महेश चंद्र गुप्ता/अंबेडकर नगर 19 अगस्त 2026। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा शुरू की गई नई योजना भामाशाह भाव स्थिरता कोष के सहारे आलू किसानों को भी राहत मिलेगी। फसल के भाव गिरने पर सरकार की ओर से अनुदान देकर नुकसान की भरपाई की जाएगी। उद्यान विभाग के नवविकसित आनलाइन पोर्टल https://potato uphorticulture.in / का शुभारंभ हुआ है। जिला उद्यान अधिकारी ने बताया कि इस पोर्टल के माध्यम से भामाशाह भाव स्थिरता कोष योजना और निजी शीतगृहों में भंडारित आलू पर शुल्क में छूट व आलू बीज की खरीद पर अनुदान योजना का संचालन किया जाएगा।
1000 करोड़ के भामाशाह भाव स्थिरता कोष की स्थापना की गई है, जिसके लिए 100 करोड़ की टोकन धनराशि का प्रविधान किया गया है। भाव गिरने पर किसानों को निर्धारित लागत के 25 प्रतिशत या उत्पादन लागत और बिक्री मूल्य के अंतर (जो कम हो) के बराबर अनुदान मिलेगा। प्रति किसान अधिकतम दो हेक्टेयर और प्रति हेक्टेयर अधिकतम 240 किंटल पर अनुदान मिलेगा। किसानों को आनलाइन आवेदन करना होगा। अनुदान की राशि बैंक खाते में भेजी जाएगी। योजना का क्रियान्वयन एक जनवरी से 15 अप्रैल व एक जुलाई से 31 अक्टूबर के बीच होगा। आलू भंडारण प्रभार में छूट योजना के तहत 100 रुपये प्रति क्विटल की दर से प्रति किसान अधिकतम 20,000 रुपये तक अनुदान दिया जाएगा। विस्तृत जानकारी के लिए उद्यान विभाग में सम्पर्क किया जा सकता है।









