
अधीक्षण अभियन्ता ने नागरिकों से योजना का अधिकाधिक लाभ उठाने का किया आह्वान
भियांव विकास खण्ड में विशेष सचिव कौशल विकास ने किया स्टाल का उद्घाटन
(आशा भारती नेटवर्क)
अंबेडकरनगर 06 अक्टूबर 2026। सेवा संकल्प अभियान के अन्तर्गत जनपद में पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के व्यापक प्रचार-प्रसार एवं जनसामान्य को योजना के लाभों की जानकारी देने के उद्देश्य से विभिन्न स्थानों पर जागरूकता स्टाल लगाए गए।

अधीक्षण अभियन्ता कार्यालय के समक्ष श्रीराम इंटरप्राइजेज एवं यूपीनेडा द्वारा लगाए गए स्टाल का उद्घाटन अधीक्षण अभियन्ता रजनीश श्रीवास्तव एवं परियोजना अधिकारी प्रवीण नाथ पाण्डेय द्वारा किया गया। इस अवसर पर अधीक्षण अभियन्ता ने विद्युत विभाग के कर्मचारियों एवं उपस्थित नागरिकों से अपील की कि वे अपने घरों पर रूफटॉप सोलर प्लांट स्थापित कर पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना का अधिकाधिक लाभ उठाएं तथा स्वच्छ ऊर्जा के माध्यम से प्रधानमंत्री के स्वच्छ एवं आत्मनिर्भर ऊर्जा के संकल्प को साकार करने में सहभागी बनें।
इसी क्रम में विकास खण्ड भियांव में भी यूनीनेडा के सौजन्य से मे० एल०के० पावर सिस्टम द्वारा जागरूकता स्टाल लगाया गया। स्टाल का उद्घाटन श्री अभिषेक सिंह (आईएएस), विशेष सचिव, कौशल विकास, लखनऊ द्वारा फीता काटकर किया गया। विशेष सचिव ने योजना की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए आमजन से अधिकाधिक संख्या में रूफटॉप सोलर संयंत्र स्थापित कराने तथा योजना का लाभ उठाने का आह्वान किया।
इस अवसर पर खण्ड विकास अधिकारी भीटी, एडीओ एसटी, सहायक विकास अधिकारी (कृषि); सहायक विकास अधिकारी (पंचायत); आरईसी-30 के प्रतिनिधि श्री अभिनीत श्रीवास्तव तथा श्री धीरेन्द्र सिंह, यूपीनेडा सहित संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
पीएम सूर्यघर योजना से चार प्रकार के लाभ
यूपीनेडा के परियोजना अधिकारी ने योजना के प्रमुख लाभों की जानकारी देते हुए बताया कि पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना से स्वहित, जनहित, राष्ट्रहित एवं लैण्ड हित—चार प्रमुख लाभ प्राप्त होते हैं।
स्वहित के अन्तर्गत घरों में रूफटॉप सोलर प्लांट स्थापित होने से विद्युत बिल में बचत होती है। जनहित की दृष्टि से सौर ऊर्जा के उपयोग से विद्युत पर निर्भरता कम होती है और विद्युत कटौती की समस्या से राहत मिलती है। राष्ट्रहित में सौर ऊर्जा के उपयोग से पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों पर निर्भरता तथा कार्बन उत्सर्जन में कमी आती है। एक यूनिट विद्युत को कोयले से उत्पादित करने पर लगभग 850 ग्राम कार्बन डाईऑक्साइड के उत्सर्जन की संभावना रहती है।
इसी प्रकार लैण्ड हित के अन्तर्गत सौर ऊर्जा उत्पादन के लिए रूफटॉप का उपयोग होने से अतिरिक्त भूमि की आवश्यकता कम होती है। एक मेगावाट क्षमता के सोलर प्लांट की स्थापना में लगभग 04 एकड़ भूमि की आवश्यकता होती है।
7810 घरों में रूफटॉप सोलर प्लांट से हो रहा लगभग 23 मेगावाट विद्युत उत्पादन
परियोजना अधिकारी ने बताया कि जनपद अम्बेडकरनगर में अब तक 7,810 घरों में रूफटॉप सोलर पावर प्लांट स्थापित किए जा चुके हैं, जिनसे लगभग 23 मेगावाट विद्युत का उत्पादन हो रहा है। इस क्षमता के सोलर प्लांट यदि भूमि पर स्थापित किए जाते तो लगभग 92 एकड़ भूमि की आवश्यकता होती। रूफटॉप सोलर के माध्यम से इतनी भूमि की बचत भी हो रही है।
अधिकारियों ने नागरिकों से अपील की कि वे पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना की जानकारी प्राप्त कर अपने घरों पर रूफटॉप सोलर संयंत्र स्थापित कराएं तथा आर्थिक बचत के साथ-साथ स्वच्छ एवं हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने में अपना योगदान दें।











