

अंबेडकर नगर 20 म ई 2026।(आशा भारती नेटवर्क) जिला कारागार में बन्दियों के मानवाधिकार, अधिकार एवं बन्दियों को दी जाने वाली निःशुल्क विधिक सहायता के सम्बन्ध में श्रीमती नीलम वर्मा, सचिव (पूर्णकालिक) जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, अम्बेडकरनगर द्वारा विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन एवं जिला कारागार का निरीक्षण किया गया।
इस विधिक साक्षरता शिविर में शिव मूरत सिंह कारागार अधीक्षक सूर्यभान सरोज, डिप्टी जेलर तेजवीर सिंह, डिप्टी जेलर, सुश्री शीतल जैसवाल, डिप्टी जेलर दिग्विजय प्रताप सिंह, चिकित्साधिकारी, कारागार चिकित्सालय, जि०वि०से० प्रा० के कर्मचारी, पी०एल०वी० तथा जिला कारागार अम्बेडकरनगर के कर्मचारीगण एवं बन्दियों द्वारा प्रतिभाग किया गया।
शिविर को सम्बोधित करते हुये श्रीमती नीलम वर्मा, सचिव (पूर्णकालिक) जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, अम्बेडकरनगर द्वारा बन्दियों को निःशुल्क विधिक सहायता, उनके मानवाधिकारों एवं अधिकारों के सम्बन्ध में विस्तृत जानकारी प्रदान की गई तथा राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार बन्दियों हेतु संचालित निःशुल्क विधिक सेवाओं के विषय में बताया गया एवं जेलर जिला कारागार अम्बेडकरनगर को निर्देशित किया गया कि यदि बीएनएसएस 479 से सम्बन्धित कोई भी विचाराधीन बन्दी जिला कारागार अम्बेडकरनगर में बन्द है तो उनकी सूचना एवं ऐसे बन्दी जिनकी जमानत न्यायालय से हो चुकी है परन्तु वह जमानतदार के अभाव में कारागार से रिहा नहीं हो पा रहा है तो उसकी सूचना से जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, अम्बेडकरनगर को ससमय अवगत करायें जिससे आवश्यक कार्यवाही करते हुये सम्बन्धित बन्दी को रिहाई का प्रयास किया जा सके।

कारागार निरीक्षण के दौरान श्रीमती नीलम वर्मा, सचिव (पूर्णकालिक) जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, अम्बेडकरनगर द्वारा बन्दियों से वार्ता करते हुये भोजन व स्वास्थय के सम्बन्ध में पूछा गया तथा उनके मुकदमे की स्थिति निःशुल्क अधिवक्ताओं द्वारा की जा रही पैरवी के सम्बन्ध में जानकारी ली गई एवं बन्दियों से पूछा गया कि क्या उनकी बात टेलीफोन के माध्यम से घर करवाई जाती है तो कई बन्दियों द्वारा बताया गया कि उनकी बात घरवालों से हो पा रही है। सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा कारागार अधीक्षक को निर्देशित किया गया कि बन्दियों को समय-समय पर घरवालों से बात करवाने हेतु उचित व्यवस्था करवाना सुनिश्चित करें तथा जेलर को परिसर की स्वच्छता पर विशेष ध्यान दिये जाने हेतु निर्देशित किया गया एवं बन्दियों की अस्वस्थता की अवस्था में अविलम्ब चिकित्सा सुविधा दिलवाये जाने हेतु एवं बढ़ती गर्मी से बचाव हेतु आवश्यकतानुसार, पंखे कूलर, पीने के लिये शुद्ध व ठण्डा पेयजल की व्यवस्था किये जाने हेतु निर्देशित किया गया एवं कहा गया कि यदि किसी भी बन्दी को निःशुल्क विधिक सहायता अथवा निःशुल्क अधिवक्ता की आवश्यकता है तो जिला विधिक सेवा प्राधिकरण में प्रार्थना पत्र प्रेषित कर सहायता प्राप्त कर सकते हैं।










