
(आशा भारती नेटवर्क)
अंबेडकर नगर। सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को स्वास्थ्य बिगड़ने के बाद अस्पताल ले जाने की कार्रवाई को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी के नेता महेंद्र यादव ने सोशल मीडिया पर जारी अपने बयान में केंद्र सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि लंबे समय से भूख हड़ताल पर बैठे सोनम वांगचुक को जिस तरीके से अस्पताल ले जाया गया, वह लोकतांत्रिक मूल्यों के अनुरूप नहीं है।महेंद्र यादव ने आरोप लगाया कि लोकतंत्र में शांतिपूर्ण विरोध-प्रदर्शन प्रत्येक नागरिक का संवैधानिक अधिकार है और आंदोलनों का समाधान बल प्रयोग के बजाय संवाद से निकाला जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस घटना से छात्र-युवा वर्ग में नाराजगी बढ़ी है और सरकार को जनभावनाओं का सम्मान करते हुए आंदोलनकारियों से बातचीत करनी चाहिए।
सपा नेता ने अपने बयान में कहा कि किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था में असहमति की आवाज़ को दबाने के बजाय उसे सुना जाना चाहिए। उन्होंने सरकार से आंदोलनकारियों की मांगों पर गंभीरता से विचार कर समाधान निकालने की अपील की।
वहीं, प्रशासन का कहना है कि सोनम वांगचुक की तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें आवश्यक चिकित्सकीय देखभाल के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों की निगरानी में उनका उपचार चल रहा है। सरकार की ओर से भी इसे स्वास्थ्य संबंधी आवश्यक कदम बताया गया है।गौरतलब है कि सोनम वांगचुक अपनी विभिन्न मांगों को लेकर लंबे समय से आंदोलन और भूख हड़ताल पर थे। इस घटनाक्रम के बाद सोशल मीडिया पर भी बहस तेज हो गई है और विभिन्न राजनीतिक दल अपनी-अपनी प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं।











