
अंबेडकर नगर। (आशा भारती नेटवर्क) उ०प्र० राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ द्वारा प्रेषित प्लान ऑफ एक्शन 2026-27 के अनुपालन में चंद्रोदय कुमार जनपद न्यायाधीश /अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, अम्बेडकरनगर के निर्देशानुसार आज दिनांक 14. 06.2026 को संयुक्त जिला चिकित्सालय, अकबरपुर, अम्बेडकरनगर में विश्व रक्तदाता दिवस के अवसर पर रक्तदान शिविर एवं जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस रक्तदान शिविर / जागरूकता कार्यक्रम में श्रीमती नीलम वर्मा, सचिव (पूर्णकालिक) जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, अम्बेडकरनगर, डा० पी०एन० यादव, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक, संयुक्त जिला चिकित्सालय, श्री सूरज गुप्ता, प्रबन्धक, संकल्प मानव सेवा संस्था, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के कर्मचारीगण, पराविधिक स्वंय सेवक संयुक्त जिला चिकित्सालय के कर्मचारीगण आदि द्वारा प्रतिभाग किया गया।
रक्तदान कार्यक्रम का उद्घाटन श्रीमती नीलम वर्मा, सचिव (पूर्णकालिक) जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, अम्बेडकरनगर द्वारा संयुक्त जिला चिकित्सालय में स्थित ब्लड बैंक यूनिट में डा० पी०एन० यादव, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक, संयुक्त जिला चिकित्सालय, के साथ संयुक्त रूप से फीता काटकर किया गया। इस अवसर पर स्वंय सेवी संस्थाओं के कार्यकर्ताओं, विभिन्न विभागों के कर्मचारीगण एवं आमजन द्वारा रक्तदान किया गया एवं उपस्थित सभी द्वारा रक्तदान हेतु शपथ भी ली गई।
जागरूकता शिविर/कार्यकम में श्रीमती नीलम वर्मा, सचिव (पूर्णकालिक) जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, अम्बेडकरनगर द्वारा बताया गया कि विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा प्रत्येक वर्ष 14 जून को विश्व रक्तदाता दिवस मनाया जाता है रक्त की आवश्यकता होने पर उसकी उपलब्धता हो एवं उसके लिये पैसे न देने पड़ें इसी उद्देश्य से हर वर्ष लोगों को जागरूक करने के लिये मनाया जाता है। विश्व रक्तदान दिवस, एबीओ रक्त समूह की खोज करने वाले नोबल पुरस्कार विजेता वैज्ञानिक कार्ल लैंडस्टीनर के जन्मदिवस के अवसर पर मनाया जाता है। वैज्ञानिक कार्ल की खोज से पहले तक ब्लड ट्रांसफयूजन बिना ग्रुप की जानकारी होता था। इस खोज के लिये उन्हे वर्ष 1930 में नोबल पुरस्कार से सम्मानित किया गया। इस वर्ष रक्तदाता दिवस की थीम है (मानवता की एक बूंद, रक्तदान करें, जीवन बचाएं) है, रक्तदान एक ही कार्य से किसी के जीवन पर पड़ने वाले शक्तिशाली प्रभाव को दर्शाता है। रक्त केवल एक भौतिक पदार्थ से कहीं अधिक है, यह देखभाल, एकजुटता और ठीक होने के वादे का प्रतीक है। इस वर्ष की थीम लोगों को नियमित और स्वैच्छिक रक्तदान के लिये प्रेरित करती है। यह एक हार्दिक अनुस्मारक के रूप में कार्य करता है कि दान किए गए रक्त की प्रत्येक इकाई के पीछे करुणा का संदेश और किसी के लिए जीने, ठीक होने और फिर से आशा करने का मौका है।
जागरूकता कार्यकम में डा० पी०एन० यादव, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक, संयुक्त जिला चिकित्सालय, अम्बेडकनगर द्वारा बताया गया कि विश्व में कई लोग सही समय पर रक्त न मिलने पर अपनी जान गवां देते है। कई परिवार ऐसे होते है जिनके पास पैसे की कमी होने के कारण वे अपने परिजनों की जान नहीं बचा पाते। ऐसी ही आपातकालीन परिस्थतियों में मुफत रक्तदान कर दूसरों की जान बचाने हेतु लोगों में जागरूकता उत्पन्न करने हेतु यह दिवस मनाया जाता है। इस अवसर पर विश्व के कई क्षेत्रों में विभिन्न प्रकार के जागरूकता अभियान चलाये जाते हैं। इस दिन अस्पतालों में लोगों को रक्तदान करने के लिये प्रेरित किया जाता है एवं रक्तदान की प्रक्रिया व रक्तदान किन्हे करना चाहिये और किन्हे नहीं इस विषय पर भी जानकारी दी जाती है। विश्व में रक्त की कमी को पूर्ण करने के लिये रक्तदाता दिवस मनाया जाता है इस अवसर पर रक्तदान को प्रोत्साहन देना एवं उससे जुड़ी भ्रांतियों को दूर करने पर विशेष बल दिया जाता है यह अभियान प्रत्येक वर्ष लाखों जाने बचाता है एवं रक्त प्राप्त करने वाले व्यक्ति को नया जीवन व उनके परिवारजन के चेहरे पर प्राकृतिक मुस्कुराहट लाता है।











