
महेश चंद्र गुप्ता ब्यूरो चीफ
अंबेडकरनगर। (आशा भारती नेटवर्क) जिला विधिक सेवा प्राधिकरण अम्बेडकरनगर के तत्वाधान में शनिवार को आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में कुल 1,28,959 वादों का निस्तारण किया गया।जनपद न्यायालय परिसर के सभागार में सुबह 10 बजे शुरू हुई इस लोक अदालत की अध्यक्षता जिला न्यायाधीश चंद्रोदय कुमार ने की। कार्यक्रम की शुरुआत मां सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्वलन एवं पुष्प अर्पण से हुई।लोक अदालत में कुल 26 अदालतें लगाई गईं। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सुधा यादव ने सबसे अधिक 3160 वादों (मोटर वाहन अधिनियम, चालानी एवं फौजदारी मामलों सहित) का निस्तारण किया। अपर जिला जज तृतीय चिन्ताराम ने 597 वाद निस्तारित किए। पारिवारिक न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश राजेश भारद्वाज ने 8 वैवाहिक एवं पारिवारिक वाद सुलझाए।जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने 7 वादों में 12,48,500 रुपये की क्षतिपूर्ति दिलाई।विभिन्न बैंकों (बैंक ऑफ बड़ौदा, भारतीय स्टेट बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक आदि) ने 458 वादों का निस्तारण करते हुए 3,40,09,130 रुपये का समझौता किया, जिसमें से 1,11,46,300 रुपये तत्काल वसूल किए गए।इसके अलावा विद्युत विभाग के 3509 वाद, राजस्व न्यायालयों के 19,319 वाद और अन्य विभागों के 99,054 वाद निस्तारित हुए। कुल 1,22,340 प्री-लिटिगेशन वादों का निपटारा हुआ।जिला न्यायाधीश चंद्रोदय कुमार ने कहा कि न्यायालयों पर मुकदमों का बोझ लगातार बढ़ रहा है। हत्या जैसे जघन्य अपराधों को छोड़कर शेष सभी मामलों में सुलह-समझौते के माध्यम से निस्तारण किया जा सकता है। उन्होंने प्री-लिटिगेशन मामलों पर जोर देते हुए कहा कि वैवाहिक विवाद, मारपीट या अन्य झगड़ों को अदालत पहुंचने से पहले जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के माध्यम से बिना कोर्ट फीस के सुलझाया जा सकता है।लोक अदालत में जिला उद्योग विभाग द्वारा ‘एक जनपद एक उत्पाद’ एवं ‘एक जनपद एक व्यंजन’ के तहत स्टॉल लगाकर स्थानीय उत्पादों एवं व्यंजनों की जानकारी आमजन को दी गई।कार्यक्रम में अपर जिला जजगण, विशेष न्यायाधीश, ग्राम न्यायालयों के न्यायाधिकारी, बार एसोसिएशन के पदाधिकारी, बैंक अधिकारी, पत्रकार एवं न्यायालय कर्मचारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव शिखा यादव ने आयोजन का संचालन किया।











