
अंबेडकर नगर 14 सितंबर 2026।(आशा भारती नेटवर्क) जिला उद्यान अधिकारी ने बताया कि खेती के कार्य में लगे किसानों की आर्थिक समृद्धि में मधुमक्खी (मौन) पालन मददगार साबित होगी। वित्तीय वर्ष 2026-27 में मधुमक्खी पालन योजना के तहत किसानों से पालन कराने की कवायद में उद्यान विभाग लगा है। यदि लोगों ने रुचि दिखाई तो मधुमक्खी पालन के जरिए उत्पादित होने वाले शहद से उनकी आर्थिक स्थिति सुधर सकती है। सबसे अहम यह है कि मौन पालन के लिए यूनिट स्थापना पर शासन की ओर से भारी-भरकम अनुदान राशि भी दी जा रही है। मधुमक्खियों द्वारा लगाए गए छत्ते को देखकर हर किसी का मन शहद के स्वाद को मचल उठता है। लेकिन, यदि इन्हीं मधुमक्खियों का पालन कर दिया जाय तो इनके शहद से होने वाली आमदनी से लोगों की आर्थिक स्थिति सुधरते देर नहीं लगेगी। एकीकृत बागवानी विकास मिशन योजना / मुख्यमंत्री राज्य औद्यानिक मिशन योजना (राज्य सेक्टर) के तहत जिले का लक्ष्य तय किया गया है। आनलाइन आवेदन कर योजना का लाभ प्राप्त किया जा सकता है। पेड़-पौधों से लेकर घरों मकानों पर यूनिट की स्थापना की जा सकती है। 3.20 लाख रुपये यूनिट के हिसाब से लागत आएगी। जिसमें 1.28 लाख रुपये अनुदान के रूप में दिया जाएगा।
मधुमक्खी पालन के लिए आठ-आठ फ्रेम के 50-50 बाक्स की मौन पालन यूनिट लगाने पर प्रति यूनिट की स्थापना पर आने वाले कुल लागत 3.20 लाख रुपये लाभार्थी को 40 प्रतिशत यानी 1.28 लाख रुपये अनुदान उनके बैंक खाते में दिए जाने की व्यवस्था सुनिश्चित है। जिले में दो यूनिट का लक्ष्य प्राप्त हुआ है। पहले आओ-पहले पाओ के अनुसार किसानों को लाभ दिया जाएगा।











