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पैतृक संपत्ति की जंग में परिवार ने दी आत्मदाह की धमकी, वीडियो वायरल

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Asha Bharti News

👉न्याय को भटकता रहा परिवार,विवादित कारखाने पर पीड़ित परिवार द्वारा चलाया गया हाईवोल्टेज ड्रामा, वीडियो वायरल*

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(आशा भारती नेटवर्क)
अंबेडकर नगर। अकबरपुर कोतवाली थाना क्षेत्र के अंतर्गत शाहजहांपुर निवासी कोतवाली क्षेत्र में पैतृक संपत्ति का विवाद अब विस्फोटक मोड़ पर पहुंच गया है। पिछले नौ माह से न्याय की आस में पुलिस अधीक्षक कार्यालय से लेकर जिलाधिकारी कार्यालय और अकबरपुर कोतवाली तक गुहार लगाता पीड़ित परिवार रविवार को अचानक
विवादित कारखाने पर पहुच गया। परिवार ने प्रशासन के खिलाफ जमकर आक्रोश व्यक्त किया और न्याय न मिलने पर आत्मदाह की चेतावनी दी। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
अकबरपुर नगर के मोहल्ला शाहजहांपुर निवासी मोहम्मद शमीम, सिरताज, नियाज और सद्दाम हुसैन पुत्रगण स्वर्गीय मोहम्मद सलीम ने पुलिस अधीक्षक को दिए शिकायती पत्र में आरोप लगाया है कि महानगर कॉलोनी ब्लॉक के सामने स्थित उनका पैतृक दुकान/कारखाना छह भाइयों की संयुक्त संपत्ति है। आरोप है कि माता-पिता की मृत्यु के बाद उनके दो भाई सिराज अहमद और मेराज अहमद ने पूरे कारखाने पर एकतरफा कब्जा कर लिया और अन्य भाइयों को उनके हिस्से से वंचित कर दिया।
पीड़ित परिवार का कहना है कि हिस्सेदारी की मांग करने पर उन्हें जान से मारने और असामाजिक तत्वों के जरिए गायब करा देने तक की धमकियां दी जाती हैं। इसके बावजूद बार-बार शिकायत करने पर भी प्रशासन ने कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की।
परिवार का दावा है कि 12 नवंबर 2025 को जिलाधिकारी के आदेश पर हल्का लेखपाल और पुलिस टीम ने मौके का निरीक्षण किया था। जांच में संपत्ति को छह भाइयों की संयुक्त संपत्ति बताते हुए बंटवारा होने तक विवादित कारखाने को बंद रखने की संस्तुति की गई थी। तत्कालीन थानाध्यक्ष ने दोनों पक्षों की मौजूदगी में कारखाने पर ताला भी लगवाया था, लेकिन पीड़ितों का आरोप है कि मात्र 13 दिन बाद एक पक्ष को लाभ पहुंचाते हुए ताला खुलवा दिया गया।
इतना ही नहीं, पीड़ितों का आरोप है कि 15 जुलाई 2026 को जब वे अपनी शिकायत लेकर अकबरपुर कोतवाली पहुंचे तो उन्हें सुबह 11 बजे से शाम 6 बजे तक हवालात में बैठाए रखा गया और शांतिभंग की कार्रवाई कर दी गई। बाद में एसडीएम न्यायालय से जमानत मिलने के बाद उन्हें रिहा किया गया।

रविवार को विवादित कारखाने पर पहुंचे सद्दाम हुसैन ने कहा कि वह पिछले नौ माह से बेरोजगार है एसपी कार्यालय, डीएम कार्यालय और अन्य अधिकारियों से बार-बार गुहार लगाने के बावजूद उन्हें सिर्फ आश्वासन मिला, न्याय नहीं। उन्होंने मांग की कि जब तक न्यायालय या आपसी सहमति से बंटवारा नहीं हो जाता, तब तक विवादित कारखाने पर दोनों पक्षों का ताला लगाकर यथास्थिति कायम रखी जाए।
मामले ने उस समय और सनसनीखेज मोड़ ले लिया, जब पीड़ित परिवार का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वीडियो में सद्दाम हुसैन अपने परिवार के साथ विवादित कारखाने पर पहुंचकर कथित रूप से आत्मदाह का प्रयास करते दिखाई दे रहे हैं। वीडियो में परिवार प्रशासन पर न्याय न देने का आरोप लगाते हुए कहते नजर आ रहे हैं कि यदि अब भी कार्रवाई नहीं हुई तो पूरा परिवार अपनी जान दे देगा। हालांकि, वायरल वीडियो की पुष्टि नहीं हो पाई है।
फिलहाल, इस मामले में पुलिस प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। वहीं, पीड़ित परिवार के आरोपों की आधिकारिक पुष्टि भी बाकी है। अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि प्रशासन इस संवेदनशील विवाद का समाधान कैसे करता है। यदि समय रहते निष्पक्ष हस्तक्षेप नहीं हुआ, तो मामला और गंभीर रूप ले सकता है।

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सोमवार, 14 सितंबर 2026

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