विश्वकर्मा जयंती पर मुख्यमंत्री ने किया विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के विस्तारित स्वरूप का शुभारंभ
कलेक्ट्रेट सभागार में सजीव प्रसारण के दौरान प्रभारी मंत्री ने लाभार्थियों को वितरित किए टूलकिट, ऋण डेमो चेक एवं प्रशस्ति पत्र
(आशा भारती नेटवर्क)
अंबेडकर नगर17 सितंबर 2026।
सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत विश्वकर्मा जयंती के अवसर पर इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान, लखनऊ से मा0 मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी द्वारा विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के विस्तारित स्वरूप का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम का सजीव प्रसारण कलेक्ट्रेट सभागार में किया गया, जिसे प्रभारी मंत्री ओम प्रकाश राजभर, विधान परिषद सदस्य हरिओम पाण्डेय,विधायक कटेहरी धर्मराज निषाद, जिलाधिकारी श्रीमती ईशा प्रिया, मुख्य विकास अधिकारी वैभव मिश्रा सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण एवं अधिकारियों द्वारा देखा एवं सुना गया।
इस अवसर पर प्रभारी मंत्री जी द्वारा विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के अंतर्गत हलवाई ट्रेड के 05 लाभार्थियों को उन्नत टूलकिट वितरित किए गए। साथ ही मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान के अंतर्गत 05 लाभार्थियों को ऋण हेतु डेमो चेक तथा श्रम विभाग के 05 लाभार्थियों को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर प्रभारी मंत्री जी एवं अन्य जनप्रतिनिधियों द्वारा केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा संचालित विभिन्न जन कल्याणकारी योजनाओं पर प्रकाश डाला गया तथा विश्वकर्मा श्रम सम्मान से लाभार्थियों को मिलने वाले लाभों पर सरकार की सराहना की गई।
*विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना में शामिल किए गए 14 नवीन ट्रेड*
उपायुक्त उद्योग ने बताया कि उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा परंपरागत हस्तशिल्पियों एवं कारीगरों के सामाजिक एवं आर्थिक उत्थान तथा उन्हें स्वरोजगार से जोड़ने के उद्देश्य से वर्ष 2018 में विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना लागू की गई थी। योजना की सफलता को देखते हुए भारत सरकार द्वारा भी इसे देशभर में लागू किया गया।
उन्होंने बताया कि वर्तमान में प्रदेश में योजना के अंतर्गत दर्जी, नाई, बढ़ई, लोहार, सोनार, राजमिस्त्री, कुम्हार, हलवाई, मोची, टोकरी बुनकर एवं धोबी सहित 11 ट्रेडों के कारीगरों को लाभान्वित किया जा रहा है। कारीगरों के व्यवसाय विस्तार, तकनीकी उन्नयन तथा बाजार की मांग के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण उत्पाद एवं सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से आज 17 सितंबर 2026 को योजना के विस्तारित स्वरूप में 14 नवीन ट्रेड शामिल किए गए हैं।
नवीन ट्रेडों में भरभूजा, मूर्तिकार, दूधवाला, मालाकार, मछुआरा, मोबाइल मरम्मत, ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक सामान की मरम्मत, इलेक्ट्रिक सामान की मरम्मत, प्लम्बर, कंप्यूटर मरम्मत, सोलर इंस्टालेशन, डिजिटल फोटोग्राफी तथा सौंदर्य एवं वेलनेस को शामिल किया गया है।
*प्रशिक्षण के साथ उन्नत टूलकिट एवं मानदेय की सुविधा*
उपायुक्त उद्योग ने बताया कि विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के विस्तारित स्वरूप में लाभार्थियों को ₹5,000 मानदेय, 10 दिवसीय निःशुल्क प्रशिक्षण तथा संबंधित ट्रेड की उन्नत टूलकिट उपलब्ध कराने का प्राविधान किया गया है। इससे पारंपरिक कारीगरों को आधुनिक तकनीक एवं कौशल से जोड़ते हुए उनके व्यवसाय को अधिक सुदृढ़ एवं प्रतिस्पर्धी बनाने में सहायता मिलेगी।
उन्होंने बताया कि योजना के अंतर्गत स्वरोजगार स्थापित करने के इच्छुक पात्र अभ्यर्थियों के लिए अधिकतम ₹10 लाख तक की परियोजनाओं पर 15 प्रतिशत अनुदान के साथ ब्याजमुक्त एवं गारंटीमुक्त ऋण उपलब्ध कराने का प्राविधान किया गया है। योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए किसी विशेष शैक्षिक योग्यता की अनिवार्यता नहीं है।
योजना के विस्तारित स्वरूप से परंपरागत कारीगरों एवं विभिन्न सेवा क्षेत्रों से जुड़े श्रमिकों को कौशल उन्नयन, आधुनिक उपकरण, वित्तीय सहायता एवं स्वरोजगार के अवसर प्राप्त होंगे, जिससे उनके सामाजिक एवं आर्थिक सशक्तीकरण को गति मिलेगी।









