिथि क्षेत्राधिकारी जलालपुर अजय कुमार ने खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त कर सेमीफाइनल मैच का विधिवत शुभारंभ किया।
प्रतियोगिता के पहले सेमीफाइनल मैच में देव इंद्रावती पी.जी. कॉलेज ने बीएनकेबी पी.जी. कॉलेज को पराजित कर फाइनल में प्रवेश किया, जबकि दूसरे सेमीफाइनल मुकाबले में विश्वविद्यालय आवासीय परिसर की टीम ने केएनआई सुल्तानपुर को कड़े संघर्ष में शिकस्त देकर फाइनल का टिकट हासिल किया। खिताबी मुकाबला देव इंद्रावती पी.जी. कॉलेज और विश्वविद्यालय आवासीय परिसर के मध्य तीन सेटों के अत्यंत रोमांचक व कांटे के संघर्ष तक चला। दोनों टीमों के खिलाड़ियों ने उत्कृष्ट खेल कौशल, फुर्ती और आक्रामक खेल का शानदार प्रदर्शन किया। अंततः कप्तान भानु प्रकाश के कुशल नेतृत्व में देव इंद्रावती पी.जी. कॉलेज ने 25-22, 20-25 और निर्णायक सेट में 15-12 के स्कोर से रोमांचक मुकाबला जीतकर स्वर्ण पदक व विजेता ट्रॉफी अपने नाम की, वहीं धीरज यादव के नेतृत्व वाली विश्वविद्यालय कैंपस की टीम उपविजेता रही। विजेता टीम के प्रबंधक डॉ. आकाश श्रीवास्तव व कोच श्री मनोज कुमार तथा विश्वविद्यालय कैंपस टीम के कोच डॉ. अनुराग पाण्डेय के मार्गदर्शन की सराहना करते हुए सभी खिलाड़ियों को मेडल प्रदान किए गए।
समापन व पुरस्कार वितरण सत्र के मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश भाजपा संकुल के सहसंयोजक डॉ. मिथिलेश त्रिपाठी, विशिष्ट अतिथि फैजाबाद-गोरखपुर शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के प्रत्याशी श्री अजय कुमार सिंह, प्रबंध निदेशक पूज्य महंत देवेन्द्र दास जी एवं प्राचार्य प्रो. परेश कुमार पाण्डेय ने विजेता व उपविजेता टीमों तथा निर्णायक मंडल को ट्रॉफी व मेडल देकर सम्मानित किया। मुख्य अतिथि डॉ. मिथिलेश त्रिपाठी ने अपने प्रेरणादायी उद्बोधन में कहा कि खेल युवाओं में चरित्र निर्माण, नेतृत्व क्षमता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं, जहाँ परिणाम से अधिक महत्वपूर्ण खेल भावना और अनुशासन होता है। महाविद्यालय के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक पूज्य महंत देवेन्द्र दास जी ने खिलाड़ियों को अपना पावन आशीर्वाद देते हुए कहा कि बाबा बरुआ दास की इस पावन तपोभूमि पर युवाओं ने स्वस्थ खेल संस्कृति की मिसाल पेश की है। प्राचार्य प्रो. परेश कुमार पाण्डेय ने सभी प्रतिभागियों को बधाई देते हुए कहा कि हार और जीत सिक्के के दो पहलू हैं, निरंतर प्रयास और उच्च खेल आदर्श ही खिलाड़ी की वास्तविक पहचान होते हैं। उपप्राचार्य प्रो पवन कुमार गुप्त ने खेल को व्यक्तित्व विकास का आधार बताया, वहीं आयोजन सचिव डॉ. कुलदीप सिंह ने प्रतियोगिता का संक्षिप्त प्रतिवेदन प्रस्तुत कर सभी के प्रति आभार ज्ञापित किया।
इस अवसर पर विश्वविद्यालय के क्रीड़ा पर्यवेक्षक के रूप में डॉ. सूरज प्रसाद एवं प्रो. पूनम जोशी उपस्थित रहीं और उन्होंने खेल व्यवस्थाओं की सराहना की। पूरे आयोजन को सफल बनाने में कार्यालय अधीक्षक श्री अतुल कुमार एवं छात्र स्वयंसेवकों—दिनेश कुमार, कृष्ण कुमार, आयुष कुमार, शिवा मौर्या, शानू कुमार, सत्यम वर्मा, चांदनी द्विवेदी, स्नेहा विश्वकर्मा, चाहत शर्मा, शिवांगी यादव, विवेक और दीपू—का विशेष व सराहनीय योगदान रहा। इसके अतिरिक्त महाविद्यालय की पंजीकरण समिति के डॉ. अखिलेश यादव, डॉ. अनिल कुमार मिश्र, डॉ. राजेश , डॉ. सै. बाकर मेंहदी, स्वागत समिति के डॉ. पवन कुमार गुप्त, डॉ. पवन कुमार दूबे, श्री ज्ञानेन्द्र कुमार, डॉ. अराधिका, डॉ. गुंजन सिंह, डॉ. राजितराम यादव, तकनीकी समिति के श्री आलोक यादव, डॉ. विवेक शुक्ला, डॉ. वीरेन्द्र कुमार, डॉ. शम्भूनाथ, जलपान समिति के डॉ. राम अचल यादव, डॉ. अमरनाथ, श्रीमती प्रतिमा मौर्य, डॉ. साजेदा सिद्दीकी, कु. दीप्ती पटेल, प्रचार-प्रसार समिति के डॉ. चन्द्रकेश कुमार, डॉ. सत्येन्द्र कुमार यादव, डॉ. सत्यप्रकाश पाण्डेय, डॉ. अखिलेश कुमार पाण्डेय, डॉ. सुधीर कुमार पाण्डेय, प्राथमिक चिकित्सा समिति के डॉ. रमेश कुमार, डॉ. शिवांगी सिंह, श्रीमती पूजा चौरसिया, श्री अमरजीत यादव, पुरस्कार एवं समारोह समिति के डॉ. चन्द्रकेश कुमार, डॉ. अराधिका, डॉ. गुंजन सिंह तथा अनुशासन समिति के सदस्यों के परस्पर सहयोग व समर्पण से समूचा कार्यक्रम सकुशल संपन्न हुआ। मीडिया प्रबंधन का दायित्व डॉ. सत्येन्द्र कुमार यादव, डॉ. सुधीर कुमार पाण्डेय एवं डॉ. सत्यप्रकाश पाण्डेय ने निभाया तथा छायांकन आशीष शर्मा एवं अनिल केसरी द्वारा किया गया। आयोजन के कार्यक्रमों का प्रभावी संचालन डॉ. सत्यप्रकाश पाण्डेय द्वारा किया गया।









