कांग्रेस को असम में चुनावी झटका लगा है। SIR के खिलाफ प्रदर्शन के बीच पार्टी को सिलचर नगर निगम बनने के चुनाव में हार का सामना करना पड़ा। अब इस हार पर असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने तंज कसा है कि कांग्रेस बैलेट पेपर पर भी नहीं जीत सकती है।
क्या रहे नतीजे
कुल 42 वार्ड में से 40 वार्ड के लिए तीन अक्टूबर को मतदान हुआ था, जबकि वार्ड संख्या 9 और 20 से भाजपा उम्मीदवार बिजेंद्र प्रसाद सिंह व भक्ति सेन तालुकदार निर्विरोध निर्वाचित हुए थे। इनमें से भाजपा ने 32 और असम गण परिषद ने 2 सीटों पर जीत दर्ज की है। जबकि, कांग्रेस के खाते में 2 सीटें और निर्दलीय को 6 पर जीत मिली है।
बैलेट पेपर पर चुनाव चाहती है कांग्रेस
30 सितंबर को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा था कि INDIA गठबंधन को ईवीएम के बजाय मत पत्र से मतदान की व्यवस्था बहाल करने की मांग करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि चुनाव प्रणाली में लोगों का विश्वास और भरोसा बहाल करना जरूरी है। इसके अलावा उन्होंने प्रशासनिक खामियों, अपर्याप्त दस्तावेज या जागरूकता की कमी के कारण पात्र मतदाताओं के नाम हटने से सुरक्षा, ईवीएम के स्थान पर मत पत्र से मतदान, युवाओं और पहली बार मतदान करने वालों के लिए सरल पंजीकरण प्रक्रिया और ऐसी निर्वाचन संस्था की मांग की जो सभी राजनीतिक दलों का विश्वास हासिल कर सकें।
मांग दोहराई
खरगे ने सोमवार को कहा कि मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा, मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण को रद्द करना और मत पत्र के जरिए चुनाव कराना, ये तीन ऐसी प्रमुख मांगें हैं जिनसे उनकी पार्टी समझौता नहीं करेगी।
INDIA अलायंस का बड़ा प्रदर्शन
मंगलवार को राजधानी दिल्ली में विपक्ष ने INDIA गठबंधन के बैनर तले बड़ा प्रदर्शन किया था। बड़ी संख्या में सांसद और नेताओं ने निर्वाचन आयोग जाने के लिए पैदल मार्च की शुरुआत की थी, लेकिन सुरक्षा घेरे के चलते नीति आयोग के सामने रुक गए। उस दौरान राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा, केसी वेणुगोपाल, खरगे, अखिलेश यादव समेत कई बड़े मौजूद थे।
राहुल
हालांकि, बाद में राहुल ने सड़क से हटकर आकाशवाणी का रुख किया था और देर रात तक वहीं धरने पर बैठे रहे। रात में पुलिस ने उन्हें थोड़े समय के लिए हिरासत में लिया और फिर छोड़ दिया। तब प्रियंका गांधी उनके साथ थीं।


बैलेट पेपर पर हुआ चुनाव









