लखनऊ।(आशा भारती नेटवर्क) मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को यूपी कैबिनेट की बैठक की। इस दौरान 31 प्रस्ताव पेश हुए। इनमें से 30 पारित हुए। सबसे बड़ा फैसला फर्जी रजिस्ट्री को रोकने को लेकर हुआ। स्टांप पंजीयन मंत्री रवींद्र जायसवाल ने बताया- अब खतौनी और दस्तावेज की जांच के बाद ही जमीन की रजिस्ट्री की जाएगी। इससे कोई भी व्यक्ति फर्जी रजिस्ट्री नहीं कर सकेगा।
परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने कहा-मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना में निजी बसों को परमिट की आवश्यकता नहीं होगी। उन्हें परिवहन टैक्स भी नहीं देना होगा। निजी ऑपरेटर चाहे तो बस यूपी रोडवेज को अनुबंध पर भी दे सकता है।
उन्होंने बताया- ओला, उबर पर भी अब राज्य सरकार का नियंत्रण होगा। उन्हें अब परिवहन विभाग में रजिस्ट्रेशन कराना होगा। अब बिना मेडिकल, बिना पुलिस वेरिफिकेशन, बिना फिटनेस के कंपनी के वाहन नहीं चल सकेंगे। ओला, उबर के वाहनों की पूरी जानकारी ऐप में शामिल होगी।
12,200 गांव तक चलेंगी सरकारी बसें, CM परिवहन योजना को हरी झंडी
यूपी में मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना 2026 शुरू होने जा रही है। इसके जरिए 12 हजार 200 गांवों तक बस की सुविधा पहुंचाई जाएगी। परिवहन मंत्री ने बताया-
” प्रदेश में करीब 1 लाख गांवों में से 12,200 गांवों में अभी भी बस सुविधा नहीं है। इन गांवों में बस सुविधा पहुंचाने के लिए मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना लागू की जा रही है। योजना के तहत यूपी रोडवेज और प्राइवेट बसों का गांवों तक संचालन शुरू किया जाएगा।
योजना किस तरह जमीन पर उतरेगी?
मंत्री ने बताया- योजना के तहत गांवों में बसें संचालित करने वाले निजी ऑपरेटर्स को परमिट में भारी रियायत दी जाएगी या परमिट में पूरी तरह छूट दी जाएगी।
गांव से सुबह 6 बजे बस रवाना होगी, आसपास के रूट के 15-20 गांवों, ब्लॉक मुख्यालय होते हुए बस सुबह 10 बजे तक जिला मुख्यालय पहुंचेगी।
जिला मुख्यालय से बस शाम 4 बजे जिला मुख्यालय से बस शाम 4 बजे रवाना होकर उन्हीं गांवों से होते हुए वापस रात 8 बजे उसी गांव में पहुंचेगी, जहां से वह शुरू हुई थी।
इस सुविधा से ग्रामीणों को अपनी फसल ब्लॉक और जिला मुख्यालय तक पहुंचाने में आसानी होगी। किसानों, महिलाओं के साथ विद्यार्थियों को काफी फायदा होगा।


खतौनी और दस्तावेज की जांच









