कुपोषण से स्वस्थ हुए तीन बच्चों को डीएम ने किया सम्मानित
महेश चंद्र गुप्ता ब्यूरो चीफ
अंबेडकरनगर।(आशा भारती नेटवर्क)
बच्चों, गर्भवती महिलाओं और धात्री माताओं के बेहतर स्वास्थ्य को लेकर अंबेडकरनगर प्रशासन की ओर से जागरूकता अभियान को गति दी जा रही है। सेवा संकल्प अभियान के तहत शनिवार को तहसील भीटी परिसर से पोषण जागरूकता रैली निकाली गई। जिलाधिकारी ईशा प्रिया ने रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
रैली में आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों, सहायिकाओं समेत बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया। रैली के माध्यम से संतुलित एवं पौष्टिक आहार के महत्व का संदेश दिया गया। लोगों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और बच्चों तथा महिलाओं के पोषण पर विशेष ध्यान देने के लिए जागरूक किया गया।
*चार गर्भवती महिलाओं की हुई गोद भराई*
कार्यक्रम के दौरान डीएम ईशा प्रिया की मौजूदगी में चार गर्भवती महिलाओं की गोद भराई की रस्म कराई गई। वहीं बच्चों का अन्नप्राशन संस्कार भी कराया गया। इस दौरान गर्भवती महिलाओं, धात्री माताओं और बच्चों के स्वास्थ्य तथा समुचित पोषण को लेकर आवश्यक जानकारी दी गई।
कार्यक्रम में आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों, सहायिकाओं और अन्य प्रतिभागियों को पोषण शपथ दिलाई गई। अधिकारियों ने कहा कि बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास के लिए पर्याप्त पोषण बेहद जरूरी है।
सेवा संकल्प अभियान के तहत सैम/मैम श्रेणी से स्वस्थ हुए तीन बच्चों काव्या, वंश और मो. आकिब को उनके अभिभावकों की मौजूदगी में प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। बच्चों का माल्यार्पण कर मिष्ठान वितरित किया गया।
डीएम ने बच्चों के स्वस्थ होने पर उनके अभिभावकों और स्वास्थ्य विभाग की टीम के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने बच्चों के पोषण और स्वास्थ्य की नियमित निगरानी पर जोर दिया।
कार्यक्रम स्थल पर विभिन्न विभागों की ओर से पोषण संबंधी स्टॉल लगाए गए। डीएम ईशा प्रिया ने स्टॉलों का अवलोकन कर स्थानीय स्तर पर उपलब्ध खाद्य पदार्थों से तैयार पौष्टिक व्यंजनों और रेसिपी की जानकारी ली।
उन्होंने लोगों से स्थानीय और आसानी से उपलब्ध खाद्य पदार्थों का अधिक से अधिक उपयोग कर पौष्टिक एवं संतुलित भोजन तैयार करने का आह्वान किया। कार्यक्रम के माध्यम से स्वच्छता, पोषण और स्वस्थ जीवनशैली के प्रति लोगों को जागरूक किया गया।
प्रशासन का जोर है कि जागरूकता के साथ पोषण संबंधी योजनाओं का लाभ पात्र परिवारों तक पहुंचे और बच्चों तथा महिलाओं में कुपोषण की स्थिति में लगातार सुधार हो।











