अंबेडकर नगर। (आशा भारती नेटवर्क अकबरपुर मीरानपुर मुरादाबाद गासिया खातून सहित उसके चार बच्चों के नरसंहार में कथित हत्यारोपी आमिर के एनकाउंटर पर जहां सवाल उठने लगा है तो वही डीएम के अनुमोदन पर मजिस्ट्रेटी जांच के भी आदेश हो गए हैं। जहां आमिर के परिजनों एवं रिश्तेदारों ने पुलिस के एनकाउंटर पर कोई सवाल नहीं उठाया तो वही दुबई में रहकर मृतक गासिया खातून के पति नियाज़ ने पुलिस द्वारा किए गए एनकाउंटर पर सवाल उठा दिया हालांकि पति नियाज द्वारा उठाए गए सवाल को कुछ समाचार पत्रों ने प्रमुखता से छापा था यहां सवाल आम जनमानस में यह भी कौंध रहा है कि आमिर ने यह नरसंहार किस लालच या किस विवाद पर किया था। वही आमिर का खत्म होने से क्या कोई राज दफन हो गया जो कि लोगों के मन में अभी भी प्रश्न बना हुआ है ?।पुलिस ने जहां आमिर के पुराने आपराधिक रिकार्ड को देखकर एनकाउंटर कर यह साबित करने में भरसक प्रयास किया कि इस नरसंहार के पीछे आमिर के द्वारा ही किया गया यह कृत्य है लेकिन पुलिस द्वारा इस नरसंहार के पीछे कोई ठोस कारण ना बता पाना जो की एक पहेली बन गया है। यहां एक गौर करने लायक बातें यह भी है कि पूर्व में आपराधिक रिकॉर्ड आमिर का देखा जाए तो आमिर द्वारा जितना भी घटना किया गया है वह साइको से ग्रसित ही व्यक्ति कर सकता है क्योंकि शहजादपुर निवासी बर्तन व्यवसाई के पुत्र के हत्या में आरोपी आमिर द्वारा मात्र छोटी मोटी कहासुनी के दौरान बाद के दूसरे दिन बर्तन व्यवसाई के नाबालिक पुत्र डेड बॉडी बोरे में भरी हुई तमसा नदी में मिली थी दूसरी घटना जिसमें आमिर 376 का आरोपी है और जेल भी जा चुका था एक महिला द्वारा बकरी चराया जा रहा था यहां पर भी छोटी मोटी कहासुनी पर रेप जैसे घटना कारित हो गया इससे अंदाजा लगाया जा सकता था की आमिर साइको से ग्रसित था यही नहीं आमिर की परिजन भी उसके किए गए कृत्य से काफी परेशान रहते थे जिसका उदाहरण आमिर का एनकाउंटर होने के बाद परिजनों द्वारा डेड बॉडी न लेने और जनाजे में न शामिल होने का फैसला भी ले लिया। ऐसे में आम जनमानस में जहां आमिर द्वारा अब तक किए गए कृत्य पर पुलिस द्वारा किए गए कार्रवाई को जायज ठहरा रहे हैं तो वहीं ग़सिया खातून और उसके चार बच्चों का नरसंहार क्यों हुआ जो की एक पहेली बना हुआ है। ऐसी कई पहेली को देखते हुए अंदेशा लगाया जा रहा है कि जिला प्रशासन ने मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश दे दिए हैं।











